Basant Panchami 2026: मां सरस्वती की पूजा का पावन अवसर, इस दिन मनाया जाएगा उत्सव
लखनऊ, 19 जनवरी 2026: हिंदू धर्म में Basant Panchami 2026 एक विशेष महत्व रखता है। यह त्योहार माघ मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि पर पड़ता है और ज्ञान, बुद्धि, संगीत तथा कला की अधिष्ठात्री देवी मां सरस्वती को समर्पित होता है। साथ ही यह बसंत ऋतु के स्वागत का भी प्रतीक है, जब प्रकृति में नए रंग और उमंग का संचार होता है।
Basant Panchami 2026 की तिथि एवं समय
वैदिक पंचांग और विभिन्न ज्योतिष स्रोतों के अनुसार, माघ शुक्ल पंचमी तिथि 23 जनवरी 2026 (शुक्रवार) को सुबह लगभग 2:28-2:29 बजे शुरू होकर 24 जनवरी को सुबह 1:45-1:46 बजे तक रहेगी। उदया तिथि (सूर्योदय वाली तिथि) के आधार पर Basant Panchami 2026 मुख्य रूप से 23 जनवरी को ही मनाई जाएगी।
- सरस्वती पूजा का प्रमुख शुभ मुहूर्त: अधिकांश पंचांगों में सुबह 7:13 बजे से दोपहर 12:33 बजे तक, या कुछ स्थानों पर 7:15 बजे से 12:50 बजे तक का समय सर्वोत्तम माना गया है। यह करीब 5 घंटे का शुभ काल होता है।
- अन्य उल्लेखनीय मुहूर्त: कुछ क्षेत्रों में सुबह 9:53 से 11:13 बजे तक या 6:43 से 12:15 बजे तक का समय भी शुभ बताया गया है। स्थानीय पंचांग या ज्योतिषी से सटीक जानकारी अवश्य लें, क्योंकि मुहूर्त स्थान और पंचांग के अनुसार थोड़ा अलग हो सकता है।
- अबूझ मुहूर्त का विशेष महत्व: इस दिन को अबूझ मुहूर्त कहा जाता है, अर्थात बिना अतिरिक्त ज्योतिष गणना के विवाह, मुंडन, गृह प्रवेश, शिक्षा आरंभ जैसे शुभ कार्य किए जा सकते हैं।
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Basant Panchami 2026 का महत्व एवं उत्सव
यह पर्व अज्ञानता के अंधकार को दूर कर ज्ञान के प्रकाश का संदेश देता है। मान्यता है कि इसी दिन मां सरस्वती का अवतरण हुआ था। पीला रंग इस त्योहार का मुख्य रंग है, जो बसंत की ऊर्जा और देवी सरस्वती से जुड़ा होता है। लोग पीले वस्त्र पहनते हैं, पीले फूल चढ़ाते हैं और केसरिया व्यंजन जैसे हलवा का प्रसाद ग्रहण करते हैं।
स्कूल-कॉलेजों में किताबों, कलम और वाद्ययंत्रों की पूजा होती है। छोटे बच्चों का अक्षरारंभ इसी दिन किया जाता है। पूर्वी भारत, खासकर बंगाल, बिहार और उत्तर प्रदेश में यह उत्सव बड़े स्तर पर मनाया जाता है, जहां सांस्कृतिक कार्यक्रम, भजन और कीर्तन का आयोजन होता है।
सरस्वती पूजा की सरल विधि
- सुबह स्नान कर पीले या सफेद वस्त्र धारण करें।
- पूजा स्थल पर मां सरस्वती की मूर्ति या चित्र स्थापित करें।
- पीले फूल, अक्षत, फल, मिठाई, किताबें और लेखनी चढ़ाएं।
- मंत्र जपें: “ॐ ऐं सरस्वत्यै नमः” या सरस्वती वंदना का पाठ करें।
- पूजा समाप्ति पर प्रसाद वितरित करें और ज्ञान-बुद्धि की प्रार्थना करें।
Basant Panchami 2026 नई शुरुआत, सकारात्मकता और विद्या प्राप्ति का सुंदर अवसर है। सभी भक्तों को इस पावन त्योहार की हार्दिक शुभकामनाएं! यदि आपको स्थानीय मुहूर्त, विशेष मंत्र या राशि-आधारित जानकारी चाहिए, तो बताएं।
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