Latehar Bus Accident में सड़कों पर मौत का तांडव: अबतक 10 की मौत, दर्जनों घायल सिस्टम पर उठे गंभीर सवाल, अंधेरी नगरी चौपट राजा झारखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था…

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Latehar Bus Accident: महुआडांड़ (झारखंड) ओरसा घाटी में रविवार को हुआ भीषण बस हादसा अब केवल एक सड़क दुर्घटना नहीं रह गया है, बल्कि यह सरकारी तैयारियों, स्वास्थ्य व्यवस्था और प्रशासनिक संवेदनहीनता का आईना बन गया है। हादसे में अब तक 10 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि दर्जनों घायल आज भी विभिन्न अस्पतालों में जीवन और मौत के बीच संघर्ष कर रहे हैं।

यह घटना Latehar Bus Accident उन तमाम दावों पर सवाल खड़े करती है, जिनमें दूरदराज और पहाड़ी इलाकों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं की बात कही जाती है।दुर्घटना के तुरंत बाद मौके पर ही रेशांति देवी, प्रेमा देवी, सीता देवी, सोनामति देवी और सुखना भुईयां की दर्दनाक मौत हो गई। स्थानीय लोगों के अनुसार हादसा इतना भयावह था कि प्रारंभिक बचाव कार्य में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।

Latehar Bus Accident: इसके बाद मौतों का सिलसिला अस्पतालों तक पहुंच गया।विजय नागेसिया ने महुआडांड़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में इलाज के दौरान दम तोड़ा। लिलावती देवी की मौत लातेहार सदर अस्पताल में हुई, जबकि फगुआ राम और रमेश पनिका ने गुमला सदर अस्पताल में इलाज के दौरान अंतिम सांस ली। सोमवार सुबह छत्तीसगढ़ के होलीक्रॉस हॉस्पिटल अंबिकापुर में गंभीर रूप से घायल परशुराम सोनवानी की भी मौत हो गई।

Latehar Bus Accident: सभी मृतक छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले के पीपरसोट गांव के निवासी थे।एक ही गांव से 10 लोगों की मौत ने इस हादसे को साधारण दुर्घटना से कहीं आगे, सामूहिक त्रासदी में बदल दिया है। गांव में मातम पसरा हुआ है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

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Latehar Bus Accident: घायल, रेफर और भटकाव

Latehar Bus Accident: पोस्टमार्टम में राहत, इलाज में नाकामी

Latehar Bus Accident: प्रशासन ने मानवीय पहल करते हुए महुआडांड़ में ही 7शवों का पोस्टमार्टम कराया, जिससे पीड़ित परिवारों को लातेहार जिला मुख्यालय जाने से राहत मिली। पोस्टमार्टम डॉ. अकलेश्वर प्रसाद, डॉ. सरवन कुमार महतो और डॉ. सुनील कुमार भगत की संयुक्त टीम ने किया। पंचनामा थाना प्रभारी मनोज कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम द्वारा तैयार किया गया।हालांकि, स्थानीय लोगों का कहना है कि यह राहत इलाज में हुई भारी चूक की भरपाई नहीं कर सकती।

Latehar Bus Accident: ग्रामीणों में आक्रोश

प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. अमित खलखो ने स्वीकार किया कि महुआडांड़ सीएचसी में न पर्याप्त डॉक्टर हैं, न नर्सिंग स्टाफ और न ही जरूरी संसाधन। ग्रामीणों का आरोप है कि हर बड़े हादसे के बाद केवल निरीक्षण और बयानबाजी होती है, लेकिन स्थायी समाधान नहीं निकलता।

Latehar Bus Accident- ग्रामीणों की प्रमुख मांगें है

1.महुआडांड़ सीएचसी में स्थायी पोस्टमार्टम हॉल

2.पर्याप्त डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ की नियुक्ति

3.ट्रॉमा व आपातकालीन चिकित्सा सुविधाओं की व्यवस्था

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो महुआडांड़ की सड़कों पर मौत का यह सिलसिला यूं ही जारी रहेगा और जवाबदेही केवल कागजों तक सिमट कर रह जाएगी।

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