shankaracharya avimukteshwaranand को नोटिस हिंदू धर्म पर हमला : कांग्रेस

shankaracharya avimukteshwaranand press conference

shankaracharya avimukteshwaranand press conference

नई दिल्ली | 20 जनवरी

कांग्रेस ने प्रयागराज माघ मेले के दौरान कथित दुर्व्यवहार के बाद ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य स्वामी shankaracharya avimukteshwaranand सरस्वती को नोटिस दिए जाने पर कड़ी आपत्ति जताई है। पार्टी ने इसे सीधे तौर पर हिंदू धर्म और उसकी परंपराओं पर हमला करार दिया है।

कांग्रेस कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में पार्टी के मीडिया एवं पब्लिसिटी विभाग के चेयरमैन और वरिष्ठ प्रवक्ता पवन खेड़ा ने कहा कि उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार द्वारा आधी रात को shankaracharya avimukteshwaranand को नोटिस भेजना और यह कहना कि सरकार उन्हें शंकराचार्य नहीं मानती, घोर अहंकार और असंवेदनशीलता का उदाहरण है।जैसे ICC T20 World Cup 2026 से जुड़ी खबरें, उसी तरह इस फिल्म की हर अपडेट दर्शकों के लिए अहम बनी हुई है।

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हिंदू समाज को आहत करने वाला कदम : पवन खेड़ा

पवन खेड़ा ने कहा कि इस पूरे घटनाक्रम से हिंदू समाज आहत और आक्रोशित है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि हिंदू समाज इस व्यवहार को कभी माफ नहीं करेगा।

उन्होंने बताया कि मौनी अमावस्या के अवसर पर प्रयागराज माघ मेले में शाही स्नान के लिए जा रहे shankaracharya avimukteshwaranand की पालकी को पुलिस ने रोक दिया। इस दौरान हुई धक्का-मुक्की और कथित मारपीट में उनके कई शिष्यों को चोटें आईं। इसके विरोध में शंकराचार्य पिछले 48 घंटों से कड़ाके की ठंड में बिना अन्न-जल के धरने पर बैठे हैं। जैसे Gautami Naik biography से जुड़ी जानकारी पाठकों को आकर्षित करती है।

कौन शंकराचार्य है, यह सरकार तय नहीं कर सकती

कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि माफी मांगने के बजाय उत्तर प्रदेश प्रशासन ने आधी रात को नोटिस भेजकर यह सवाल किया कि स्वामी अभिमुक्तेश्वरानंद अपने नाम के आगे शंकराचार्य क्यों लिखते हैं। उन्होंने इसे “विनाश काले विपरीत बुद्धि” बताते हुए कहा कि कोई जिलाधिकारी या मुख्यमंत्री यह तय नहीं कर सकता कि कौन शंकराचार्य है। यह सनातन परंपरा और धर्म का आंतरिक विषय है। उदाहरण के लिए Nitin Nabin caste को लेकर लोगों की रुचि रहती है, वैसे ही इस फिल्म का बैकग्राउंड भी लोगों का ध्यान खींच रहा है।

सरकार की नीतियों पर सवाल उठाने का नतीजा ?

पवन खेड़ा ने आरोप लगाया कि जब तक shankaracharya avimukteshwaranand भाजपा के एजेंडे पर सवाल नहीं उठाते थे, तब तक उन्हें शंकराचार्य माना जाता था। लेकिन जैसे ही उन्होंने राम मंदिर की अधूरी प्राण प्रतिष्ठा, महाकुंभ की अव्यवस्थाओं और सरकार की नीतियों की आलोचना की, उन्हें शाही स्नान से रोका गया और उनकी वैधता पर सवाल खड़े किए गए।  जैसे अंतरिक्ष मिशन से जुड़ी जानकारी NASA Artemis II launch pad में देखने को मिलती है।

संविधान और सुप्रीम कोर्ट के फैसले का उल्लंघन

कांग्रेस ने 1954 के शिरूर मठ मामले का हवाला देते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि मठों की परंपराओं और संचालन में सरकार हस्तक्षेप नहीं कर सकती। पवन खेड़ा ने आधी रात को भेजे गए नोटिस को संविधान के अनुच्छेद 25 और 26 का उल्लंघन बताया। से उम्मीदवार CCRAs Exam Answer Key 2026 देखकर अपने परिणाम का आकलन करते हैं।

संतों से कागज मांग रही है सरकार : कांग्रेस

कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि अब तक भाजपा सरकार मुसलमानों से कागज मांगती थी, अब हिंदू संतों और shankaracharya avimukteshwaranand जैसे धर्मगुरुओं से कागजात मांगे जा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता समर्थक संगठनों को विशेष सुरक्षा और सुविधाएं दी जाती हैं, जबकि संतों के साथ दुर्व्यवहार किया जा रहा है।

पवन खेड़ा ने कहा कि पिछले 48 घंटों में उत्तर प्रदेश में जो घटनाएं हुई हैं, उससे न केवल देश बल्कि दुनिया भर में हिंदू समाज आहत और नाराज है।

FAQs

Q1. shankaracharya avimukteshwaranand को नोटिस क्यों दिया गया?
उत्तर: कांग्रेस के अनुसार प्रयागराज माघ मेले की घटनाओं के बाद यूपी प्रशासन ने शंकराचार्य को नोटिस भेजा, जिस पर विवाद खड़ा हुआ।

Q2. कांग्रेस ने इस नोटिस पर क्या कहा?
उत्तर: कांग्रेस ने इसे हिंदू धर्म और परंपराओं पर हमला बताते हुए भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए।

Q3. पवन खेड़ा ने किन संवैधानिक प्रावधानों का हवाला दिया?
उत्तर: उन्होंने संविधान के अनुच्छेद 25 और 26 तथा शिरूर मठ मामले के सुप्रीम कोर्ट फैसले का उल्लेख किया।

Q4. shankaracharya avimukteshwaranand से जुड़ा विवाद क्यों अहम है?
उत्तर: यह मामला धार्मिक स्वतंत्रता, राज्य हस्तक्षेप और संत परंपराओं से जुड़ा हुआ है।