Dhullu Mahto ने संविदा श्रमिकों के कल्याण और सामाजिक स्वास्थ्य सुरक्षा को लेकर केंद्र सरकार से की बड़ी मांग
संविदा श्रमिकों के हक में आवाज Dhullu Mahto ने केंद्र से की बड़ी मांग
Jharkhand समेत देशभर के Important News पायें, Group Join करें
नई दिल्ली/धनबाद।* धनबाद लोकसभा क्षेत्र से सांसद Dhullu Mahto ने देशभर के संविदा श्रमिकों (Contractual Workers) के कल्याण और सामाजिक स्वास्थ्य सुरक्षा को लेकर केंद्र सरकार से ठोस कदम उठाने की मांग की है। इस संबंध में उन्होंने केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री को पत्र लिखकर संविदा श्रमिकों की कठिन परिस्थितियों और उनके अधिकारों पर गंभीरता से विचार करने का अनुरोध किया है।
देश के औद्योगिक विकास की रीढ़ हैं संविदा श्रमिक : Dhullu Mahto
अपने पत्र में Dhullu Mahto ने कहा है कि कोयला, इस्पात, बिजली, निर्माण और अन्य औद्योगिक क्षेत्रों में कार्यरत संविदा श्रमिक देश की औद्योगिक प्रगति में अहम भूमिका निभा रहे हैं। ये श्रमिक अत्यंत जोखिमपूर्ण परिस्थितियों में काम करते हैं, बावजूद इसके उन्हें स्थायी कर्मचारियों के समान सामाजिक और स्वास्थ्य सुरक्षा नहीं मिल पाती।
स्थायी कर्मियों के समान कार्य, लेकिन सुविधाओं में भेदभाव
Dhullu Mahto ने चिंता जताते हुए कहा कि संविदा श्रमिक स्थायी कर्मचारियों के समान कार्य करते हैं, फिर भी उन्हें चिकित्सा सुविधा, बीमा और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का समुचित लाभ नहीं दिया जाता। इससे न केवल उनके जीवन स्तर पर असर पड़ता है, बल्कि औद्योगिक कार्यस्थलों पर असमानता भी बढ़ती है।
सेल (SAIL) बोकारो स्टील प्लांट का उदाहरण
सांसद Dhullu Mahto ने पत्र में सेल (SAIL) के अंतर्गत बोकारो स्टील प्लांट का विशेष उल्लेख करते हुए कहा कि वहां हजारों संविदा श्रमिक खतरनाक औद्योगिक उत्पादन कार्यों में लगे हुए हैं। इन श्रमिकों के बिना संयंत्र का संचालन संभव नहीं है, लेकिन उन्हें स्वास्थ्य सुविधाओं और सामाजिक सुरक्षा में लगातार कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
Jharkhand समेत देशभर के Important News पायें, Group Join करें
संविदा श्रमिकों का योगदान अमूल्य
Dhullu Mahto ने कहा कि संविदा श्रमिकों की उत्पादकता और योगदान को नकारा नहीं जा सकता, फिर भी वे आज भी जीवन की बुनियादी सुविधाओं और सुरक्षा से वंचित हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि इन श्रमिकों का कल्याण केवल प्रशासनिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि एक नैतिक दायित्व भी है।
समान सामाजिक स्वास्थ्य सुरक्षा की मांग
पत्र के माध्यम से Dhullu Mahto ने मांग की है कि संविदा श्रमिकों को भी स्थायी कर्मचारियों की तरह:
- सामाजिक स्वास्थ्य सुरक्षा
- उचित चिकित्सा सुविधाएं
- स्वास्थ्य बीमा और कल्याणकारी योजनाओं का लाभ
दिया जाए, ताकि वे और उनके परिवार सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन जी सकें।
केंद्र सरकार से त्वरित कार्रवाई की अपील
Dhullu Mahto ने केंद्रीय श्रम मंत्रालय से आग्रह किया है कि इस विषय पर तत्काल प्रभावी उपाय शुरू किए जाएं और संविदा श्रमिकों के लिए एक समान सामाजिक स्वास्थ्य सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।