Jharkhand Government का बड़ा फैसला : खिलाड़ियों को मिलेगी पेंशन, हर महीने 5 से 20 हजार रुपये

खिलाड़ियों को मिलेगी पेंशन, हर महीने 5 से 20 हजार रुपये

खिलाड़ियों को मिलेगी पेंशन, हर महीने 5 से 20 हजार रुपये

Jharkhand समेत देशभर के Important News पायें, Group Join करें

राज्य के खिलाड़ियों के लिए झारखंड सरकार ने एक ऐतिहासिक और सराहनीय कदम उठाया है। सरकार ने ऐलान किया है कि अब राज्य के पदक विजेता और उत्कृष्ट खिलाड़ियों को मासिक पेंशन दी जाएगी। इस फैसले के तहत पात्र खिलाड़ियों को हर महीने 5,000 से 20,000 रुपये तक की पेंशन प्रदान की जाएगी। इस योजना का उद्देश्य खेल जगत में योगदान देने वाले खिलाड़ियों को आर्थिक सुरक्षा देना और खेलों को प्रोत्साहित करना है।

खिलाड़ियों के सम्मान और सुरक्षा की पहल

Government of Jharkhand का मानना है कि खेलों में राज्य और देश का नाम रोशन करने वाले खिलाड़ी अक्सर अपने करियर के बाद आर्थिक चुनौतियों का सामना करते हैं। नई पेंशन योजना के जरिए ऐसे खिलाड़ियों को सम्मानजनक जीवन जीने में मदद मिलेगी। सरकार का यह कदम खिलाड़ियों के प्रति कृतज्ञता और दीर्घकालिक समर्थन का प्रतीक माना जा रहा है।

कितनी होगी पेंशन राशि

सरकारी घोषणा के अनुसार, खिलाड़ियों को उनकी उपलब्धियों और श्रेणी के आधार पर पेंशन दी जाएगी।

  • राष्ट्रीय स्तर के पदक विजेता खिलाड़ियों को अधिक पेंशन
  • राज्य स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को निर्धारित न्यूनतम पेंशन

पेंशन राशि ₹5,000 से ₹20,000 प्रति माह के बीच तय की गई है। इससे सेवानिवृत्त या सक्रिय खेल करियर के बाद के दौर में खिलाड़ियों को आर्थिक राहत मिलेगी।

Jharkhand समेत देशभर के Important News पायें, Group Join करें

किन खिलाड़ियों को मिलेगा लाभ

खेल संस्कृति को मिलेगा बढ़ावा

खेल विशेषज्ञों का मानना है कि इस फैसले से झारखंड में खेल संस्कृति को मजबूती मिलेगी। युवा खिलाड़ियों को यह संदेश जाएगा कि सरकार उनके भविष्य को लेकर गंभीर है। इससे अभिभावकों का भरोसा भी बढ़ेगा और अधिक बच्चे खेलों को करियर विकल्प के रूप में अपनाने के लिए प्रेरित होंगे।

पहले से चल रही योजनाओं से जुड़ेगा लाभ

झारखंड सरकार पहले ही खिलाड़ियों को प्रोत्साहन राशि, नौकरी में आरक्षण और पुरस्कार जैसी सुविधाएं देती रही है। पेंशन योजना के लागू होने से यह समर्थन और मजबूत होगा। सरकार का कहना है कि खेलों के बुनियादी ढांचे और प्रशिक्षण सुविधाओं के साथ-साथ खिलाड़ियों की सामाजिक सुरक्षा भी उतनी ही जरूरी है।

निष्कर्ष