Congress News : हिरासत में लिए गए यूथ कांग्रेस नेताओं के समर्थन में उतरे कांग्रेस सांसद, सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
हिरासत में लिए गए यूथ कांग्रेस नेताओं के समर्थन में उतरे कांग्रेस सांसद
नई दिल्ली, 23 फरवरी। Congress News के तहत आज राजधानी में सियासी हलचल उस समय तेज हो गई जब कांग्रेस सांसदों ने एआई समिट के दौरान शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने पर यूथ कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिए जाने की कड़ी निंदा की। पार्टी का कहना है कि यह कार्रवाई लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन है।
कांग्रेस कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में सांसद शशिकांत सेंथिल, हरीश चंद्र मीना, कैप्टन विरियाटो फर्नांडिस, वरुण चौधरी, श्रेयस एम पटेल और अनिल यादव ने केंद्र सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि एआई समिट के दौरान किया गया विरोध प्रदर्शन किसी प्रकार का व्यवधान नहीं था, बल्कि देश के करोड़ों बेरोजगार युवाओं की आवाज़ था।
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शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर कार्रवाई का आरोप
कांग्रेस सांसदों के मुताबिक, यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बेरोजगारी और अन्य लंबित मुद्दों को उठाने के लिए लोकतांत्रिक तरीके से विरोध दर्ज कराया। उनका आरोप है कि सरकार ने संसद में भी इन मुद्दों पर चर्चा से परहेज किया और अब शांतिपूर्ण प्रदर्शन को भी अपराध की तरह देखा जा रहा है।
सांसदों ने प्रधानमंत्री Narendra Modi पर निशाना साधते हुए कहा कि देश के डेटा और युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि युवाओं को अब वास्तविक स्थिति समझ में आ रही है।
कई राज्यों में हिरासत और छापेमारी
कांग्रेस सांसद शशिकांत सेंथिल ने बताया कि दिल्ली में चार यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया है, जिनमें गैर-जमानती धाराएं भी शामिल हैं। इसके अलावा मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में भी कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया।
उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली में यूथ कांग्रेस कार्यालय के बाहर भारी पुलिस बल तैनात किया गया और विभिन्न स्थानों पर छापेमारी की गई। सोशल मीडिया अकाउंट्स की जांच, पोस्टर जब्ती और प्रिंटिंग प्रेस पर कार्रवाई को लेकर भी सवाल उठाए गए।
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“प्रधानमंत्री कॉम्प्रोमाइज्ड हैं” नारे पर विवाद
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि ‘प्रधानमंत्री कॉम्प्रोमाइज्ड हैं’ नारे से सरकार असहज हो गई है। उन्होंने सवाल किया कि क्या एक नारे से सरकार इतनी भयभीत हो सकती है? सांसदों ने यह भी आरोप लगाया कि जिला स्तर के पदाधिकारियों और कुछ कार्यकर्ताओं के परिजनों को भी पूछताछ के लिए बुलाया गया।
कांग्रेस की मांगें
कांग्रेस सांसदों ने मांग की कि:
- शांतिपूर्ण असहमति को अपराध की श्रेणी में रखना बंद किया जाए।
- दर्ज एफआईआर और गिरफ्तारी का पूरा विवरण सार्वजनिक किया जाए।
- सीसीटीवी फुटेज जारी किया जाए, जिसके आधार पर गंभीर धाराएं लगाई गई हैं।
- हिरासत में लिए गए सभी कार्यकर्ताओं को तुरंत कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जाए।
वहीं कांग्रेस के संगठन महासचिव K. C. Venugopal ने भी हिरासत की निंदा करते हुए कहा कि विरोध प्रदर्शन लोकतंत्र की आत्मा है। उन्होंने सभी कार्यकर्ताओं की तत्काल रिहाई और आरोप वापस लेने की मांग की।
Congress News के इस घटनाक्रम ने एक बार फिर केंद्र सरकार और विपक्ष के बीच टकराव को तेज कर दिया है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक बहस और तेज होने की संभावना है।