झारखंड में अप्रैल से शुरू होगा गहन मतदाता पुनरीक्षण, मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने दी जानकारी

Sir In Jharkhand

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रांची : Sir In Jharkhand को लेकर बड़ी प्रशासनिक तैयारी शुरू हो चुकी है। झारखंड में अप्रैल 2026 से मतदाता गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) की प्रक्रिया प्रारंभ होगी। राज्य के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने बताया कि चुनाव आयोग के निर्देश पर सभी प्रारंभिक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और यह कार्यक्रम राज्य में एक ही चरण में संपन्न कराया जाएगा।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी के अनुसार यह देश का नौवां एसआईआर (Sir In Jharkhand) होगा। इससे पहले आठ बार गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है। इस बार अप्रैल से राज्य के सभी मतदाताओं की पहचान सुनिश्चित करने के लिए डोर-टू-डोर सत्यापन अभियान चलाया जाएगा। बीएलओ स्तर से लेकर राज्य स्तर तक प्रशासनिक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।

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अन्य राज्यों से आए आवेदनों की जांच में फर्जी दस्तावेज उजागर

चुनाव आयोग की ओर से मिली जानकारी के अनुसार, पश्चिम बंगाल समेत देश के कई राज्यों में चल रहे गहन पुनरीक्षण के दौरान बड़ी संख्या में लोगों ने झारखंड के दस्तावेज के आधार पर मतदाता होने का दावा किया।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय को अब तक कुल 3208 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें से 368 आवेदनों को दस्तावेजों में गड़बड़ी पाए जाने के कारण रद्द कर दिया गया है।

राज्यवार स्थिति इस प्रकार है:

  • पश्चिम बंगाल से 2769 आवेदन, 316 रद्द
  • छत्तीसगढ़ से 106 आवेदन, 14 रद्द
  • गोवा से 69 आवेदन, 12 रद्द
  • मध्यप्रदेश से 25 आवेदन, 2 रद्द
  • गुजरात से 109 आवेदन, 6 रद्द
  • अंडमान से 58 आवेदन, 3 रद्द
  • राजस्थान से 25 आवेदन, 6 रद्द
  • उत्तर प्रदेश से 44 आवेदन, 9 रद्द

दस्तावेजों की छानबीन में सैकड़ों फर्जी कागजात सामने आए हैं, जिसके बाद आयोग ने सख्त रुख अपनाया है।

2003 की मतदाता सूची बनेगी आधार

Sir In Jharkhand के तहत अप्रैल 2026 में होने वाले गहन पुनरीक्षण का आधार वर्ष 2003 की मतदाता सूची होगी। चुनाव आयोग का उद्देश्य है कि सभी पात्र नागरिकों के नाम मतदाता सूची में शामिल हों और कोई भी अपात्र व्यक्ति सूची में दर्ज न हो।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने स्पष्ट किया कि:

  • जिनका नाम 2003 की मतदाता सूची में दर्ज है, उन्हें अपनी पात्रता दोबारा सिद्ध करने की आवश्यकता नहीं होगी।
  • जिनका नाम 2003 की सूची में नहीं है, वे अपने माता-पिता या परिवार के उस सदस्य के आधार पर प्रमाण दे सकते हैं जिनका नाम 2003 की सूची में दर्ज है।
  • अन्य मान्य सरकारी दस्तावेजों के आधार पर भी पात्रता प्रमाणित की जा सकेगी।

जन्मतिथि के आधार पर अलग-अलग नियम

मतदाता गहन पुनरीक्षण के दौरान जन्मतिथि के अनुसार दस्तावेज जमा करने के लिए अलग-अलग प्रावधान किए गए हैं:

  1. 1 जुलाई 1987 से पहले जन्मे व्यक्ति
  • जन्मतिथि और जन्मस्थान का कोई भी वैध दस्तावेज देना होगा।
  1. 1 जुलाई 1987 से 2 दिसंबर 2004 के बीच जन्मे व्यक्ति
  • अपनी जन्मतिथि और जन्मस्थान का प्रमाण
  • माता-पिता में से किसी एक का दस्तावेज
  1. 2 दिसंबर 2004 के बाद जन्मे व्यक्ति
  • स्वयं और माता-पिता दोनों की जन्मतिथि व जन्मस्थान का प्रमाण

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सियासी हलचल की संभावना

अप्रैल में जैसे ही Sir In Jharkhand की प्रक्रिया शुरू होगी, राज्य की राजनीति में हलचल तेज होने की संभावना है। मतदाता सूची के सत्यापन और दस्तावेजों की जांच को लेकर विभिन्न राजनीतिक दलों की नजर इस पूरी प्रक्रिया पर बनी हुई है।

चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि इस गहन पुनरीक्षण का मुख्य उद्देश्य पारदर्शिता लाना, पात्र मतदाताओं को अधिकार दिलाना और फर्जी नामों को हटाना है।

झारखंड में अप्रैल 2026 से शुरू होने वाला यह अभियान प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है और आने वाले समय में इसका राजनीतिक असर भी देखने को मिल सकता है।