Dhullu Mahato : लोकसभा में सांसद दुलू महतो ने उठाया अनुबंध श्रमिकों की सुरक्षा और चिकित्सा लाभ का मुद्दा, सरकार से मिला जवाब
लोकसभा में सांसद दुलू महतो ने उठाया अनुबंध श्रमिकों की सुरक्षा और चिकित्सा लाभ का मुद्दा
लोकसभा में Dhullu Mahato ने उठाया अनुबंध श्रमिकों की सुरक्षा का मुद्दा
नई दिल्ली : सांसद Dhullu Mahato ने लोकसभा में औद्योगिक क्षेत्रों में काम करने वाले अनुबंध श्रमिकों (Contract Workers) की सुरक्षा और चिकित्सा सुविधाओं का मुद्दा जोरदार तरीके से उठाया। उन्होंने सरकार से यह स्पष्ट करने की मांग की कि संवेदनशील और जोखिमपूर्ण औद्योगिक कार्यों में लगे अनुबंध श्रमिकों को क्या स्थायी कर्मचारियों के समान चिकित्सा लाभ मिल रहे हैं या नहीं।
सांसद Dhullu Mahato ने यह प्रश्न लोकसभा में अतारांकित प्रश्न संख्या 2596 के माध्यम से उठाया, जिसमें उन्होंने अनुबंध श्रमिकों के लिए ESIC या अन्य वैधानिक बीमा व्यवस्था से संबंधित जानकारी मांगी।
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समान कार्य के बावजूद लाभों में असमानता पर चिंता
लोकसभा में उठाए गए इस मुद्दे में Dhullu Mahato ने कहा कि कई औद्योगिक इकाइयों में अनुबंध श्रमिक जोखिमपूर्ण कार्यों में स्थायी कर्मचारियों के समान जिम्मेदारियां निभाते हैं, लेकिन उन्हें समान चिकित्सा सुविधाएं नहीं मिल पातीं। उन्होंने सरकार से पूछा कि इस अंतर को दूर करने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं।
सरकार का जवाब : कानून में स्थायी और अनुबंध श्रमिकों में भेद नहीं
श्रम और रोजगार राज्य मंत्री ने अपने उत्तर में बताया कि Code on Social Security (CoSS), 2020 के तहत चिकित्सा लाभों की पात्रता में स्थायी और अनुबंध श्रमिकों के बीच कोई भेदभाव नहीं किया गया है।
सरकार के अनुसार:
- 10 या उससे अधिक कर्मचारियों वाले कारखानों या प्रतिष्ठानों में काम करने वाले कर्मचारियों को ESI योजना के तहत कवर किया जाता है।
- जिन कर्मचारियों का मासिक वेतन 21,000 रुपये तक है, वे इस योजना के दायरे में आते हैं।
- जोखिमपूर्ण या जीवन के लिए खतरनाक कार्यों में लगे कर्मचारियों को, यदि उनका वेतन निर्धारित सीमा के भीतर है, तो एक कर्मचारी होने पर भी ESI का लाभ दिया जा सकता है।
अनुबंध श्रमिकों के कवरेज की जिम्मेदारी किसकी?
सरकार ने स्पष्ट किया कि अनुबंध श्रमिकों को ESI योजना के तहत कवर करने की जिम्मेदारी मुख्य नियोक्ता (Principal Employer) की होती है, चाहे श्रमिक सीधे नियुक्त किए गए हों या ठेकेदार के माध्यम से।
यदि किसी औद्योगिक इकाई में नियमों का पालन नहीं किया जाता है, तो ESIC द्वारा सर्वे, निरीक्षण और शिकायत के आधार पर कार्रवाई की जाती है।
स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के लिए नए कदम
सरकार ने यह भी बताया कि ESIC ने स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने के लिए National Health Authority (NHA) के साथ समझौता किया है। इसके तहत ESIC के लाभार्थी आपात स्थिति या रेफरल मामलों में PM-JAY से जुड़े अस्पतालों में भी इलाज करा सकते हैं। इसके अलावा राज्य सरकार के अस्पतालों की सेवाओं का भी उपयोग किया जा रहा है।
अभी अनिवार्य समूह बीमा का प्रस्ताव नहीं
सरकार ने स्पष्ट किया कि वर्तमान में निजी बीमा कंपनियों के माध्यम से अनिवार्य समूह बीमा लागू करने का कोई प्रस्ताव नहीं है। हालांकि, सामाजिक सुरक्षा संहिता के तहत पात्र अनुबंध श्रमिकों को स्थायी कर्मचारियों के समान स्वास्थ्य सुरक्षा देने का प्रावधान मौजूद है।