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रांची: झारखंड की राजधानी रांची में आयोजित कर्मचारी चयन आयोग (SSC) की ऑनलाइन जीडी परीक्षा में बड़े स्तर पर हाईटेक फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। पुलिस ने तकनीक का इस्तेमाल कर परीक्षा में गड़बड़ी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए छह लोगों को गिरफ्तार किया है। इस घटना के बाद Ssc Jharkhand परीक्षा व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं।
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यह कार्रवाई पंडरा पुलिस चौकी क्षेत्र के पिस्का मोड़ स्थित ‘फ्यूचरिस्टिक ऑनलाइन एग्जामिनेशन सेंटर’ में की गई। पुलिस को सूचना मिली थी कि परीक्षा केंद्र में कुछ अभ्यर्थियों की गतिविधियां संदिग्ध हैं और तकनीकी माध्यम से परीक्षा में धांधली की जा रही है।
सूचना मिलने के बाद वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राकेश रंजन ने तुरंत छापेमारी के निर्देश दिए। इसके बाद नगर पुलिस अधीक्षक पारस राणा के नेतृत्व में एक विशेष जांच टीम गठित की गई।
पुलिस जांच में सामने आया कि परीक्षा के दौरान कंप्यूटर स्क्रीन पर प्रश्नों के उत्तर स्वतः भरते जा रहे थे। अभ्यर्थी केवल स्क्रीन की ओर देख रहे थे, जबकि जवाब बिना टाइप किए सिस्टम में दर्ज हो रहे थे।
इससे अधिकारियों को शक हुआ कि किसी रिमोट एक्सेस तकनीक या बाहरी नेटवर्क के जरिए परीक्षा प्रणाली में हस्तक्षेप किया जा रहा है। प्रारंभिक जांच में हाईटेक सॉफ्टवेयर और नेटवर्किंग तकनीक के इस्तेमाल की आशंका जताई गई है।
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मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने परीक्षा केंद्र की कंप्यूटर प्रणाली, सर्वर नेटवर्क और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की गहन जांच की। जांच के दौरान छह लोगों को हिरासत में लिया गया।
गिरफ्तार आरोपियों में परीक्षा केंद्र के संचालन से जुड़े कुछ तकनीकी कर्मचारी और कुछ अभ्यर्थी भी शामिल बताए जा रहे हैं। पुलिस फिलहाल सभी से पूछताछ कर रही है।

पुलिस ने परीक्षा केंद्र से कई कंप्यूटर, नेटवर्क डिवाइस और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए हैं। इन उपकरणों को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा जाएगा ताकि यह पता लगाया जा सके कि परीक्षा में किस प्रकार की तकनीक का इस्तेमाल किया गया था।
जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि क्या यह गिरोह अन्य राज्यों या दूसरे परीक्षा केंद्रों में भी सक्रिय था।
इस घटना के बाद Ssc Jharkhand परीक्षा प्रणाली की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ऑनलाइन परीक्षाओं में साइबर सुरक्षा को और मजबूत बनाने की जरूरत है ताकि इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार यह एक संगठित गिरोह हो सकता है, जो आधुनिक तकनीक की मदद से प्रतियोगी परीक्षाओं में गड़बड़ी कर रहा था।
अधिकारियों ने बताया कि जांच अभी शुरुआती चरण में है और आने वाले दिनों में पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जाएगा। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस फर्जीवाड़े के पीछे कोई बड़ा रैकेट तो नहीं है।
मामले को लेकर पुलिस ने विस्तृत जानकारी देने के लिए प्रेस वार्ता बुलाने की घोषणा भी की है।
लगातार सामने आ रहे पेपर लीक और ऑनलाइन परीक्षा घोटालों ने प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता को प्रभावित किया है। अभ्यर्थियों और अभिभावकों ने परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता और सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है।
विशेषज्ञों का मानना है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए AI आधारित मॉनिटरिंग, मजबूत साइबर सुरक्षा और सख्त निगरानी व्यवस्था लागू करनी होगी।
रांची में सामने आया यह मामला साबित करता है कि अब परीक्षा घोटाले पारंपरिक तरीकों से आगे बढ़कर हाईटेक रूप ले चुके हैं। Ssc Jharkhand परीक्षा में हुए इस फर्जीवाड़े ने सुरक्षा एजेंसियों और परीक्षा संचालित करने वाली संस्थाओं के सामने नई चुनौती खड़ी कर दी है।
अब सभी की नजर पुलिस और फॉरेंसिक जांच रिपोर्ट पर टिकी है, जिससे पूरे नेटवर्क और तकनीकी फर्जीवाड़े का खुलासा हो सकेगा।
