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देश में बढ़ते वैश्विक तनाव और कच्चे तेल की आपूर्ति पर संकट के बीच अब केंद्र सरकार और सरकारी तेल कंपनियां एलपीजी सब्सिडी को लेकर सख्त कदम उठाने लगी हैं। इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम जैसी सरकारी कंपनियां अब ऐसे गैस उपभोक्ताओं की पहचान कर रही हैं, जो निर्धारित आय सीमा से अधिक कमाई के बावजूद LPG SUBSIDY का लाभ उठा रहे हैं।
तेल कंपनियां इनकम टैक्स विभाग से प्राप्त डेटा के आधार पर उपभोक्ताओं को चेतावनी संदेश भेज रही हैं। यदि उपभोक्ता तय समय के भीतर जवाब नहीं देते, तो उनकी गैस सब्सिडी बंद की जा सकती है।
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इजरायल, ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव तथा होर्मुज संकट के कारण वैश्विक सप्लाई चेन प्रभावित हुई है। इसका असर भारत के पेट्रोलियम आयात पर भी पड़ा है। इसी स्थिति को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोगों से पेट्रोल-डीजल की बचत, पब्लिक ट्रांसपोर्ट का उपयोग और अनावश्यक खर्च कम करने की अपील की है।
सरकार का मानना है कि देश में विदेशी मुद्रा का दबाव कम करने के लिए ऊर्जा संसाधनों का संतुलित उपयोग जरूरी है। इसी कारण अब LPG SUBSIDY के लाभार्थियों की दोबारा जांच शुरू की गई है।
सरकारी तेल कंपनियां उन उपभोक्ताओं को मैसेज भेज रही हैं जिनकी सालाना कर योग्य आय तय सीमा से अधिक पाई गई है। मैसेज में कहा जा रहा है कि आयकर रिकॉर्ड के अनुसार उपभोक्ता या उसके परिवार की कुल आय 10 लाख रुपये वार्षिक सीमा से ऊपर है।
ऐसे उपभोक्ताओं को 7 दिनों के भीतर अपनी आपत्ति दर्ज कराने या जानकारी अपडेट करने के लिए कहा गया है। यदि तय समय में कोई जवाब नहीं मिलता, तो उनकी गैस सब्सिडी बंद की जा सकती है।
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तेल कंपनियों द्वारा भेजे जा रहे संदेश का सार इस प्रकार है:
“उपलब्ध इनकम टैक्स रिकॉर्ड के अनुसार आपकी या आपके परिवार की कुल कर योग्य आय निर्धारित सीमा से अधिक है। यदि आप इससे सहमत नहीं हैं तो 7 दिनों के भीतर हेल्पलाइन नंबर या कंपनी पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें, अन्यथा आपकी LPG SUBSIDY बंद की जा सकती है।”

सरकार ने घरेलू गैस सब्सिडी के लिए कुछ नियम तय किए हैं। यदि किसी परिवार की कुल वार्षिक आय 10 लाख रुपये से कम है, तभी वह सब्सिडी का लाभ लेने का पात्र माना जाता है।
सरकार फिलहाल पात्र उपभोक्ताओं को साल में 12 घरेलू गैस सिलेंडर पर सब्सिडी देती है। वर्तमान में प्रत्येक सिलेंडर पर लगभग 300 रुपये तक की राहत मिल रही है।
इस वजह से आम उपभोक्ता को सिलेंडर की कीमत लगभग 900 से 950 रुपये के बीच पड़ती है। वहीं प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) के लाभार्थियों को अतिरिक्त सहायता राशि भी उनके बैंक खाते में भेजी जाती है।
सरकार को जांच में पता चला है कि कई लोग निर्धारित आय सीमा से अधिक कमाई करने के बावजूद सब्सिडी का लाभ ले रहे हैं। ऐसे मामलों को रोकने के लिए अब इनकम टैक्स डेटा और गैस कनेक्शन रिकॉर्ड का मिलान किया जा रहा है।
यदि कोई व्यक्ति गलत जानकारी देकर LPG SUBSIDY लेता पाया जाता है, तो उसकी सब्सिडी बंद की जा सकती है।
यदि आपके मोबाइल पर ऐसा कोई मैसेज आया है, तो घबराने की जरूरत नहीं है। सबसे पहले अपनी आय और गैस कनेक्शन की जानकारी जांच लें।
तेल कंपनियों ने उपभोक्ताओं की सहायता के लिए टोल-फ्री नंबर और ऑनलाइन पोर्टल उपलब्ध कराए हैं। उपभोक्ता अपनी शिकायत या जानकारी अपडेट करने के लिए इन सुविधाओं का उपयोग कर सकते हैं।
सरकार का कहना है कि सब्सिडी केवल जरूरतमंद लोगों तक पहुंचनी चाहिए। इसलिए आय सीमा से अधिक कमाई करने वाले लोगों को सब्सिडी सूची से हटाने की प्रक्रिया शुरू की गई है।
इस कदम से सरकार पर वित्तीय बोझ कम होगा और गरीब एवं जरूरतमंद परिवारों को बेहतर सहायता मिल सकेगी।
देश में बढ़ते आर्थिक और वैश्विक दबाव के बीच सरकार अब LPG SUBSIDY को लेकर सख्त रवैया अपना रही है। यदि आपकी आय निर्धारित सीमा से अधिक है और फिर भी आप सब्सिडी का लाभ ले रहे हैं, तो जल्द ही आपकी सब्सिडी बंद हो सकती है।
इसलिए सभी गैस उपभोक्ताओं को सलाह दी जाती है कि वे अपनी KYC, बैंक और आय संबंधी जानकारी समय पर अपडेट रखें, ताकि भविष्य में किसी परेशानी का सामना न करना पड़े।
