रांची: स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री Hemant Soren ने रांची में आयोजित समारोह से झारखंडवासियों को संबोधित किया। CM Hemant Soren 15th August Speech में उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम के महान नायकों को नमन करने के साथ झारखंड के गौरवशाली इतिहास, आदिवासी अस्मिता, जल-जंगल-जमीन, युवाओं के भविष्य, परीक्षा व्यवस्था, रोजगार, किसानों, MSME, महिलाओं के सशक्तिकरण और स्वास्थ्य व्यवस्था सहित आने वाले 25 वर्षों के झारखंड का विजन सामने रखा। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में राज्य के युवाओं को भरोसा दिलाया कि उनकी मेहनत और भविष्य के साथ किसी भी तरह का खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा।
Table of Contents
स्वतंत्रता दिवस पर वीरों को CM Hemant Soren का नमन
झारखंड की विरासत और विकास मॉडल पर जोर
CM Hemant Soren 15th August Speech में युवाओं के लिए बड़ा संदेश
परीक्षा व्यवस्था में सुधार की घोषणा
“छात्रों की बात-छात्रों के साथ” अभियान
JPSC-JSSC और रोजगार को लेकर मुख्यमंत्री का संदेश
किसानों को कृषि-उद्यमी बनाने पर जोर
MSME और निवेश से रोजगार के अवसर
महिलाओं के सशक्तिकरण पर सरकार का फोकस
सखी मंडल और जोहार रागी मिशन का उल्लेख
स्वास्थ्य व्यवस्था और RIMS-2 पर जोर
अगले 25 वर्षों के झारखंड का विजन
“मुझे सबसे अधिक अपने युवाओं पर विश्वास है”
स्वतंत्रता सेनानियों के सपनों का झारखंड बनाने का संकल्प
स्वतंत्रता दिवस पर वीरों को CM Hemant Soren का नमन
अपने संबोधन की शुरुआत मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाओं और देश की आजादी के लिए बलिदान देने वाले स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि देकर की। उन्होंने महात्मा गांधी, नेताजी सुभाष चन्द्र बोस, भगत सिंह, चन्द्रशेखर आजाद, डॉ. राजेन्द्र प्रसाद और बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर सहित उन सभी महान विभूतियों को याद किया, जिनके संघर्ष से देश को स्वतंत्रता मिली।
मुख्यमंत्री ने झारखंड के उन महान जननायकों को भी नमन किया, जिन्होंने स्वतंत्रता, स्वाभिमान और न्याय के लिए संघर्ष किया। भगवान बिरसा मुंडा, सिद्धो-कान्हू, चाँद-भैरव, तिलका मांझी, फूलो-झानो, नीलाम्बर-पीताम्बर और शेख भिखारी सहित सभी अमर शहीदों को उन्होंने श्रद्धापूर्वक याद किया।
इसी क्रम में उन्होंने दिशोम गुरु शिबू सोरेन के संघर्ष का भी उल्लेख किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि जल, जंगल, जमीन, आदिवासी अस्मिता और झारखंड राज्य के निर्माण के लिए उनका पूरा जीवन संघर्ष को समर्पित रहा।
“उनका जीवन हमें यह प्रेरणा देता है कि अधिकार संघर्ष से मिलते हैं और विकास तभी सार्थक होता है, जब उसमें समाज का अंतिम व्यक्ति भी सहभागी बने।”
स्वतंत्रता केवल राजनीतिक आजादी नहीं: CM Hemant Soren
CM Hemant Soren 15th August Speech में मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता के अर्थ को व्यापक सामाजिक और आर्थिक अधिकारों से जोड़ा। उन्होंने कहा कि आजादी का वास्तविक अर्थ तब पूरा होगा, जब हर बच्चे को अच्छी शिक्षा, हर युवा को सम्मानजनक रोजगार, हर किसान को समृद्धि और हर महिला को आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिलेगा।
उन्होंने झारखंड की भाषाओं, संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण के साथ समान अवसर, समान सम्मान और न्याय को भी जरूरी बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत स्वतंत्रता के 80वें वर्ष में है, जबकि झारखंड अपनी स्थापना के 25 वर्ष पूरे कर एक नए पड़ाव पर खड़ा है।
मुख्यमंत्री ने कहा—
“स्वतंत्रता केवल राजनीतिक आजादी का नाम नहीं है।”
उन्होंने स्वतंत्रता दिवस को सिर्फ इतिहास की तारीख न बताते हुए इसे लगातार चलने वाली जिम्मेदारी बताया। मुख्यमंत्री के अनुसार, झारखंड के महान जननायकों ने राज्य को स्वाभिमान, प्रकृति के प्रति सम्मान और न्याय के लिए संघर्ष की प्रेरणा दी है।
उन्होंने जल, जंगल और जमीन के साथ संतुलित जीवन की झारखंडी परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि आज दुनिया जलवायु परिवर्तन, पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास की दिशा में समाधान खोज रही है।
झारखंड की विरासत और आधुनिक विकास साथ-साथ
CM Hemant Soren 15th August Speech में मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड की संस्कृति केवल अतीत की स्मृति नहीं बल्कि भविष्य का मार्गदर्शन भी है। उन्होंने ऐसा विकास मॉडल तैयार करने की बात कही जिसमें आधुनिक तकनीक के साथ स्थानीय ज्ञान और ग्राम सभा की भूमिका भी महत्वपूर्ण हो।
मुख्यमंत्री के विजन में राज्य के युवाओं को आधुनिक शिक्षा, विज्ञान, तकनीक और उद्यमिता से जोड़ना शामिल है। इसके साथ ही झारखंड की भाषाओं, साहित्य, लोककला, संगीत और सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक सम्मानपूर्वक पहुंचाने पर भी जोर दिया गया।
उन्होंने लाह, तसर, बाँस, मिलेट, औषधीय पौधों और लघु वनोपज को केवल पारंपरिक आजीविका तक सीमित न रखते हुए VALUE ADDITION, ब्रांडिंग और बाजार से जोड़ने की बात कही।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि विकास का अर्थ केवल खनिजों का दोहन नहीं होना चाहिए, बल्कि मानव संसाधन, प्राकृतिक संसाधन और सांस्कृतिक विरासत का संतुलित विकास जरूरी है।
“झारखण्ड केवल भारत का एक राज्य नहीं है, यह भारत की आदिवासी चेतना का केंद्र है।”
उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में झारखंड देश को यह दिखा सकता है कि विकास और प्रकृति, आधुनिकता और परंपरा तथा उद्योग और पर्यावरण के बीच संतुलन बनाया जा सकता है।
CM Hemant Soren 15th August Speech में युवाओं पर खास फोकस
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में युवाओं को झारखंड के भविष्य की सबसे बड़ी ताकत बताया। उन्होंने कहा कि राज्य की विरासत पहचान देती है, लेकिन युवा उस पहचान को भविष्य देते हैं।
मुख्यमंत्री ने युवाओं की शिक्षा, कौशल, आत्मविश्वास और सपनों को विकसित झारखंड की वास्तविक पूंजी बताया। उन्होंने कहा कि राज्य के लाखों युवा अपने सपनों को पूरा करने के लिए दिन-रात मेहनत कर रहे हैं और उनके माता-पिता भी अपनी क्षमता से आगे बढ़कर उन्हें पढ़ा रहे हैं।
इसी संदर्भ में उन्होंने भर्ती परीक्षाओं को लेकर उठे सवालों का उल्लेख किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि परीक्षा व्यवस्था पर संदेह केवल एक परीक्षा को प्रभावित नहीं करता, बल्कि पूरी पीढ़ी का विश्वास प्रभावित होता है।
उन्होंने विद्यार्थियों को भरोसा दिलाते हुए कहा—
“आपकी मेहनत को किसी माफिया, किसी भ्रष्ट तंत्र और किसी अनियमितता के भरोसे नहीं छोड़ा जाएगा।”
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि देश के दूसरे राज्यों और कई राष्ट्रीय परीक्षाओं में भी प्रश्नपत्र लीक तथा परीक्षा से जुड़ी गंभीर अनियमितताओं के मामले सामने आए हैं। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि दूसरे राज्यों में हुई घटनाओं से झारखंड की जिम्मेदारी कम नहीं होती।
परीक्षा विवाद के संदर्भ में मुख्यमंत्री ने कहा कि केवल कार्रवाई करना पर्याप्त नहीं है। उन्होंने व्यवस्था में बदलाव की जरूरत पर जोर दिया ताकि भविष्य में युवाओं के सपनों के साथ खिलवाड़ करने की किसी को हिम्मत न हो।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जांच निष्पक्ष तरीके से होगी और जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही उन्होंने बिना प्रमाण किसी को दोषी ठहराने की राजनीति से भी दूरी बनाने की बात कही।
“न्याय होगा—और निष्पक्ष होगा।”
मुख्यमंत्री ने युवाओं को लेकर कहा कि उनके लिए सबसे महत्वपूर्ण झारखंड का युवा, उसका भविष्य और उसका विश्वास है।
परीक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार
CM Hemant Soren 15th August Speech में परीक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार को लेकर भी मुख्यमंत्री ने कई बिंदु सामने रखे। उन्होंने कहा कि सरकार ऐसी व्यवस्था तैयार करना चाहती है जिसमें भविष्य में युवाओं के सपनों के साथ खिलवाड़ की कोई गुंजाइश न रहे।
उन्होंने समयबद्ध वार्षिक परीक्षा कैलेंडर, पारदर्शी और तकनीक-सुरक्षित परीक्षा प्रणाली, उत्तर-कुंजी एवं OMR की समयबद्ध उपलब्धता और परीक्षा प्रक्रिया में बहु-स्तरीय जवाबदेही की बात कही।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार ऐसी व्यवस्था चाहती है जिसमें पारदर्शिता अपवाद नहीं, बल्कि नियम बने।
“छात्रों की बात-छात्रों के साथ” अभियान
परीक्षा सुधार को लेकर मुख्यमंत्री ने छात्रों की भागीदारी पर भी जोर दिया। उन्होंने बताया कि सरकार ने “छात्रों की बात-छात्रों के साथ” अभियान शुरू किया है।
इस अभियान के माध्यम से विद्यार्थियों, शिक्षकों, शिक्षाविदों और अभिभावकों से सुझाव लेने की बात कही गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राप्त सुझावों का विशेषज्ञों के साथ अध्ययन किया जाएगा और जहां संभव होगा, उन्हें नियमों एवं संवैधानिक प्रावधानों के अनुरूप लागू किया जाएगा।
“सबसे अच्छी शिक्षा-परीक्षा व्यवस्था वही होगी, जिसे बनाने में विद्यार्थियों की भी भागीदारी हो।”
JPSC-JSSC और रोजगार को लेकर CM Hemant Soren का संदेश
रोजगार को सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य सिर्फ रिक्त पदों को भरना नहीं है। उनका लक्ष्य ऐसा झारखंड तैयार करना है, जहां सरकारी नौकरियों के साथ उद्योग, MSME, कृषि, डेयरी, मत्स्य, पर्यटन, डिजिटल सेवाओं और स्टार्टअप में भी नए अवसर पैदा हों।
उन्होंने कहा कि आने वाले समय में JPSC, JSSC तथा अन्य भर्ती एजेंसियों के माध्यम से बड़ी संख्या में नियुक्ति प्रक्रियाएं समयबद्ध रूप से आगे बढ़ाई जाएंगी। इससे युवाओं को अवसर मिलने के साथ परीक्षा व्यवस्था पर उनका विश्वास भी मजबूत होगा।
मुख्यमंत्री ने युवाओं से अपनी मेहनत पर भरोसा बनाए रखने की अपील की।
“आपका परिश्रम व्यर्थ नहीं जाएगा।”
उन्होंने कहा कि युवाओं के सपनों की रक्षा केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि उनका व्यक्तिगत दायित्व भी है।
“मैं झारखण्ड के युवाओं से केवल धैर्य नहीं माँगता, मैं उनका विश्वास माँगता हूँ।”
किसानों को कृषि-उद्यमी बनाने पर जोर
CM Hemant Soren 15th August Speech में मुख्यमंत्री ने किसानों को झारखंड की अर्थव्यवस्था की मजबूत नींव बताया। उन्होंने कहा कि झारखंड की आत्मा उसके खेतों में बसती है और किसान केवल अन्नदाता नहीं, बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था का मजबूत आधार हैं।
मुख्यमंत्री ने सिंचाई, बीज, समर्थन मूल्य, कृषि यंत्रीकरण और विभिन्न योजनाओं के माध्यम से किसानों को मजबूत करने के प्रयासों का उल्लेख किया। कृषि और बागवानी को बढ़ावा देकर अर्थव्यवस्था में विविधता लाने की दिशा में किए जा रहे कार्यों की भी जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि बिरसा हरित ग्राम योजना के तहत राज्य में लगभग 2.15 हजार एकड़ में वृक्षारोपण किया गया है और लगभग 3 लाख परिवारों को आजीविका के नए माध्यमों से जोड़ा गया है। इनके द्वारा उत्पादित आम का विदेशों में भी सफलतापूर्वक निर्यात किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा—
“हमारा लक्ष्य केवल खेती को सहारा देना नहीं, बल्कि खेती को लाभकारी बनाना है।”
आने वाले समय में फल, सब्जी, बागवानी, डेयरी, मत्स्य पालन, कुक्कुट पालन, बकरी पालन, मधुमक्खी पालन, लाह, तसर, मिलेट, औषधीय पौधों और लघु वनोपज आधारित अर्थव्यवस्था को नई गति देने की बात मुख्यमंत्री ने कही।
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी राज्य की आर्थिक शक्ति केवल बड़े उद्योगों से नहीं बनती, बल्कि लाखों छोटे उद्यमी भी अर्थव्यवस्था की महत्वपूर्ण ताकत होते हैं।
उन्होंने झारखंड के युवा, कारीगर, बुनकर, महिला स्वयं सहायता समूह, हस्तशिल्पी और छोटे उद्यमियों को राज्य की अर्थव्यवस्था की वास्तविक ताकत बताया।
मुख्यमंत्री के अनुसार, झारखंड में वर्तमान में 16 लाख से अधिक सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) हैं। इनमें 8 लाख से अधिक सूक्ष्म इकाइयां शामिल हैं और ये 60 लाख से अधिक स्थानीय लोगों को रोजगार उपलब्ध करा रही हैं।
सरकार का लक्ष्य स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाना, प्रत्येक जिले में स्थानीय संसाधनों पर आधारित उद्योग विकसित करना, स्टार्टअप एवं नवाचार को बढ़ावा देना और युवाओं को अपने ही जिले में सम्मानजनक रोजगार उपलब्ध कराना है।
National Stakeholders Consultation में निवेश पर चर्चा
मुख्यमंत्री ने हाल में नई दिल्ली में आयोजित National Stakeholders Consultation का भी उल्लेख किया। उन्होंने इसे राज्य के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया।
इस मंच पर उद्योग जगत, निवेशकों, नीति निर्माताओं और विशेषज्ञों के साथ उद्योग, पर्यटन, IT, AI, आधारभूत संरचना और कौशल विकास जैसे क्षेत्रों में निवेश एवं नवाचार को बढ़ावा देने पर चर्चा हुई।
मुख्यमंत्री के मुताबिक, सरकार के प्रयासों के कारण प्रमुख कॉरपोरेट समूहों के साथ लगभग 01 लाख करोड़ रुपये के निवेश के लिए 10 MoUs पर हस्ताक्षर किए गए। इन निवेश प्रस्तावों से राज्य के 22 हजार से अधिक युवाओं को रोजगार मिलने की बात कही गई।
CM Hemant Soren 15th August Speech में महिलाओं के सशक्तिकरण पर जोर
महिलाओं को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने को लेकर मुख्यमंत्री ने सरकार की योजनाओं का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि किसी भी समाज की प्रगति महिलाओं की भागीदारी के बिना संभव नहीं है।
मुख्यमंत्री ने सामाजिक सुरक्षा, शिक्षा, पोषण, स्वास्थ्य और आर्थिक सशक्तिकरण के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी। इस दौरान “मुख्यमंत्री मंईयाँ सम्मान योजना” का भी उल्लेख किया गया।
मुख्यमंत्री के अनुसार, योजना के माध्यम से महिलाओं के शिक्षा, स्वास्थ्य एवं पोषण स्तर में सुधार हुआ है। 2500 रुपये प्रतिमाह की नियमित वित्तीय सहायता से महिलाओं के आत्मनिर्भर होने और उद्यमशीलता को बढ़ावा मिलने की बात भी उन्होंने कही।
वित्तीय वर्ष 2025-26 में इस योजना के तहत 15,000 करोड़ रुपये का आर्थिक लाभ सीधे लाभुकों के खाते में उपलब्ध कराने की जानकारी दी गई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अब लक्ष्य महिलाओं को केवल योजनाओं की लाभार्थी बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें किसान उत्पादक संगठन की नेता, उद्यमी, निर्यातक और डिजिटल अर्थव्यवस्था की सहभागी बनाना है।
“हमारी माताएँ-बहनें झारखण्ड की तस्वीर और तकदीर बदलने की दिशा में अग्रसर हैं।”
ग्रामीण महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता के लिए सखी मंडलों की भूमिका को मुख्यमंत्री ने महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि ग्रामीण महिलाएं सखी मंडल के माध्यम से संगठित होकर स्वावलंबन की मिसाल पेश कर रही हैं।
मुख्यमंत्री के अनुसार, सवा तीन लाख से अधिक सखी मंडलों का गठन कर 35 लाख परिवारों को सखी मंडल से जोड़ा जा चुका है। इन सखी मंडलों को लगभग 3,000 करोड़ रुपये की राशि चक्रीय निधि एवं सामुदायिक निवेश निधि के रूप में तथा 20,000 करोड़ रुपये बैंकों से क्रेडिट लिंकेज के रूप में उपलब्ध कराया गया है।
उन्होंने सखी मंडल की दीदियों द्वारा निर्मित “पलाश ब्रांड” का भी उल्लेख किया और इसे ग्रामीण महिलाओं की आर्थिक क्षमता का उदाहरण बताया।
“जोहार रागी मिशन” की राष्ट्रीय स्तर पर पहचान
मुख्यमंत्री ने गुमला जिले के “जोहार रागी मिशन” को भी अपने भाषण में विशेष रूप से याद किया। उन्होंने बताया कि ग्रामीण महिलाओं के हाथों संचालित यह मिशन राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना चुका है।
“महज 10 महिलाओं के साथ वर्ष 2022 में शुरू हुआ रागी मिशन और बाजरा प्रोसेसिंग आज 35 हजार से अधिक किसानों और 500 से अधिक महिला शेयरधारकों की जीविका का सशक्त साधन तथा ‘ग्रामोदय से भारत उदय’ का प्रेरक मिसाल बन गया है।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि गांव-देहात में रहने वाली महिलाएं झारखंड की तस्वीर और तकदीर बदलने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।
स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने पर CM Hemant Soren का फोकस
CM Hemant Soren 15th August Speech में स्वास्थ्य व्यवस्था को भी प्रमुखता दी गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य केवल बीमारी का इलाज नहीं, बल्कि जीवन की गुणवत्ता का आधार है।
उन्होंने ऐसी स्वास्थ्य व्यवस्था विकसित करने की बात कही, जिसमें शहर और गांव दोनों के नागरिकों को समान चिकित्सा और सुविधाएं मिल सकें। आधुनिक अस्पतालों, Medical Colleges, Nursing Education, Digital Health Services, Telemedicine और Primary Health व्यवस्था को मजबूत करने की बात कही गई।
मुख्यमंत्री ने पंचायतों में दवा दुकान खोलने के वादे को आगे बढ़ाने के साथ राज्य की सभी पंचायतों को Dedicated Ambulance Service उपलब्ध कराने के संकल्प का भी उल्लेख किया। इसका संचालन स्थानीय ग्राम एवं पंचायत प्रतिनिधियों के माध्यम से किए जाने की बात कही गई।
RIMS-2 और 6 नए मेडिकल कॉलेज
मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य क्षेत्र में चल रही बड़ी परियोजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य सरकार द्वारा Super Speciality RIMS-2 का निर्माण कराया जा रहा है।
इसके अलावा पूर्वी सिंहभूम, खूँटी, गिरिडीह, देवघर, जामताड़ा एवं धनबाद में 6 नए चिकित्सा महाविद्यालयों के निर्माण की कार्रवाई चल रही है।
उन्होंने कहा कि ग्रास रूट लेवल पर स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने के लिए मुख्यमंत्री डिजिटल हेल्थ योजना के माध्यम से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों से जिला अस्पतालों और चिकित्सा महाविद्यालयों तक स्वास्थ्य सेवाओं को आधुनिक बनाने का कार्य किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने बीमारी के इलाज से ज्यादा रोकथाम, पोषण, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, मानसिक स्वास्थ्य और जनस्वास्थ्य जागरूकता पर बल देने की बात कही।
“हमारा लक्ष्य केवल बेहतर अस्पताल बनाना नहीं, बल्कि एक स्वस्थ, सक्षम और आत्मविश्वासी झारखण्ड का निर्माण करना है।”
अगले 25 वर्षों के झारखंड का विजन
स्वतंत्रता के 80 वर्ष और झारखंड स्थापना के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि अब समय केवल उपलब्धियों का लेखा-जोखा प्रस्तुत करने का नहीं, बल्कि आने वाले 25 वर्षों की दिशा तय करने का है।
मुख्यमंत्री ने ऐसे झारखंड की कल्पना रखी, जहां विकास का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे, झारखंडी अस्मिता और आधुनिक प्रगति साथ-साथ आगे बढ़े, किसान सम्मान के साथ समृद्धि का जीवन जिए और महिलाएं विकास की सहभागी के साथ-साथ नेतृत्वकर्ता बनें।
उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य और प्राकृतिक संसाधनों के लाभ को भी अपने विजन का हिस्सा बताया।
मुख्यमंत्री के भाषण में कहा गया—
“हमारा सपना ऐसा झारखण्ड है—”
इसके बाद उन्होंने कहा कि ऐसा झारखंड होना चाहिए—
“जहाँ विकास का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचे,”
“जहाँ झारखण्डी अस्मिता और आधुनिक प्रगति साथ-साथ आगे बढ़े,”
“जहाँ किसान सम्मान के साथ समृद्धि का जीवन जिए,”
“जहाँ महिलाएँ विकास की सहभागी ही नहीं, नेतृत्वकर्ता बनें,”
“जहाँ हर बच्चा अच्छी शिक्षा पाए,”
“जहाँ हर नागरिक को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मिले,”
“और जहाँ प्राकृतिक संसाधनों का लाभ सबसे पहले झारखण्ड के लोगों को मिले।”
विकास की पहचान ऊंचे अवसरों से हो: CM Hemant Soren
मुख्यमंत्री ने विकास की परिभाषा को लेकर भी अपनी सोच रखी। उन्होंने कहा कि झारखंड में विकास की पहचान केवल ऊंची इमारतों से नहीं बल्कि लोगों को मिलने वाले अवसरों से होनी चाहिए।
“हम ऐसा झारखण्ड बनाना चाहते हैं जहाँ विकास की पहचान केवल ऊँची इमारतों से नहीं, बल्कि ऊँचे अवसरों से हो, जहाँ हमारी प्रगति केवल आंकड़ों में नहीं, बल्कि लोगों के जीवन में दिखाई दे।”
उन्होंने कहा कि राज्य की नई पहचान युवा तय करेंगे और आने वाली पीढ़ी झारखंड को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगी।
“मुझे सबसे अधिक अपने युवाओं पर विश्वास है”
भाषण के अंतिम हिस्से में मुख्यमंत्री ने झारखंड की जनता, किसानों, माताओं-बहनों और युवाओं के प्रति अपने विश्वास को व्यक्त किया।
उन्होंने कहा—
“मुझे झारखण्ड की जनता पर विश्वास है।”
“मुझे अपने किसानों पर विश्वास है।”
“मुझे अपनी माताओं और बहनों पर विश्वास है।”
“और सबसे अधिक मुझे अपने युवाओं पर विश्वास है।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि यही युवा आने वाले झारखंड की नई पहचान लिखेंगे और राज्य को नई ऊंचाइयों तक ले जाएंगे।
उन्होंने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लोगों से ऐसा झारखंड बनाने का संकल्प लेने की अपील की, जो आर्थिक रूप से समृद्ध होने के साथ संवेदनशील भी हो, आधुनिक होने के साथ अपनी जड़ों से जुड़ा रहे और विकासशील होने के साथ न्यायपूर्ण भी हो।
स्वतंत्रता सेनानियों के सपनों का झारखंड बनाने का संकल्प
अपने संबोधन के समापन में मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसा झारखंड बनाना ही स्वतंत्रता सेनानियों के सपनों का सम्मान होगा। उन्होंने भगवान बिरसा मुंडा, सिद्धो-कान्हू, तिलका मांझी, फूलो-झानो, चाँद-भैरव, शेख भिखारी, नीलाम्बर-पीताम्बर, बिनोद बिहारी महतो, निर्मल महतो और दिशोम गुरु शिबू सोरेन जैसे महान व्यक्तित्वों के संघर्ष को याद किया।
“यही हमारे स्वतंत्रता सेनानियों के सपनों का सम्मान होगा। यही भगवान बिरसा मुंडा, सिद्धो-कान्हू, तिलका मांझी, फूलो-झानो, चाँद-भैरव, शेख भिखारी, नीलाम्बर-पीताम्बर, बिनोद बिहारी महतो, निर्मल महतो और दिशोम गुरु शिबू सोरेन जैसे महान व्यक्तित्वों के संघर्ष को हमारी सच्ची श्रद्धांजलि होगी।”
इसके साथ ही मुख्यमंत्री Hemant Soren ने अपने CM Hemant Soren 15th August Speech का समापन किया—
“जय हिन्द! जय झारखण्ड!”
“जोहार!”
CM Hemant Soren 15th August Speech: मुख्य बातें
पूरे भाषण को देखें तो मुख्यमंत्री ने झारखंड के अगले चरण के विकास के लिए युवा, रोजगार, पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था, कृषि, MSME, निवेश, महिला सशक्तिकरण, स्वास्थ्य और प्राकृतिक संसाधनों के संतुलित उपयोग को प्रमुख आधार बनाया। साथ ही उन्होंने झारखंड की आदिवासी पहचान, भाषा, संस्कृति और परंपरा को विकास के साथ जोड़ने पर जोर दिया।
CM Hemant Soren 15th August Speech का सबसे प्रमुख संदेश युवाओं को लेकर रहा। मुख्यमंत्री ने परीक्षा व्यवस्था में सुधार और भर्ती प्रक्रिया को मजबूत करने के साथ युवाओं के विश्वास को सरकार की सबसे बड़ी जिम्मेदारी बताया। वहीं किसानों, महिलाओं और छोटे उद्यमियों को राज्य की आर्थिक प्रगति का महत्वपूर्ण आधार बताते हुए आने वाले 25 वर्षों के लिए समावेशी और न्यायपूर्ण झारखंड का विजन सामने रखा।