Jharkhand News: पाटन CHC में SDM के औचक निरीक्षण में 13 कर्मचारी मिले अनुपस्थित, स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे सवाल
मेदिनीनगर, झारखंड। Jharkhand News में इस समय पाटन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) की स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर मामला चर्चा में है। मेदिनीनगर सदर के एसडीएम संजय पांडेय ने शाम करीब 6:30 बजे पाटन CHC का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अस्पताल में कई अनियमितताएं सामने आने की बात कही गई है, जिसके बाद अस्पताल की कार्यप्रणाली और कर्मचारियों की उपस्थिति को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
औचक निरीक्षण में कई कर्मचारी मिले अनुपस्थित
बताई गई जानकारी के अनुसार, एसडीएम के औचक निरीक्षण के दौरान अस्पताल के प्रभारी चिकित्सक सहित कुल 13 कर्मचारी अनुपस्थित पाए गए। अनुपस्थित कर्मचारियों में चिकित्सकों से लेकर अन्य स्वास्थ्यकर्मी एवं प्रबंधन से जुड़े कर्मचारी शामिल बताए जा रहे हैं।
निरीक्षण के दौरान अस्पताल में भर्ती मरीज भी नहीं मिले। वहीं, पट्टी कक्ष में गंदगी पाए जाने की बात सामने आई, जिससे अस्पताल की साफ-सफाई व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हुए।
टीकाकरण और दवा स्टॉक रजिस्टर अपडेट नहीं
निरीक्षण के दौरान अस्पताल के टीकाकरण पंजी और दवा स्टॉक पंजी के अपडेट नहीं होने की बात भी सामने आई। सरकारी स्वास्थ्य केंद्र में रिकॉर्ड के रखरखाव को लेकर सामने आई इस स्थिति को प्रशासन ने गंभीरता से लिया है।
अस्पताल में दवाओं और स्वास्थ्य सेवाओं से संबंधित रिकॉर्ड का नियमित रूप से संधारण महत्वपूर्ण माना जाता है। ऐसे में रजिस्टर अपडेट नहीं होने की स्थिति अस्पताल की प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है।
प्रभारी की टेबल पर निजी जांच लैब का पर्चा मिलने से सवाल
निरीक्षण के दौरान प्रभारी की टेबल पर एक निजी जांच लैब का पर्चा/पोस्टर मिलने की बात भी कही गई है। इसे लेकर सरकारी अस्पताल परिसर में निजी जांच सेवाओं के प्रचार-प्रसार को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
हालांकि, इस संबंध में संबंधित पक्ष का आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने आना अभी बाकी है। यह स्पष्ट होना महत्वपूर्ण होगा कि निजी लैब का पर्चा वहां किस उद्देश्य से रखा गया था और क्या अस्पताल प्रशासन की इसकी जानकारी थी।
रजिस्टर में भविष्य की तारीख की हाजिरी का आरोप
निरीक्षण के दौरान एक महिला गृह रक्षिका के उपस्थिति रजिस्टर को लेकर भी कथित अनियमितता सामने आने की जानकारी है। आरोप है कि पूनम कुमारी 4 तारीख को ड्यूटी पर मौजूद नहीं थीं, लेकिन रजिस्टर में अगले दिन यानी 5 तारीख की उपस्थिति पहले ही दर्ज कर दी गई थी।
यदि जांच में यह तथ्य सही पाया जाता है, तो यह उपस्थिति रजिस्टर के रखरखाव को लेकर गंभीर प्रशासनिक सवाल खड़े कर सकता है। मामले में आधिकारिक जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।
निरीक्षण के बाद पहुंचे डॉक्टर पर भी उठे सवाल
जानकारी के मुताबिक, निरीक्षण शुरू होने के करीब 20 मिनट बाद एक व्यक्ति अस्पताल पहुंचा और खुद को डॉक्टर बताया। हालांकि, उसके ड्रेस और ड्यूटी रोस्टर में नाम को लेकर सवाल उठने की बात सामने आई है।
इसके अलावा एक अन्य चिकित्सक पर आरोप है कि उन्होंने अस्पताल के रजिस्टर में उपस्थिति दर्ज करने के बाद निजी क्लिनिक में अपनी सेवाएं दीं। इन आरोपों की स्वतंत्र एवं आधिकारिक पुष्टि आवश्यक है।
पाटन की स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे सवाल
Jharkhand News से जुड़े इस मामले ने पाटन क्षेत्र की सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर गंभीर चर्चा शुरू कर दी है। सरकारी अस्पतालों में चिकित्सकों और कर्मचारियों की नियमित उपस्थिति, साफ-सफाई, दवा की उपलब्धता तथा रिकॉर्ड के उचित रखरखाव को लेकर प्रशासन की जवाबदेही महत्वपूर्ण है।
एसडीएम संजय पांडेय के औचक निरीक्षण में सामने आई कथित अनियमितताओं के बाद अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि प्रशासन की ओर से संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाती है और अस्पताल की व्यवस्थाओं में सुधार के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।
नोट: उपरोक्त खबर में बताए गए आरोप एवं निरीक्षण से संबंधित तथ्य उपलब्ध जानकारी पर आधारित हैं। संबंधित अधिकारियों, चिकित्सकों या कर्मचारियों का आधिकारिक पक्ष सामने आने पर उसे भी खबर में शामिल किया जाना चाहिए।