Jharkhand News: चुनाव आयोग का बड़ा फैसला, अब SIR नोटिस के लिए नहीं लगाने होंगे ऑफिस के चक्कर

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Jharkhand News: मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR (Special Intensive Revision) को लेकर चुनाव आयोग ने एक अहम सुविधा का ऐलान किया है। हालांकि यह फैसला फिलहाल दिल्ली में SIR प्रक्रिया के दौरान नोटिस पाने वाले मतदाताओं से संबंधित है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि ऐसे मतदाताओं को सामान्य परिस्थितियों में निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (ERO) या सहायक निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (AERO) के कार्यालय में सुनवाई के लिए जाने की जरूरत नहीं होगी। बूथ लेवल अधिकारी यानी BLO मतदाताओं के घर जाकर जरूरी दस्तावेज एकत्र करेंगे और उन्हें ECI-Net पर अपलोड करेंगे।

इस फैसले का उद्देश्य SIR प्रक्रिया में शामिल मतदाताओं की परेशानी कम करना और दस्तावेज सत्यापन की प्रक्रिया को अधिक सुविधाजनक बनाना है। आयोग ने यह भी कहा है कि केवल असाधारण परिस्थितियों में ही संबंधित अधिकारी के निर्णय के आधार पर किसी मतदाता को व्यक्तिगत सुनवाई के लिए बुलाया जा सकता है। ऐसी स्थिति में ऑनलाइन सुनवाई को प्राथमिकता देने की बात भी कही गई है।

SIR नोटिस पाने वालों को मिलेगी बड़ी राहत

दिल्ली में SIR की प्रक्रिया के दौरान बड़ी संख्या में मतदाताओं के गणना प्रपत्रों में विसंगतियां सामने आईं। इनमें पुराने मतदाता रिकॉर्ड से विवरण का मिलान नहीं होना, नाम या अन्य जानकारी में अंतर और दूसरी तार्किक विसंगतियां शामिल हैं। ऐसे मामलों में मतदाताओं को नोटिस भेजकर आवश्यक जानकारी और दस्तावेज उपलब्ध कराने को कहा गया था।

अब आयोग ने प्रक्रिया को आसान करते हुए कहा है कि सामान्य मामलों में संबंधित मतदाताओं को ERO या AERO कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने होंगे। BLO उनके घर पहुंचकर जरूरी दस्तावेज जुटाएंगे। इसके बाद दस्तावेजों को संबंधित डिजिटल सिस्टम पर अपलोड किया जाएगा, ताकि अधिकारी आगे की कार्रवाई कर सकें।

33 लाख से ज्यादा मतदाताओं के लिए महत्वपूर्ण फैसला

दिल्ली की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में करीब 97 लाख मतदाताओं के नाम शामिल थे। इनमें लगभग 33.13 लाख मतदाताओं के विवरण में विसंगतियां पाए जाने के बाद उन्हें नोटिस के लिए चिन्हित किया गया था। इनमें बड़ी संख्या ऐसे लोगों की थी, जिनकी जानकारी पुराने मतदाता रिकॉर्ड से मैप नहीं हो सकी थी।

निर्वाचन अधिकारियों ने पहले ही स्पष्ट किया था कि नोटिस जारी होने का मतलब यह नहीं है कि संबंधित व्यक्ति का नाम सीधे मतदाता सूची से हटा दिया जाएगा। नोटिस का उद्देश्य संबंधित जानकारी और दस्तावेजों का सत्यापन करना है।

ऐसे में आयोग का नया फैसला उन लोगों के लिए महत्वपूर्ण है जिन्हें सत्यापन प्रक्रिया के दौरान दस्तावेज देने या अपनी स्थिति स्पष्ट करने के लिए बुलाया गया था।

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घर पर पहुंचेंगे BLO, दस्तावेजों का होगा सत्यापन

नई व्यवस्था के तहत बूथ लेवल अधिकारी मतदाता के घर जाकर जरूरी दस्तावेज प्राप्त करेंगे। इसके बाद संबंधित दस्तावेजों को ECI-Net पर अपलोड किया जाएगा। इससे मतदाता को हर छोटी प्रक्रिया के लिए निर्वाचन कार्यालय जाने की आवश्यकता कम हो सकती है।

हालांकि, इसका अर्थ यह नहीं है कि हर मामले में व्यक्तिगत सुनवाई पूरी तरह समाप्त कर दी गई है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि असाधारण परिस्थितियों में ERO के निर्णय के आधार पर सुनवाई के लिए बुलाया जा सकता है। ऐसी सुनवाई को प्राथमिकता के आधार पर ऑनलाइन कराने की व्यवस्था मजबूत करने की बात कही गई है।

दावे और आपत्तियां दाखिल करने की समयसीमा बढ़ी

चुनाव आयोग ने दिल्ली में SIR से जुड़े दावे और आपत्तियां दाखिल करने की अंतिम तारीख भी बढ़ाई है। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार, पहले यह अवधि 30 सितंबर तक थी, जिसे बढ़ाकर 30 अक्टूबर 2026 कर दिया गया है। वहीं नोटिस तथा दावे-आपत्तियों के निस्तारण की समयसीमा 30 नवंबर 2026 तक बढ़ाई गई है।

इस अतिरिक्त समय का उद्देश्य मतदाताओं को अपने दावे के समर्थन में जरूरी जानकारी और दस्तावेज उपलब्ध कराने का पर्याप्त अवसर देना है। इससे उन लोगों को भी राहत मिल सकती है जिन्हें प्रक्रिया पूरी करने में अतिरिक्त समय की जरूरत है।

जरूरतमंद मतदाताओं के लिए हेल्प डेस्क और विशेष कैंप

निर्वाचन आयोग ने जिला निर्वाचन अधिकारियों को ऐसे मतदाताओं के लिए विशेष व्यवस्था करने के निर्देश भी दिए हैं जिन्हें SIR प्रक्रिया में सहायता की जरूरत है। इनमें रात के आश्रय गृहों में रहने वाले लोग, मजदूर, गरीब और बेघर मतदाता शामिल हैं।

ऐसे स्थानों पर आवश्यकता के अनुसार हेल्प डेस्क और विशेष शिविर लगाए जाने के निर्देश दिए गए हैं। इनका उद्देश्य मतदाताओं को अपने दावे, आपत्तियां और अन्य आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी करने में सहायता उपलब्ध कराना है।

SIR क्या है और इसका उद्देश्य क्या है?

SIR यानी Special Intensive Revision मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया है। इसका उद्देश्य मतदाता सूची में दर्ज विवरणों की जांच और आवश्यक सुधार करना है। निर्वाचन आयोग के ऑनलाइन Voters’ Services Portal पर मतदाता पंजीकरण, नाम में सुधार, पता बदलने, आवेदन की स्थिति देखने, e-EPIC डाउनलोड करने और BLO तथा मतदान केंद्र की जानकारी जैसी विभिन्न सेवाएं उपलब्ध हैं।

इस प्रक्रिया में अगर किसी मतदाता के रिकॉर्ड में अंतर या आवश्यक सत्यापन से जुड़ी समस्या सामने आती है, तो संबंधित अधिकारी दस्तावेज या अतिरिक्त जानकारी मांग सकते हैं।

क्या Jharkhand News से इसका संबंध है?

यहां एक जरूरी बात समझना महत्वपूर्ण है। यह विशेष फैसला दिल्ली में चल रही SIR प्रक्रिया से संबंधित है। इसलिए इसे सीधे झारखंड में लागू हुआ चुनाव आयोग का फैसला बताना सही नहीं होगा। आपके SEO Focus Keyword के रूप में Jharkhand News का इस्तेमाल किया जा सकता है, लेकिन पाठकों के लिए खबर की लोकेशन और फैसले का वास्तविक दायरा स्पष्ट रखना जरूरी है।

झारखंड के मतदाताओं को अपने राज्य से संबंधित मतदाता सूची, SIR या चुनावी प्रक्रिया की जानकारी के लिए राज्य के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी और निर्वाचन आयोग के आधिकारिक माध्यमों से जानकारी की पुष्टि करनी चाहिए।

मतदाताओं के लिए क्या है जरूरी?

अगर किसी मतदाता को SIR प्रक्रिया के तहत नोटिस मिला है, तो उसे नोटिस को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। जरूरी दस्तावेज और जानकारी तैयार रखना महत्वपूर्ण है। साथ ही मतदाता आयोग की ओर से उपलब्ध आधिकारिक माध्यमों से अपने आवेदन और मतदाता सूची से जुड़ी स्थिति की जानकारी ले सकते हैं।

निर्वाचन आयोग के Voters’ Services Portal पर मतदाता नाम, आवेदन की स्थिति, मतदाता पहचान पत्र और मतदान केंद्र सहित कई सेवाओं की जानकारी उपलब्ध है।

कुल मिलाकर, दिल्ली SIR से जुड़े इस फैसले में आयोग ने सामान्य मामलों में व्यक्तिगत कार्यालयी सुनवाई की आवश्यकता को कम करने और BLO के माध्यम से घर पर दस्तावेज जुटाने की व्यवस्था पर जोर दिया है। साथ ही दावे-आपत्तियों के लिए अतिरिक्त समय और जरूरतमंद लोगों के लिए हेल्प डेस्क व विशेष शिविरों की व्यवस्था की गई है।

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