Jharkhand News: डॉ. दीपेंद्र सिन्हा को RIMS निदेशक पद पर 6 महीने का सेवा विस्तार, अस्पताल प्रशासन में जारी रहेगा अनुभव

RIMS Director’s Six-Month Extension News

रांची: झारखंड की राजधानी रांची स्थित राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (RIMS) से जुड़ी एक महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। संस्थान के निदेशक डॉ. दीपेंद्र सिन्हा को उनके पद पर छह महीने का अतिरिक्त सेवा विस्तार दिया गया है। इस फैसले के बाद वे अगले छह महीनों तक RIMS के निदेशक के रूप में अपनी जिम्मेदारियां निभाते रहेंगे। राज्य के स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा क्षेत्र के लिहाज से इस निर्णय को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

RIMS झारखंड का एक प्रमुख सरकारी चिकित्सा संस्थान है, जहां राज्य के अलग-अलग जिलों से बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में संस्थान के प्रशासनिक नेतृत्व में निरंतरता बनाए रखना काफी अहम है। निदेशक के कार्यकाल को छह महीने बढ़ाने का फैसला इसी संदर्भ में चर्चा का विषय बना हुआ है।

Jharkhand News में RIMS से जुड़ा यह घटनाक्रम स्वास्थ्य व्यवस्था, अस्पताल प्रबंधन और संस्थान के भविष्य के लिहाज से महत्वपूर्ण है।

31 अक्टूबर को सेवानिवृत्त हो चुके थे डॉ. सिन्हा

डॉ. दीपेंद्र कुमार सिन्हा की सेवा अवधि बढ़ाने का फैसला इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि वे 31 अक्टूबर 2026 को निर्धारित सेवानिवृत्ति आयु पूरी कर चुके थे। इसके बावजूद राज्य सरकार ने जनहित और संस्थान के सुचारू संचालन को ध्यान में रखते हुए उन्हें अतिरिक्त जिम्मेदारी देने का निर्णय लिया।

स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार, डॉ. सिन्हा का सेवा विस्तार एक नवंबर 2026 से प्रभावी माना गया है। इस व्यवस्था के तहत वे 30 अप्रैल 2027 तक RIMS के प्रभारी निदेशक बने रहेंगे। हालांकि, यदि इस अवधि से पहले सरकार की ओर से कोई नया आदेश जारी होता है, तो उसी के अनुसार आगे की व्यवस्था लागू होगी।

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मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की स्वीकृति के बाद जारी हुआ आदेश

डॉ. सिन्हा के सेवा विस्तार से संबंधित प्रस्ताव को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की स्वीकृति मिलने के बाद स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग ने अधिसूचना जारी की। इस फैसले में सेवानिवृत्ति से जुड़े निर्धारित प्रावधानों में विशेष छूट देने की व्यवस्था की गई है।

सरकार की ओर से यह निर्णय कैबिनेट की अंतिम स्वीकृति की प्रत्याशा में लिया गया है। इसका उद्देश्य RIMS में प्रशासनिक नेतृत्व को बनाए रखना और अस्पताल के नियमित कामकाज में किसी तरह की बाधा उत्पन्न होने से रोकना है।

सरकारी आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि डॉ. सिन्हा के सेवा विस्तार के दौरान मिलने वाले वेतन और अन्य भत्तों का भुगतान RIMS के स्वीकृत बजट से किया जाएगा। यानी इस अतिरिक्त व्यवस्था के लिए संस्थान के निर्धारित बजट प्रावधान का ही इस्तेमाल होगा।

RIMS की 66वीं शासी परिषद की बैठक में लिया गया था फैसला

डॉ. दीपेंद्र कुमार सिन्हा को सेवा विस्तार देने की प्रक्रिया RIMS की 66वीं शासी परिषद की बैठक से जुड़ी हुई है। इस बैठक में संस्थान के प्रशासनिक संचालन और निदेशक पद की जिम्मेदारी को लेकर चर्चा की गई थी।

दरअसल, डॉ. सिन्हा की सेवानिवृत्ति नजदीक होने के कारण निदेशक पद पर आगे की व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे थे। RIMS जैसे बड़े चिकित्सा संस्थान में निदेशक का पद काफी महत्वपूर्ण होता है। यहां मरीजों के इलाज से लेकर मेडिकल शिक्षा, अस्पताल प्रबंधन, वित्तीय फैसलों और संस्थान के विकास से जुड़े कई काम निदेशक की निगरानी में होते हैं।

ऐसे में शासी परिषद की बैठक में यह निर्णय लिया गया कि नियमित निदेशक की नियुक्ति होने तक डॉ. सिन्हा को छह महीने का अतिरिक्त कार्यकाल दिया जाए। इसके बाद राज्य सरकार ने इस प्रस्ताव पर कार्रवाई करते हुए सेवा विस्तार की अधिसूचना जारी कर दी।

25 जून 2026 को मिली थी पहली बार निदेशक की जिम्मेदारी

डॉ. दीपेंद्र कुमार सिन्हा को RIMS के निदेशक पद की जिम्मेदारी पहली बार 25 जून 2026 को सौंपी गई थी। उस समय वे संस्थान में सर्जरी विभाग के प्रोफेसर के रूप में कार्यरत थे।

25 जून को तत्कालीन निदेशक डॉ. राज कुमार के इस्तीफे के बाद राज्य सरकार ने डॉ. सिन्हा को निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) का अतिरिक्त प्रभार सौंपा था। इसके बाद से वे संस्थान के प्रशासनिक कार्यों की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। Hindustan Times+1

RIMS की आधिकारिक वेबसाइट पर भी प्रोफेसर डॉ. दीपेंद्र कुमार सिन्हा को संस्थान के निदेशक एवं CEO के रूप में दर्शाया गया है।

सेवा विस्तार के साथ लागू रहेंगी ये महत्वपूर्ण शर्तें

राज्य सरकार ने डॉ. सिन्हा को छह महीने का सेवा विस्तार देते समय कुछ शर्तें भी निर्धारित की हैं। इसका मतलब है कि यह नियुक्ति स्थायी नहीं होगी, बल्कि एक अस्थायी प्रशासनिक व्यवस्था के रूप में लागू रहेगी।

सरकारी अधिसूचना में प्रमुख शर्तें इस प्रकार हैं:

  • अस्थायी व्यवस्था: डॉ. सिन्हा का सेवा विस्तार पूरी तरह अस्थायी और कार्यकारी प्रकृति का होगा।
  • स्थायी नियुक्ति का अधिकार नहीं: इस अवधि के आधार पर वे नियमित निदेशक पद पर नियुक्ति का दावा नहीं कर सकेंगे।
  • नियमित निदेशक की नियुक्ति: जैसे ही नियमित निदेशक नियुक्त होकर पदभार संभालेंगे, डॉ. सिन्हा की यह अतिरिक्त व्यवस्था स्वतः समाप्त हो जाएगी।
  • सरकार का अधिकार: राज्य सरकार जनहित को ध्यान में रखते हुए इस व्यवस्था को किसी भी समय समाप्त कर सकती है।
  • वेतन और भत्ते: सेवा विस्तार के दौरान होने वाला खर्च RIMS के स्वीकृत बजट से वहन किया जाएगा।
  • नियमों का पालन: अन्य सेवा शर्तें RIMS अधिनियम 2002, संशोधन अधिनियम 2006 और संबंधित नियमावली एवं विनियमों के अनुसार लागू रहेंगी।

RIMS के कामकाज के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह फैसला?

राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान झारखंड के सबसे प्रमुख सरकारी चिकित्सा संस्थानों में शामिल है। यहां रांची के अलावा राज्य के ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों से भी मरीज बेहतर इलाज की उम्मीद लेकर पहुंचते हैं।

संस्थान में चिकित्सा सेवाओं के साथ-साथ मेडिकल शिक्षा, शोध और सुपर स्पेशियलिटी सुविधाओं का भी संचालन होता है। ऐसे में निदेशक का पद केवल प्रशासनिक जिम्मेदारी तक सीमित नहीं है, बल्कि संस्थान की समग्र कार्यप्रणाली से भी जुड़ा हुआ है।

RIMS में पहले से ही चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार, नए विभाग शुरू करने और अस्पताल के बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने से संबंधित योजनाओं पर चर्चा होती रही है। ऐसे समय में निदेशक पद पर जिम्मेदारी की निरंतरता बनाए रखना संस्थान के लिए अहम हो सकता है।

डॉ. सिन्हा को छह महीने का सेवा विस्तार मिलने से फिलहाल नेतृत्व को लेकर बनी अनिश्चितता दूर हुई है। अब उनकी प्राथमिक जिम्मेदारी अस्पताल के नियमित कामकाज को सुचारू बनाए रखने और प्रशासनिक कार्यों को आगे बढ़ाने की होगी।

अब 30 अप्रैल 2027 तक संभालेंगे जिम्मेदारी

झारखंड सरकार के ताजा आदेश के बाद डॉ. दीपेंद्र कुमार सिन्हा 30 अप्रैल 2027 तक RIMS के प्रभारी निदेशक बने रहेंगे, बशर्ते इससे पहले कोई नया सरकारी आदेश या नियमित निदेशक की नियुक्ति न हो जाए।

इस फैसले से RIMS के प्रशासनिक संचालन को फिलहाल स्थिरता मिलने की उम्मीद है। वहीं, नियमित निदेशक की नियुक्ति को लेकर आगे सरकार क्या निर्णय लेती है, इस पर भी संस्थान से जुड़े लोगों और राज्य की जनता की नजर रहेगी।

फिलहाल Jharkhand News में RIMS निदेशक के सेवा विस्तार से जुड़ी यह खबर राज्य के स्वास्थ्य विभाग और चिकित्सा शिक्षा व्यवस्था के लिए एक अहम प्रशासनिक घटनाक्रम है।

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