1
1
नई दिल्ली। Hiren Joshi PMO: प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) में लंबे समय तक सबसे प्रभावशाली अधिकारियों में गिने जाने वाले हिरेन जोशी एक बार फिर से राजनीतिक विवाद के केंद्र में आ गए हैं। Hiren Joshi को लेकर कांग्रेस ने सीधे प्रधानमंत्री कार्यालय पर सवाल दागते हुए सरकार से स्पष्ट और पारदर्शी जवाब की मांग की है।
Hiren Joshi PMO: कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में दावा किया कि हिरेन जोशी के करीबी एक अधिकारी को अचानक लॉ कमीशन से हटाया गया और उनसे तत्काल सरकारी आवास खाली करवाया गया। खेड़ा ने कहा कि यह मामला सिर्फ एक ट्रांसफर या इस्तीफा नहीं है, बल्कि “PMO के भीतर गंभीर गतिविधियों का संकेत” है।
खेड़ा ने आरोप लगाते हुए कहा—
“हिरेन जोशी कोई साधारण नाम नहीं है। वे PMO में बेहद ताकतवर व्यक्ति रहे हैं। देश को जानने का हक है कि उनके कारोबारी संबंध क्या हैं, क्या किसी बेटिंग ऐप से लिंक हैं और विदेशों में किन संस्थाओं से संपर्क हैं।”
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार इस मामले को छिपा रही है। यदि सरकार ने जवाब नहीं दिया तो संदेह और गहरा होगा।
कांग्रेस की नेता सुप्रिया श्रीनेत ने भी X पर लिखा कि PMO के OSD हिरेन जोशी को अचानक हटाया जाना और प्रसार भारती के चेयरमैन नवनीत सहगल का इस्तीफा, “PMO में कुछ बड़ा होने” का संकेत देता है।
यह पहली बार नहीं है जब HIREN JOSHI PMO को लेकर सवाल उठे हैं। बीजेपी नेता और पूर्व सांसद सुब्रमण्यम स्वामी पहले भी आरोप लगा चुके हैं कि हिरेन जोशी का मीडिया मैनेजमेंट पर प्रभाव है और वे कई चैनलों की दिशा तय करते हैं।
2022 में दिल्ली के तत्कालीन मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी आरोप लगाया था कि जोशी न्यूज़ चैनलों पर आप (AAP) की कवरेज रोकने के लिए दबाव डालते हैं।

Jharkhand समेत देशभर के Important News पायें, Group Join करें
Hiren Joshi PMO (हिरेन जोशी) को PM नरेंद्र मोदी का ‘आंख और कान’ माना जाता है। वे 2019 में PMO में कम्युनिकेशन और आईटी विभाग में OSD नियुक्त हुए थे और लंबे समय से पीएम मोदी की डिजिटल रणनीति, सोशल मीडिया संचालन और कम्युनिकेशन सिस्टम का नेतृत्व करते रहे हैं।
रिपोर्ट्स के अनुसार, वे हर सुबह और देर रात पीएम मोदी को सोशल मीडिया और ऑनलाइन गतिविधियों की विस्तृत रिपोर्ट देते थे। कई चुनाव अभियानों में भी उनकी डिजिटल रणनीति की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जाती है।
कांग्रेस के इन आरोपों पर अब तक PMO की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। विपक्ष का कहना है कि सरकार की चुप्पी इस विवाद को और बढ़ा सकती है, क्योंकि मामला PMO के सबसे प्रभावशाली अधिकारियों में से एक हिरेन जोशी से जुड़ा हुआ है।
अगर आप चाहें तो मैं इसके लिए
Jharkhand समेत देशभर के Important News पायें, Group Join करें
हिरेन जोशी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सबसे करीबी और प्रभावशाली OSD में से एक रहे हैं। वे PMO में कम्युनिकेशन और आईटी रणनीति का नेतृत्व करते थे।
कांग्रेस का आरोप है कि हिरेन जोशी के करीबी अधिकारी को अचानक हटाया गया, जिससे PMO के भीतर “कुछ बड़ा होने” की आशंका जताई जा रही है।
हाल ही में PMO और प्रसार भारती के भीतर हुए अचानक बदलावों के कारण राजनीतिक हलचल तेज हो गई है और कांग्रेस ने स्पष्टीकरण की मांग की है।
हाँ। बीजेपी के पूर्व सांसद सुब्रमण्यम स्वामी पहले भी मीडिया मैनेजमेंट को लेकर हिरेन जोशी पर आरोप लगा चुके हैं।
नहीं। अभी तक PMO की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
वे पीएम मोदी के डिजिटल कम्युनिकेशन, सोशल मीडिया, वेबसाइट मैनेजमेंट और रणनीतिक रिपोर्टिंग के प्रमुख सलाहकार माने जाते थे।
Jharkhand समेत देशभर के Important News पायें, Group Join करें