CM Hemant Soren: असम बाढ़ पीड़ितों की सहायता के लिए झारखंड सरकार देगी ₹3 करोड़, मुख्यमंत्री ने लिखा संवेदना पत्र

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Table of Content

  • असम में बाढ़ से उत्पन्न गंभीर स्थिति
  • CM Hemant Soren ने असम के मुख्यमंत्री को लिखा पत्र
  • मुख्यमंत्री राहत कोष-असम में ₹3 करोड़ की सहायता
  • झारखंड सरकार ने मानवीय संवेदना का दिया संदेश
  • झारखंडवासियों से सहयोग की अपील
  • राहत एवं पुनर्वास कार्यों पर रहेगा सहयोग
  • मानवीय एकजुटता का उदाहरण बना झारखंड

CM Hemant Soren: असम बाढ़ पीड़ितों की सहायता के लिए झारखंड सरकार देगी ₹3 करोड़, मुख्यमंत्री ने लिखा संवेदना पत्र

रांची: असम में आई विनाशकारी बाढ़ से उत्पन्न गंभीर मानवीय संकट के बीच CM Hemant Soren ने संवेदनशीलता और मानवीय दायित्व का परिचय देते हुए राज्य सरकार की ओर से बड़ी राहत सहायता की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्वा सरमा को एक आधिकारिक पत्र भेजकर झारखंड सरकार की ओर से मुख्यमंत्री राहत कोष-असम में ₹3 करोड़ की आर्थिक सहायता देने की जानकारी दी है।

अपने पत्र में CM Hemant Soren ने कहा कि असम इस समय भीषण प्राकृतिक आपदा का सामना कर रहा है। लगातार आई बाढ़ के कारण हजारों परिवार प्रभावित हुए हैं, बड़ी संख्या में लोगों को अपने घर छोड़ने पड़े हैं और जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। उन्होंने कहा कि इस कठिन समय में झारखंड सरकार और राज्य की पूरी जनता असम के साथ मजबूती से खड़ी है।


CM Hemant Soren ने जताई गहरी संवेदना

मुख्यमंत्री CM Hemant Soren ने अपने पत्र में लिखा कि असम में आई बाढ़ ने व्यापक स्तर पर जन-धन की क्षति पहुंचाई है। हजारों लोग विस्थापित हुए हैं और अनेक परिवारों के सामने जीवनयापन का गंभीर संकट उत्पन्न हो गया है। ऐसी परिस्थितियों में प्रभावित लोगों की सहायता करना केवल एक प्रशासनिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि मानवीय और नैतिक कर्तव्य भी है।

उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदाएं केवल एक राज्य की समस्या नहीं होतीं, बल्कि पूरे देश के लिए चिंता का विषय होती हैं। ऐसे समय में सभी राज्यों को एक-दूसरे का सहयोग करना चाहिए ताकि संकट से जूझ रहे लोगों को शीघ्र राहत मिल सके।


मुख्यमंत्री राहत कोष-असम में ₹3 करोड़ की सहायता

पत्र में CM Hemant Soren ने स्पष्ट किया कि झारखंड सरकार असम के बाढ़ प्रभावित लोगों की सहायता के उद्देश्य से मुख्यमंत्री राहत कोष-असम में ₹3 करोड़ का योगदान दे रही है। यह राशि राहत, बचाव एवं पुनर्वास कार्यों में उपयोग की जाएगी ताकि प्रभावित परिवारों को जल्द से जल्द आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जा सके।

मुख्यमंत्री ने आशा व्यक्त की कि यह आर्थिक सहयोग राहत कार्यों को और प्रभावी बनाने में सहायक सिद्ध होगा तथा प्रभावित लोगों के जीवन को सामान्य बनाने की दिशा में सकारात्मक योगदान देगा।


झारखंडवासियों से भी सहयोग की अपील

CM Hemant Soren ने केवल सरकारी सहायता तक ही अपनी बात सीमित नहीं रखी, बल्कि झारखंड के सभी सक्षम एवं समर्थ नागरिकों से भी अपील की कि वे अपनी क्षमता के अनुसार असम के बाढ़ प्रभावित लोगों की सहायता के लिए आगे आएं।

उन्होंने कहा कि संकट की इस घड़ी में देशवासियों का एकजुट होना सबसे बड़ी ताकत है। यदि समाज के सभी वर्ग मानवीय भावना के साथ सहयोग करें तो आपदा से प्रभावित परिवारों को जल्द राहत मिल सकती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मानवता का सबसे बड़ा धर्म यही है कि संकट में फंसे लोगों की हर संभव सहायता की जाए।


असम की जनता के साहस की सराहना

अपने संदेश में CM Hemant Soren ने असम के नागरिकों के धैर्य, साहस और संघर्षशीलता की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि कठिन परिस्थितियों के बावजूद वहां के लोग संयम और हिम्मत के साथ इस आपदा का सामना कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि राज्य सरकार, प्रशासन, राहत एजेंसियों और देशभर से मिल रहे सहयोग के माध्यम से असम जल्द ही इस संकट से बाहर निकलेगा और सामान्य जनजीवन फिर से पटरी पर लौटेगा।


आपदा के समय एकजुटता का दिया संदेश

मुख्यमंत्री ने अपने पत्र में कहा कि प्राकृतिक आपदाएं हमें एक-दूसरे के प्रति संवेदनशील और जिम्मेदार बनने का अवसर भी देती हैं। उन्होंने कहा कि देश की संघीय व्यवस्था की सबसे बड़ी ताकत यही है कि एक राज्य संकट में हो तो दूसरा राज्य उसके साथ खड़ा दिखाई देता है।

CM Hemant Soren ने कहा कि झारखंड सरकार भविष्य में भी आवश्यकता पड़ने पर हर संभव सहयोग के लिए तैयार रहेगी। उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी अन्य प्रकार की सहायता की आवश्यकता महसूस होती है तो झारखंड सरकार सकारात्मक सहयोग देने में पीछे नहीं हटेगी।


प्रभावित परिवारों के प्रति जताई संवेदना

अपने पत्र के समापन में CM Hemant Soren ने झारखंड की जनता की ओर से असम के सभी बाढ़ प्रभावित परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कामना की कि सभी प्रभावित लोग शीघ्र इस प्राकृतिक आपदा से उबरें और उनका सामान्य जीवन जल्द बहाल हो।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह समय राजनीति का नहीं, बल्कि मानवता, सहयोग और संवेदनशीलता का है। उन्होंने भरोसा जताया कि सामूहिक प्रयासों, राहत कार्यों और जनसहयोग से असम इस कठिन दौर से मजबूती के साथ बाहर निकलेगा।

झारखंड सरकार की ओर से घोषित ₹3 करोड़ की सहायता न केवल आर्थिक सहयोग का प्रतीक है, बल्कि राज्यों के बीच आपसी सहयोग, संवेदनशील शासन और राष्ट्रीय एकजुटता का भी एक महत्वपूर्ण उदाहरण है। CM Hemant Soren का यह कदम संकट की घड़ी में मानवीय मूल्यों और सहकारिता की भावना को और अधिक मजबूत करता |

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