CM Hemant Soren: झारखंड ऐसा बड़ा आंदोलन करेगा, जिसे पूरा देश देखेगा…खान एवं खनिज विधेयक पारित होने पर बोले CM Hemant Soren
रांची: झारखंड के मुख्यमंत्री CM Hemant Soren ने खान एवं खनिज (विकास और विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। मुख्यमंत्री ने Facebook पर पोस्ट कर इस विधेयक को झारखंड और झारखंडियों के हितों के खिलाफ बताया। CM Hemant Soren ने कहा कि अगर खनिज झारखंड का है और जमीन झारखंड की है, तो राज्य के हक-अधिकार का फैसला दिल्ली क्यों करेगी। उन्होंने केंद्र सरकार से विधेयक वापस लेने की मांग करते हुए चेतावनी दी कि ऐसा नहीं हुआ तो झारखंड में बड़ा आंदोलन किया जाएगा, जिसे पूरा देश देखेगा।
Table of Contents
- CM Hemant Soren ने विधेयक को बताया अन्याय
- झारखंड के सामाजिक सुरक्षा योजनाओं पर असर का दावा
- JMM करेगी विधेयक का पुरजोर विरोध
- हर जिले और पंचायत तक आंदोलन की चेतावनी
- CM Hemant Soren ने कहा- निर्णायक फैसले से पीछे नहीं हटेगा झारखंड
CM Hemant Soren ने विधेयक को बताया अन्याय
CM Hemant Soren ने अपनी Facebook पोस्ट में कहा कि लोकसभा और राज्यसभा दोनों सदनों में जल्दबाजी में खान और खनिज (विकास और विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 पारित कराया गया है। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि इस कदम के जरिए केंद्र सरकार ने झारखंड के अधिकारों को कमजोर करने का काम किया है।
मुख्यमंत्री ने विधेयक को “काला बिल” बताते हुए कहा कि यह झारखंड और झारखंडियों के साथ अन्याय है। उनके मुताबिक, इसका असर राज्य के विकास और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य पर भी पड़ सकता है।
CM Hemant Soren ने अपनी पोस्ट में सवाल उठाया, “खनिज झारखंड का, जमीन झारखंड की—तो हमारे हक-अधिकार का फैसला दिल्ली क्यों करेगी?”
मुख्यमंत्री का कहना है कि प्राकृतिक संसाधनों पर राज्य के अधिकार और उससे जुड़े फैसलों में झारखंड के हितों को प्राथमिकता मिलनी चाहिए।
झारखंड के सामाजिक सुरक्षा योजनाओं पर असर का दावा
CM Hemant Soren ने विधेयक के संभावित आर्थिक प्रभाव को लेकर भी चिंता जताई है। उन्होंने दावा किया कि इस कानून के कारण झारखंड में करोड़ों लोगों के लिए संचालित सामाजिक सुरक्षा और कल्याणकारी योजनाएं प्रभावित हो सकती हैं।
मुख्यमंत्री ने अपनी पोस्ट में मंईयां सम्मान योजना, अबुआ आवास योजना, पेंशन, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी योजनाओं का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं पर संकट खड़ा हो सकता है और इनके संचालन में परेशानी आ सकती है।
CM Hemant Soren के मुताबिक, खनिज संसाधनों से जुड़े राजस्व का इस्तेमाल राज्य में आम लोगों के हित से जुड़ी योजनाओं और विकास कार्यों में किया जाता है। ऐसे में खनिज क्षेत्र से राज्य के अधिकारों को प्रभावित करने वाले किसी भी फैसले का सीधा असर झारखंड के विकास पर पड़ सकता है।
JMM करेगी विधेयक का पुरजोर विरोध
मुख्यमंत्री CM Hemant Soren ने स्पष्ट किया कि झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) इस विधेयक का पुरजोर विरोध करेगा। उन्होंने केंद्र सरकार से अपील की कि वह झारखंड के हितों को ध्यान में रखते हुए इस विधेयक को वापस ले।
मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड केंद्र के इस फैसले को स्वीकार नहीं करेगा। उन्होंने अपने बयान में इसे राज्य के साथ सौतेला व्यवहार करार देते हुए कहा कि झारखंड इस तरह का व्यवहार सहन नहीं करेगा।
इस मुद्दे पर आने वाले दिनों में राज्य की राजनीति गरमाने के आसार हैं। खनिज और खनिज-युक्त भूमि से जुड़े अधिकार झारखंड की राजनीति में लंबे समय से संवेदनशील विषय रहे हैं। ऐसे में CM Hemant Soren का यह बयान केंद्र और राज्य के बीच अधिकारों को लेकर नई राजनीतिक बहस को जन्म दे सकता है।
हर जिले और पंचायत तक आंदोलन की चेतावनी
CM Hemant Soren ने अपने Facebook पोस्ट में आंदोलन को लेकर भी स्पष्ट चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि अगर केंद्र सरकार ने विधेयक वापस नहीं लिया तो झारखंड में व्यापक आंदोलन किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इसका विरोध प्रत्येक जिला, प्रत्येक प्रखंड, प्रत्येक पंचायत और प्रत्येक शहर में किया जाएगा। यानी आंदोलन को केवल राजधानी या बड़े शहरों तक सीमित रखने के बजाय राज्य के व्यापक स्तर पर ले जाने की रणनीति का संकेत दिया गया है।
उन्होंने केंद्र सरकार से इस मुद्दे पर गंभीरता से विचार करने और झारखंड तथा झारखंडियों के हक-अधिकार को वापस करने की मांग की।
CM Hemant Soren ने कहा- निर्णायक फैसले से पीछे नहीं हटेगा झारखंड
CM Hemant Soren ने अपने संदेश में कहा कि यदि केंद्र सरकार ने झारखंड की मांगों पर ध्यान नहीं दिया और राज्य के अधिकारों को वापस नहीं किया गया तो झारखंड निर्णायक और ऐतिहासिक निर्णय लेने से पीछे नहीं हटेगा।
मुख्यमंत्री का यह बयान ऐसे समय आया है जब खान एवं खनिज (विकास और विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 को लेकर राज्य में राजनीतिक प्रतिक्रिया तेज हो रही है। मुख्यमंत्री ने अपने संदेश के अंत में “हूल जोहार” और “जय झारखंड” का नारा देते हुए राज्य के अधिकारों के लिए संघर्ष का संदेश दिया।
CM Hemant Soren के इस बयान से साफ है कि खनिज अधिकारों का मुद्दा आने वाले दिनों में झारखंड की राजनीति का बड़ा केंद्र बन सकता है। अब देखना होगा कि केंद्र सरकार इस पर क्या रुख अपनाती है और राज्य सरकार व JMM की ओर से विरोध का अगला कदम क्या होता है।