Coaching Centres In Ranchi: नगर निगम की बड़ी कार्रवाई, हरिओम टावर के 5 कोचिंग सेंटर सील; जानें क्या हैं सुरक्षा के नियम
रांची। राजधानी रांची में Coaching Centres In Ranchi की सुरक्षा और नियमों के पालन को लेकर नगर निगम ने बड़ी कार्रवाई की है। लालपुर थाना क्षेत्र के हरिओम टावर में संचालित पांच कोचिंग संस्थानों को नगर निगम की टीम ने सील कर दिया। इस कार्रवाई के बाद शहर के कोचिंग संस्थानों में हड़कंप मच गया है, वहीं अभिभावकों के बीच भी अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
नगर निगम की जांच में कोचिंग संस्थानों से जुड़े कई महत्वपूर्ण पहलुओं को देखा गया। इनमें फायर NOC, अग्नि सुरक्षा व्यवस्था, प्रवेश और निकास की व्यवस्था, वेंटिलेशन, उपलब्ध जगह, भवन संबंधी मानक और ट्रेड लाइसेंस जैसे बिंदु शामिल थे। नगर निगम के अनुसार, जिन संस्थानों पर कार्रवाई हुई, उन्हें पहले कमियां दूर करने के लिए नोटिस दिया गया था। निर्धारित समय में आवश्यक सुधार नहीं होने के बाद सीलिंग की कार्रवाई की गई।
Coaching Centres In Ranchi में हरिओम टावर के इन 5 संस्थानों पर कार्रवाई
रांची नगर निगम की कार्रवाई हरिओम टावर में संचालित पांच कोचिंग संस्थानों के खिलाफ हुई। सील किए गए संस्थानों में द पाठशाला, पतंजलि IAS एकेडमी, मोशन एकेडमी, CLAT Preparation और चैतन्या IAS एकेडमी शामिल हैं।
रिपोर्टों के अनुसार, नगर निगम के निरीक्षण में इन संस्थानों में सुरक्षा और भवन से संबंधित विभिन्न कमियां सामने आई थीं। इनमें फायर NOC और अग्नि सुरक्षा व्यवस्था के अलावा प्रवेश-निकास, वेंटिलेशन तथा पर्याप्त जगह जैसे पहलुओं की भी जांच की गई। कुछ संस्थानों के संचालन से जुड़े ट्रेड लाइसेंस की स्थिति भी जांच के दायरे में थी।
इस कार्रवाई को केवल पांच संस्थानों तक सीमित अभियान के रूप में नहीं देखा जा रहा है। इससे पहले नगर निगम ने शहर में कई अन्य कोचिंग संस्थानों की भी जांच शुरू की थी और नियमों का पालन नहीं करने वाले संस्थानों को नोटिस जारी किए गए थे।
Coaching Centres In Ranchi की सुरक्षा में Fire NOC क्यों है जरूरी?
कोचिंग सेंटर में बड़ी संख्या में विद्यार्थी एक साथ मौजूद रहते हैं। ऐसे में आग लगने जैसी आपात स्थिति में सुरक्षित निकासी, पर्याप्त अग्निशमन व्यवस्था और भवन की सुरक्षा बेहद महत्वपूर्ण हो जाती है।
झारखंड के मौजूदा Jharkhand Coaching Centre (Control and Regulation) Act, 2025 में कोचिंग सेंटर के पंजीकरण से संबंधित बुनियादी ढांचे के लिए स्पष्ट प्रावधान हैं। कानून के अनुसार, कोचिंग सेंटर को लागू National Building Code, 2016, Jharkhand Building Bylaws, 2016 और दिव्यांगजनों से जुड़े कानून के प्रावधानों का पालन करना होगा तथा संबंधित वैधानिक अथॉरिटी से Fire and Building Safety Certificate प्राप्त करना होगा।
यानी Coaching Centres In Ranchi में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के लिए केवल अच्छी पढ़ाई और बेहतर रिजल्ट ही पर्याप्त नहीं हैं। संस्थान का भवन और वहां उपलब्ध सुरक्षा सुविधाएं भी महत्वपूर्ण हैं।
Coaching Centres In Ranchi के लिए एक छात्र पर कितनी जगह जरूरी?
झारखंड के नए कानून में कोचिंग सेंटर के इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर भी प्रावधान किया गया है। आवेदन के दौरान प्रत्येक विद्यार्थी के लिए कक्षा में कम से कम एक वर्ग मीटर built-up area का प्रावधान रखा गया है। साथ ही विद्यार्थियों की संख्या के अनुपात में पर्याप्त supporting infrastructure उपलब्ध होना चाहिए।
इसका सीधा संबंध overcrowding से है। यदि किसी छोटे कमरे में क्षमता से अधिक विद्यार्थियों को बैठाया जाता है तो सामान्य परिस्थितियों में भी परेशानी हो सकती है और आग या किसी अन्य आपात स्थिति में जोखिम और बढ़ सकता है।
Coaching Centres In Ranchi में वेंटिलेशन और बिजली की सुरक्षा भी जरूरी
सुरक्षा केवल Fire NOC तक सीमित नहीं है। झारखंड के कानून में कोचिंग सेंटर के संचालन के लिए भवन के पूरी तरह विद्युतीकृत होने, पर्याप्त वेंटिलेशन और प्रत्येक कक्षा में पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था का भी प्रावधान है। विद्यार्थियों और कर्मचारियों के लिए सुरक्षित पेयजल की सुविधा भी आवश्यक है।
इसके अलावा आवश्यकता के अनुसार CCTV कैमरे और सुरक्षा कर्मियों की व्यवस्था का भी प्रावधान किया गया है। कोचिंग सेंटर में प्राथमिक उपचार की व्यवस्था और आपातकालीन सेवाओं की जानकारी प्रमुख स्थानों पर प्रदर्शित करने की बात भी कानून में शामिल है।
Coaching Centres In Ranchi में अलग-अलग शौचालय और शिकायत व्यवस्था
विद्यार्थियों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कानून में छात्र और छात्राओं के लिए अलग-अलग शौचालय की व्यवस्था का भी प्रावधान है। इसके साथ ही विद्यार्थियों की शिकायतों और समस्याओं के समाधान के लिए शिकायत पेटी तथा उपयुक्त grievance redressal mechanism होना चाहिए।
इससे स्पष्ट है कि अब कोचिंग संस्थानों के लिए केवल क्लासरूम और शिक्षकों की व्यवस्था करना ही पर्याप्त नहीं माना जा सकता। विद्यार्थियों के लिए सुरक्षित और सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध कराना भी नियामकीय ढांचे का हिस्सा है।
Coaching Centres In Ranchi के संचालन का समय भी निर्धारित
झारखंड के कानून में कोचिंग सेंटर के संचालन से संबंधित समय सीमा भी निर्धारित की गई है। पंजीकरण के लिए दिए जाने वाले विवरण में संचालन का समय सुबह 6 बजे से रात 9 बजे के बीच होना चाहिए। संचालन के दौरान प्रत्येक बैच में विद्यार्थियों की संख्या भी पंजीकरण के समय प्रस्तावित सीटों से अधिक नहीं हो सकती।
इस प्रावधान का उद्देश्य भीड़ को नियंत्रित करने और विद्यार्थियों के लिए व्यवस्थित शैक्षणिक वातावरण बनाए रखने से जुड़ा है।
Coaching Centres In Ranchi के लिए Registration भी महत्वपूर्ण
झारखंड में अब कोचिंग संस्थानों को नियंत्रित करने के लिए अलग कानूनी ढांचा मौजूद है। Jharkhand Coaching Centre (Control and Regulation) Act, 2025 को राज्यपाल की मंजूरी 20 जनवरी 2026 को मिली और इसे 2 मार्च 2026 को झारखंड गजट में प्रकाशित किया गया। अधिनियम पूरे झारखंड राज्य में लागू होता है।
कानून के तहत पहले से संचालित कोचिंग सेंटरों को अधिनियम के लागू होने के छह महीने के भीतर वेब पोर्टल के माध्यम से पंजीकरण के लिए आवेदन करना था, जबकि नए कोचिंग सेंटरों के लिए भी पंजीकरण व्यवस्था निर्धारित की गई है। अलग-अलग शाखाओं या कैंपस को अलग कोचिंग सेंटर माना जाएगा और उनके लिए अलग पंजीकरण आवेदन आवश्यक है।
पंजीकरण सफल होने के बाद कोचिंग सेंटर को CCR-ID दिया जाता है और कानून के अनुसार पंजीकरण की वैधता पांच वर्ष तक हो सकती है, जब तक उसे पहले रद्द न किया जाए।
Coaching Centres In Ranchi में विद्यार्थियों की सुरक्षा के साथ मानसिक स्वास्थ्य पर भी जोर
नए कानून में विद्यार्थियों की सुरक्षा को केवल भवन और अग्नि सुरक्षा तक सीमित नहीं रखा गया है। कोचिंग संस्थानों के लिए मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े प्रावधान भी किए गए हैं।
हर कोचिंग सेंटर के लिए योग्य मानसिक स्वास्थ्य काउंसलर की व्यवस्था का प्रावधान है। इसके अलावा मानसिक स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता और sensitization sessions आयोजित करने की बात भी कानून में कही गई है।
कोचिंग संस्थानों को विद्यार्थियों और अभिभावकों को कोर्स, पढ़ाने के तरीके, कोर्स की अवधि और उपलब्ध सुविधाओं के बारे में जानकारी देने की जिम्मेदारी भी दी गई है।
Coaching Centres In Ranchi में अभिभावक दाखिले से पहले क्या जांचें?
रांची में अपने बच्चे का दाखिला किसी कोचिंग सेंटर में कराने से पहले अभिभावकों को केवल रिजल्ट और फीस की तुलना नहीं करनी चाहिए। उन्हें संस्थान की सुरक्षा व्यवस्था भी देखनी चाहिए।
इन बातों की जांच करना उपयोगी रहेगा:
- संस्थान के पास वैध Fire and Building Safety Certificate/Fire NOC है या नहीं।
- भवन में सुरक्षित और पर्याप्त प्रवेश-निकास व्यवस्था है या नहीं।
- कक्षा में विद्यार्थियों की संख्या उपलब्ध जगह के अनुरूप है या नहीं।
- कमरे में पर्याप्त वेंटिलेशन और रोशनी है या नहीं।
- अग्निशमन उपकरण और आपात स्थिति से निपटने की व्यवस्था मौजूद है या नहीं।
- CCTV और आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध है या नहीं।
- प्राथमिक उपचार और आपातकालीन संपर्क की जानकारी उपलब्ध है या नहीं।
- लड़के और लड़कियों के लिए अलग शौचालय हैं या नहीं।
- संस्थान के पास आवश्यक पंजीकरण और स्थानीय लाइसेंस मौजूद हैं या नहीं।
- विद्यार्थियों की शिकायतों के समाधान के लिए उचित व्यवस्था है या नहीं।
Coaching Centres In Ranchi पर कार्रवाई से क्या संदेश?
हरिओम टावर में पांच कोचिंग संस्थानों की सीलिंग कार्रवाई ने रांची में कोचिंग सेंटरों की सुरक्षा व्यवस्था को एक बार फिर चर्चा के केंद्र में ला दिया है। यह कार्रवाई अभिभावकों के लिए भी एक महत्वपूर्ण संदेश है कि बच्चों को कोचिंग में भेजने से पहले संस्थान की शैक्षणिक गुणवत्ता के साथ-साथ उसके भवन और सुरक्षा मानकों की जानकारी लेना जरूरी है।
वहीं कोचिंग संचालकों के लिए भी यह कार्रवाई इस बात का संकेत है कि केवल कक्षाएं संचालित करना पर्याप्त नहीं है। उन्हें भवन, अग्नि सुरक्षा, लाइसेंस, पंजीकरण, विद्यार्थियों की क्षमता और अन्य लागू नियमों का पालन करना होगा।
झारखंड के नए कानून में नियमों के उल्लंघन पर दंड का भी प्रावधान है। शिकायत और जांच की प्रक्रिया के बाद पहली बार के उल्लंघन पर ₹5 लाख तक, दूसरी बार पर ₹10 लाख तक जुर्माना लगाया जा सकता है, जबकि बाद के उल्लंघन पर पंजीकरण रद्द करने का प्रावधान है। दंड लगाने से पहले संबंधित कोचिंग सेंटर को सुनवाई का अवसर देना जरूरी है।
निष्कर्ष
रांची में Coaching Centres In Ranchi पर हुई मौजूदा कार्रवाई का सबसे बड़ा संदेश यही है कि विद्यार्थियों की सुरक्षा को किसी भी स्थिति में नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए कोचिंग संस्थान महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, लेकिन इसके साथ सुरक्षित भवन, अग्नि सुरक्षा, पर्याप्त जगह, वेंटिलेशन, आपातकालीन सुविधाएं और वैध अनुमति भी उतनी ही जरूरी हैं।
अभिभावकों को चाहिए कि वे बच्चे का दाखिला कराने से पहले संस्थान की सुरक्षा और वैधानिक स्थिति के बारे में जानकारी लें। वहीं कोचिंग संचालकों को भी यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उनका संस्थान झारखंड के मौजूदा कानूनी और स्थानीय निकाय के नियमों के अनुरूप संचालित हो।
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