Epstein Files : कांग्रेस ने मोदी और एपस्टीन के कथित संबंधों की क्रोनोलॉजी पेश की

Epstein Files

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नई दिल्ली, 25 फरवरी — Epstein Files को लेकर कांग्रेस ने प्रधानमंत्री Narendra Modi और कुख्यात अमेरिकी अपराधी Jeffrey Epstein के बीच कथित संबंधों की विस्तृत क्रोनोलॉजी पेश की है। पार्टी ने आरोप लगाया कि वर्ष 2014 के बाद पश्चिम एशिया को लेकर भारत की पारंपरिक विदेश नीति में बदलाव अमेरिका-इजराइल लॉबी के प्रभाव में किया गया।

कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में पार्टी के मीडिया एवं पब्लिसिटी विभाग के अध्यक्ष पवन खेड़ा ने दावा किया कि Epstein Files से वर्ष 2014 से 2017 के बीच की कई घटनाएं सामने आती हैं, जो भारत की विदेश नीति और रक्षा सौदों पर विदेशी प्रभाव की ओर संकेत करती हैं।

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Epstein Files और 2017 की कथित ईमेल्स का उल्लेख

कांग्रेस के अनुसार, 4 जनवरी 2017 को हरदीप सिंह पुरी ने जेफरी एपस्टीन को मुलाकात के लिए ईमेल भेजी। फरवरी 2017 में एपस्टीन ने उद्योगपति अनिल अंबानी का परिचय इजरायल के पूर्व प्रधानमंत्री Ehud Barak से कराया।

मार्च 2017 में अनिल अंबानी द्वारा एपस्टीन से अमेरिका के साथ रक्षा सहयोग को लेकर सलाह मांगे जाने का दावा किया गया। इसके बाद एपस्टीन ने एहुद बराक को मेल कर पूछा कि अमेरिकी रक्षा मामलों में भारत की भूमिका क्या हो सकती है। कांग्रेस ने सवाल उठाया कि यह बातचीत किसके निर्देश पर की जा रही थी।

अमेरिका और इजराइल यात्राओं पर सवाल

कांग्रेस ने यह भी कहा कि 15-18 मई 2017 को फिलिस्तीन के राष्ट्रपति Mahmoud Abbas भारत आए थे, जिससे कथित रूप से अमेरिकी-इजरायली लॉबी असहज थी। इसके बाद 25-26 जून 2017 को पीएम मोदी अमेरिका गए और फिर 4-6 जुलाई 2017 को इजराइल की यात्रा की, लेकिन फिलिस्तीन नहीं गए।

कांग्रेस के अनुसार, 6 जुलाई 2017 की एक ईमेल में एपस्टीन ने कतर के एक व्यवसायी को लिखा कि भारतीय प्रधानमंत्री ने अमेरिकी राष्ट्रपति को खुश करने के लिए इजराइल में कार्यक्रमों में भाग लिया। पार्टी का दावा है कि 29 मार्च 2017 की एक अन्य ईमेल में पीएम मोदी की अमेरिका और इजराइल यात्रा को “इजराइल स्ट्रेटजी” का हिस्सा बताया गया।

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ट्रंप और स्टीव बैनन का जिक्र

कांग्रेस ने कहा कि तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump और व्हाइट हाउस के पूर्व रणनीतिकार Steve Bannon के साथ एपस्टीन की बातचीत में प्रधानमंत्री मोदी के साथ संभावित मुलाकातों की चर्चा हुई थी। पार्टी ने आरोप लगाया कि भारत की विदेश नीति और रक्षा सौदों को प्रभावित करने में एक बाहरी नेटवर्क सक्रिय था।

रक्षा सौदों पर उठाए सवाल

कांग्रेस ने दावा किया कि 2017 के बाद इजराइल के साथ हुए अरबों डॉलर के रक्षा समझौते इसी कथित नेटवर्क का परिणाम हैं। पार्टी ने यह भी आरोप लगाया कि भारत के टैक्सपेयर्स के पैसे के उपयोग को लेकर फैसले बाहरी प्रभाव में लिए गए।

कांग्रेस के प्रमुख सवाल

पवन खेड़ा ने प्रेस वार्ता में कई सवाल उठाए:

क्या विदेश मंत्रालय और रक्षा मंत्रालय केवल औपचारिक भूमिका निभा रहे थे?

क्या एक विदेशी अपराधी भारत-अमेरिका रक्षा सहयोग को प्रभावित कर रहा था?

उद्योगपति अनिल अंबानी किस हैसियत से एपस्टीन और स्टीव बैनन से संपर्क में थे?

Epstein Files पर राजनीतिक घमासान तेज

Epstein Files को लेकर कांग्रेस के इन आरोपों के बाद सियासी हलकों में बहस तेज हो गई है। हालांकि, सरकार या संबंधित व्यक्तियों की ओर से इन आरोपों पर आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मुद्दा आगामी दिनों में संसद और सार्वजनिक मंचों पर भी उठ सकता है।