Garhwa News: जंगल के रास्ते गोवंशीय पशु ले जाते 4 आरोपी गिरफ्तार, कोर्ट ने भेजा न्यायिक हिरासत में
Garhwa News: गढ़वा जिले के नगर ऊंटारी थाना क्षेत्र में पुलिस ने गोवंशीय पशु के कथित अवैध परिवहन के मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, चारों आरोपियों को कोइंदी गांव के जंगल के रास्ते से गोवंशीय पशु को चोरी-छिपे तरीके से ले जाते हुए पकड़ा गया था।
पुलिस ने मामले में नगर ऊंटारी थाना कांड संख्या 186/2026, दिनांक 10 सितंबर 2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 303(2), 317(5), 325 एवं 3(5) तथा झारखंड गोवंशीय पशु वध अधिनियम की धारा 12 और पशु क्रूरता निवारण अधिनियम की धारा 11 के अंतर्गत मामला दर्ज किया है।
जंगल के रास्ते से ले जाए जा रहे थे गोवंशीय पशु
पुलिस के मुताबिक, नगर ऊंटारी थाना क्षेत्र के कोइंदी गांव के जंगल के रास्ते से गोवंशीय पशु को अवैध रूप से परिवहन किए जाने की सूचना मिली थी। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने चार व्यक्तियों को पकड़ा।
आरोप है कि गोवंशीय पशु को चोरी-छिपे तरीके से मारपीट करते हुए वधशाला ले जाया जा रहा था। मामले की गंभीरता को देखते हुए नगर ऊंटारी थाना प्रभारी उपेन्द्र कुमार के नेतृत्व में त्वरित कानूनी कार्रवाई की गई और चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।
गिरफ्तार आरोपियों के नाम
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान इस प्रकार है—
- अनवर खान (37 वर्ष), पिता- जलील खान, ग्राम- विशुनपुर, थाना- नगर ऊंटारी।
- शमशेर खान (21 वर्ष), पिता- सकरुल्लाह खान, ग्राम- विशुनपुर, थाना- नगर ऊंटारी।
- फज़ल हुसैन (35 वर्ष), पिता- स्व. इस्लामुद्दीन खान, ग्राम- कोइन्दी।
- अली हुसैन (35 वर्ष), पिता- स्व. कदमरसूल खान, ग्राम- पतिहारी, थाना- विशुनपुरा।
पुलिस के अनुसार, सभी गिरफ्तार आरोपी गढ़वा जिले के निवासी हैं।
सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजा गया
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ आवश्यक विधि-सम्मत कार्रवाई पूरी की। इसके बाद चारों आरोपियों को माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां से सभी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
गढ़वा पुलिस की इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में अवैध रूप से गोवंशीय पशुओं के परिवहन और पशु क्रूरता से जुड़े मामलों को लेकर पुलिस की सख्ती का संदेश गया है।
नोट: यह खबर पुलिस द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी और आरोपों पर आधारित है। आरोपियों के विरुद्ध लगाए गए आरोपों का अंतिम निर्धारण न्यायालय द्वारा किया जाना है।