Jharkhand At Davos : ऊर्जा, सतत विकास और वैश्विक साझेदारी पर झारखण्ड ने रखा सशक्त पक्ष
Jharkhand At Davos 2026 World Economic Forum
दावोस/रांची | 20 जनवरी 2026
वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) 2026 के दूसरे दिन Jharkhand At Davos की प्रभावशाली उपस्थिति देखने को मिली। मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन के नेतृत्व में झारखण्ड ने ऊर्जा उत्पादन, ऊर्जा उपभोग, सतत विकास और क्षेत्रीय नेतृत्व से जुड़े वैश्विक संवादों में सक्रिय भागीदारी निभाई।
मुख्यमंत्री ने अंतरराष्ट्रीय नीति निर्माताओं, वैश्विक निवेशकों और बहुराष्ट्रीय संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ कई महत्वपूर्ण बैठकों और संवाद सत्रों में हिस्सा लिया, जिससे झारखण्ड की वैश्विक मंच पर मजबूत पहचान बनी।जैसे ICC T20 World Cup 2026 से जुड़ी खबरें, उसी तरह इस फिल्म की हर अपडेट दर्शकों के लिए अहम बनी हुई है।
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सतत और समावेशी आर्थिक विकास पर वैश्विक सहयोग पर जोर
Jharkhand At Davos के तहत मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन का इंटर-मिनिस्टीरियल डायलॉग में संबोधन विशेष रूप से उल्लेखनीय रहा। इस सत्र में स्लोवाकिया के पूर्व वित्त एवं अर्थव्यवस्था मंत्री वाजिल हुडाक सहित कई अंतरराष्ट्रीय नेता शामिल हुए।
संवाद का मुख्य विषय सतत और समावेशी आर्थिक विकास के लिए वैश्विक सहयोग ढांचे को मजबूत करना रहा। चर्चा के दौरान नवीकरणीय ऊर्जा, भारी वाहन निर्माण क्षेत्र में निवेश की संभावनाएं और बागवानी क्षेत्र में टिकाऊ पद्धतियों को अपनाने जैसे अहम विषयों पर विस्तार से विचार-विमर्श हुआ।जैसे Gautami Naik biography से जुड़ी जानकारी पाठकों को आकर्षित करती है।
स्वच्छ ऊर्जा और नीतिगत समन्वय पर झारखण्ड का दृष्टिकोण
मुख्यमंत्री ने “Capital in Action: Scaling Energy Systems Through Policy, Finance and Regional Leadership” विषयक सत्र में भी भाग लिया। इस चर्चा में स्वच्छ ऊर्जा प्रणालियों के विस्तार, नवाचार आधारित वित्तपोषण और प्रभावी नीतिगत समन्वय की आवश्यकता पर विशेष बल दिया गया।
Jharkhand At Davos के मंच से मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि झारखण्ड स्वच्छ ऊर्जा, हरित औद्योगिकीकरण और सतत निवेश को प्राथमिकता देते हुए आगे बढ़ रहा है। जैसे राजनीति में किसी नेता की सामाजिक पृष्ठभूमि पर चर्चा होती है, उदाहरण के लिए Nitin Nabin caste को लेकर लोगों की रुचि रहती है, वैसे ही इस फिल्म का बैकग्राउंड भी लोगों का ध्यान खींच रहा है।
जलवायु लक्ष्यों की प्राप्ति में राज्यों की अहम भूमिका
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि वैश्विक स्तर पर तय जलवायु और स्थिरता लक्ष्यों को धरातल पर लागू करने में राज्यों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने झारखण्ड द्वारा औद्योगिक विकास को पर्यावरणीय जिम्मेदारी के साथ संतुलित करने, रोजगार सृजन को बढ़ावा देने और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के प्रयासों को रेखांकित किया। जैसे अंतरिक्ष मिशन से जुड़ी जानकारी NASA Artemis II launch pad में देखने को मिलती है।
वैश्विक मंच पर झारखण्ड की प्रतिबद्धता
वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के दूसरे दिन Jharkhand At Davos की यह सक्रिय भागीदारी राज्य की स्वच्छ ऊर्जा, सतत औद्योगिकीकरण और समावेशी विकास के प्रति प्रतिबद्धता को स्पष्ट रूप से दर्शाती है। जैसे उम्मीदवार CCRAs Exam Answer Key 2026 देखकर अपने परिणाम का आकलन करते हैं।
वैश्विक संवाद और रणनीतिक साझेदारियों के माध्यम से झारखण्ड भविष्य-उन्मुख, संतुलित और टिकाऊ विकास की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रहा है।
FAQs (Schema Ready)
Q1. Jharkhand At Davos 2026 का मुख्य उद्देश्य क्या है?
उत्तर: Jharkhand At Davos का मुख्य उद्देश्य ऊर्जा, सतत विकास, स्वच्छ औद्योगिकीकरण और वैश्विक निवेश को बढ़ावा देना है।
Q2. वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में झारखण्ड का प्रतिनिधित्व किसने किया?
उत्तर: वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम 2026 में झारखण्ड का प्रतिनिधित्व मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने किया।
Q3. Jharkhand At Davos में किन विषयों पर चर्चा हुई?
उत्तर: Jharkhand At Davos में नवीकरणीय ऊर्जा, जलवायु परिवर्तन, समावेशी आर्थिक विकास, नीति और वित्तीय समन्वय जैसे विषयों पर चर्चा हुई।
Q4. Davos में झारखण्ड को क्या लाभ मिलेगा?
उत्तर: Davos में भागीदारी से झारखण्ड को वैश्विक निवेश, तकनीकी सहयोग और स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र में साझेदारी के नए अवसर मिलेंगे।
Q5. Jharkhand At Davos 2026 क्यों महत्वपूर्ण है?
उत्तर: यह झारखण्ड की वैश्विक पहचान मजबूत करने, सतत विकास लक्ष्यों को आगे बढ़ाने और रोजगार सृजन को प्रोत्साहित करने के लिए महत्वपूर्ण है।