India US Trade Deal ऐतिहासिक, भारतीय अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा: शिवराज सिंह चौहान
भोपाल/नई दिल्ली: केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भारत और अमेरिका के बीच हुए हालिया India US Trade Deal को ऐतिहासिक और अभूतपूर्व करार दिया है। भोपाल स्थित अपने निवास पर आयोजित पत्रकार वार्ता में उन्होंने कहा कि यह समझौता भारतीय अर्थव्यवस्था को नई गति देने के साथ-साथ उसे वैश्विक स्तर पर और मजबूत बनाएगा।
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि India US Trade Deal केवल एक व्यापारिक समझौता नहीं, बल्कि भारत की बढ़ती वैश्विक साख और नीति-स्पष्टता का प्रतीक है। यह डील दुनिया को स्पष्ट संदेश देती है कि भारत की नीति “कमिटमेंट की है, कॉम्प्रोमाइज की नहीं”। भारत आत्मविश्वास के साथ अपने राष्ट्रीय हितों को सर्वोपरि रखकर निर्णय लेता है।
डिप्लोमेसी, डेवलपमेंट और डिग्निटी का प्रतीक India US Trade Deal
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यह India US Trade Deal डिप्लोमेसी, डेवलपमेंट और डिग्निटी का उत्कृष्ट उदाहरण है। डिप्लोमेसी का अर्थ है राष्ट्र प्रथम, और इस समझौते में भारत के हितों से कोई समझौता नहीं किया गया है। डेवलपमेंट की दृष्टि से यह डील विकसित भारत की दिशा में एक मजबूत आधार तैयार करती है, वहीं डिग्निटी यानी किसान की गरिमा को इस समझौते में पूरी तरह सुरक्षित रखा गया है।
Jharkhand समेत देशभर के Important News पायें, Group Join करें
उन्होंने स्पष्ट किया कि इस ट्रेड डील में भारतीय कृषि और किसानों से जुड़ी सभी आशंकाओं का समाधान किया गया है। यह समझौता न केवल सुरक्षा देता है, बल्कि नए अवसरों के द्वार भी खोलता है, जिससे किसानों की आय बढ़ेगी और कृषि निर्यात को बढ़ावा मिलेगा।
America में भारतीय कृषि उत्पादों को शून्य शुल्क पर बाजार
शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि India US Trade Deal के तहत अमेरिका ने भारतीय कृषि उत्पादों को बड़ा लाभ दिया है। कई भारतीय कृषि उत्पादों को अमेरिका में शून्य शुल्क (Zero Tariff) पर निर्यात की अनुमति मिलेगी। उन्होंने साफ किया कि अमेरिकी कृषि उत्पादों को भारतीय बाजार में ऐसी कोई छूट नहीं दी गई है, जिससे भारतीय किसानों को नुकसान पहुंचे।
अमेरिका ने कई कृषि उत्पादों पर टैरिफ को 50 प्रतिशत से घटाकर शून्य कर दिया है। इनमें मसाले, चाय, कॉफी, नारियल, काजू, सुपारी, फल-सब्जियां, मशरूम और कुछ अनाज शामिल हैं। उन्होंने बताया कि वर्ष 2024-25 में भारत का कृषि निर्यात 4.45 बिलियन डॉलर तक पहुंच चुका है और मसाला निर्यात में 88 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। India US Trade Deal के बाद भारतीय मसालों को अमेरिका में और बड़ा बाजार मिलेगा।
संवेदनशील कृषि उत्पाद India US Trade Deal से बाहर
केंद्रीय कृषि मंत्री ने स्पष्ट किया कि India US Trade Deal में ऐसा कोई भी उत्पाद शामिल नहीं किया गया है, जिससे भारतीय किसानों को नुकसान हो। सभी संवेदनशील वस्तुओं को समझौते से बाहर रखा गया है।
सोयाबीन, मक्का, चावल, गेहूं, चीनी, मोटे अनाज, डेयरी, पोल्ट्री, दलहन, तिलहन, इथेनॉल और तंबाकू जैसे उत्पादों पर किसी भी प्रकार की टैरिफ छूट नहीं दी गई है। प्रमुख अनाज, फल और डेयरी उत्पादों के लिए अमेरिकी बाजार को भारत में कोई विशेष प्रवेश नहीं दिया गया है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अमेरिका से आटा, चावल, गेहूं, मक्का, फ्रोजन सब्जियां, डेयरी उत्पाद और कई मसाले भारत नहीं मंगवाए जाएंगे। इससे साफ है कि भारतीय बाजार और किसान पूरी तरह सुरक्षित हैं।
India US Trade Deal से किसानों, महिलाओं और युवाओं को नए अवसर
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि India US Trade Deal से किसानों, महिलाओं और युवाओं को आगे बढ़ने के बड़े अवसर मिलेंगे। टेक्सटाइल सेक्टर में टैरिफ घटकर करीब 18 प्रतिशत रह गया है, जिससे कपास किसानों और टेक्सटाइल उद्योग को सीधा लाभ होगा। इसके अलावा जेम्स एंड ज्वेलरी, ऑटो कंपोनेंट, इंजीनियरिंग गुड्स और MSME सेक्टर के लिए भी नए व्यापारिक अवसर पैदा होंगे। स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को भी इस डील से वैश्विक बाजार तक पहुंच मिलेगी।
उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में अब तक नौ एफटीए हो चुके हैं और कई देशों के साथ बातचीत जारी है। India US Trade Deal जैसे समझौते आत्मनिर्भर और विकसित भारत के निर्माण में मील का पत्थर साबित होंगे और 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने में अहम भूमिका निभाएंगे।
- India America Trade Agreement
- India US Trade News
- Shivraj Singh Chouhan Statement
- India US Trade Deal 2026
- Indian Agriculture Export to USA
FAQs: India US Trade Deal
1. India US Trade Deal क्या है?
India US Trade Deal भारत और अमेरिका के बीच हुआ एक व्यापारिक समझौता है, जिसका उद्देश्य द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ाना, निर्यात को आसान बनाना और भारतीय अर्थव्यवस्था को मजबूती देना है।
2. India US Trade Deal को ऐतिहासिक क्यों बताया जा रहा है?
इस डील को इसलिए ऐतिहासिक कहा जा रहा है क्योंकि इसमें भारतीय कृषि और किसानों के हितों से कोई समझौता नहीं किया गया है, जबकि भारतीय उत्पादों को अमेरिकी बाजार में शून्य शुल्क पर प्रवेश मिला है।
3. क्या India US Trade Deal से भारतीय किसानों को फायदा होगा?
हाँ, India US Trade Deal से भारतीय किसानों को सीधा लाभ मिलेगा। मसाले, चाय, कॉफी, फल-सब्जियां जैसे कृषि उत्पादों को अमेरिका में जीरो टैरिफ पर निर्यात किया जाएगा, जिससे किसानों की आय बढ़ेगी।
4. क्या इस ट्रेड डील में भारतीय किसानों को नुकसान पहुंचाने वाले उत्पाद शामिल हैं?
नहीं, इस समझौते में ऐसा कोई भी उत्पाद शामिल नहीं किया गया है, जिससे भारतीय किसानों को नुकसान पहुंचे। सभी संवेदनशील कृषि और डेयरी उत्पादों को डील से बाहर रखा गया है।
5. किन भारतीय उत्पादों को अमेरिका में जीरो टैरिफ का लाभ मिलेगा?
India US Trade Deal के तहत मसाले, चाय, कॉफी, नारियल, काजू, सुपारी, आम, केला, अनानास, पपीता, मशरूम और कुछ अनाजों को अमेरिका में शून्य शुल्क पर निर्यात की सुविधा मिलेगी।
6. क्या अमेरिकी कृषि उत्पादों को भारतीय बाजार में छूट मिलेगी?
नहीं, अमेरिकी कृषि और डेयरी उत्पादों को भारतीय बाजार में कोई विशेष टैरिफ छूट नहीं दी गई है। भारतीय बाजार और किसानों की सुरक्षा पूरी तरह सुनिश्चित की गई है।
7. India US Trade Deal का असर किन सेक्टरों पर पड़ेगा?
इस ट्रेड डील का सकारात्मक असर कृषि, टेक्सटाइल, जेम्स एंड ज्वेलरी, ऑटो कंपोनेंट, इंजीनियरिंग गुड्स और MSME सेक्टर पर पड़ेगा।
8. महिलाओं और युवाओं को India US Trade Deal से क्या लाभ होगा?
इस समझौते से महिलाओं से जुड़े स्वयं सहायता समूहों और युवाओं के लिए नए रोजगार और व्यापारिक अवसर पैदा होंगे, जिससे उन्हें वैश्विक बाजार तक पहुंच मिलेगी।
9. क्या India US Trade Deal आत्मनिर्भर भारत की दिशा में मददगार है?
हाँ, India US Trade Deal आत्मनिर्भर और विकसित भारत के निर्माण में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को पूरा करने में सहायक होगा।
10. India US Trade Deal पर सरकार का आधिकारिक रुख क्या है?
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के अनुसार, यह ट्रेड डील भारत की नीति-स्पष्टता, राष्ट्रीय हितों और वैश्विक विश्वसनीयता को दर्शाती है।
Jharkhand समेत देशभर के Important News पायें, Group Join करें