Jharkhand Police: नक्सलवाद के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, 103 नक्सली गिरफ्तार; पुलिस आधुनिकीकरण पर भी जोर
Jharkhand Police: स्वतंत्रता दिवस पर डीजीपी ने गिनाईं पुलिस की उपलब्धियां
झारखंड की राजधानी रांची स्थित पुलिस मुख्यालय में स्वतंत्रता दिवस समारोह-2026 के अवसर पर डीजीपी ने राज्य पुलिस की उपलब्धियों, अपराध नियंत्रण, नक्सल विरोधी अभियान, पुलिस आधुनिकीकरण और जवानों के कल्याण से जुड़े कार्यों की जानकारी साझा की। अपने संबोधन में उन्होंने पुलिसकर्मियों, सहकर्मियों, प्रेस एवं मीडिया प्रतिनिधियों तथा समारोह में मौजूद लोगों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं।
डीजीपी ने देश के स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धापूर्वक याद करते हुए कहा कि उनके साहस और सर्वोच्च बलिदान की वजह से देश को आजादी का अमूल्य उपहार मिला। उन्होंने कहा कि स्वतंत्र भारत की एकता, अखंडता और सुरक्षा को मजबूत बनाए रखना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है।
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Table of Contents
- नक्सलवाद के खिलाफ Jharkhand Police की बड़ी कार्रवाई
- संगठित अपराध पर जीरो टॉलरेंस
- नशा तस्करी के खिलाफ 710 गिरफ्तार
- साइबर अपराध के खिलाफ अभियान
- पुलिस को मिले 636 चार पहिया और 849 दो पहिया वाहन
- Dial-112 का रिस्पांस टाइम हुआ बेहतर
- पुलिसकर्मियों और उनके परिवारों के कल्याण पर जोर
- वीरता पदक पाने वाले पुलिसकर्मियों को प्रमोशन
- एकता और अखंडता की रक्षा का संकल्प
Jharkhand Police: नक्सलवाद के खिलाफ Jharkhand Police की बड़ी कार्रवाई
डीजीपी ने कहा कि झारखंड में नक्सलवाद के खिलाफ पुलिस और सुरक्षा बलों का अभियान लगातार प्रभावी तरीके से जारी है। रणनीतिक कार्रवाई, जवानों की बहादुरी और लगातार चलाए जा रहे अभियानों के कारण राज्य में नक्सली गतिविधियों को काफी कमजोर किया गया है।
आंकड़ों के मुताबिक, जनवरी से 5 अगस्त 2026 तक कुल 103 नक्सलियों को गिरफ्तार किया गया। इनमें झारखंड सरकार की ओर से एक करोड़ रुपये के इनामी पोलित ब्यूरो सदस्य मिसिर बेसरा भी शामिल हैं।
इसी अवधि में 46 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया, जबकि पुलिस मुठभेड़ में 22 नक्सली मारे गए। मारे गए नक्सलियों में झारखंड सरकार द्वारा एक करोड़ रुपये के इनामी केंद्रीय कमेटी सदस्य अनल उर्फ पतिराम मांझी का नाम भी शामिल है।
अभियान के दौरान सुरक्षा बलों ने बड़ी मात्रा में हथियार और विस्फोटक सामग्री भी बरामद की। कुल 98 हथियार, 7,470 कारतूस, 11 किलोग्राम विस्फोटक, तीन आईईडी और लगभग छह लाख रुपये की लेवी की राशि बरामद की गई।
इन आंकड़ों से संकेत मिलता है कि नक्सल संगठनों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई केवल गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है, बल्कि उनके हथियारों, आर्थिक नेटवर्क और संगठनात्मक गतिविधियों पर भी दबाव बनाया जा रहा है।
Jharkhand Police: संगठित अपराध पर जीरो टॉलरेंस
डीजीपी ने संगठित आपराधिक गिरोहों के खिलाफ भी पुलिस की कार्रवाई का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि झारखंड पुलिस जीरो टॉलरेंस नीति के तहत काम कर रही है। इसके लिए खुफिया तंत्र, आधुनिक तकनीक और विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय का इस्तेमाल किया जा रहा है।
जनवरी से जुलाई 2026 के दौरान संगठित आपराधिक गिरोहों से जुड़े 193 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। इनके कब्जे से 63 हथियार और 274 गोलियां बरामद की गईं।
इसके अलावा ऐसे गिरोहों से जुड़े 50 अपराधियों के खिलाफ सीसीए के तहत कार्रवाई की गई। पुलिस का उद्देश्य संगठित अपराध के नेटवर्क को कमजोर करने के साथ-साथ अपराधियों की गतिविधियों पर लंबे समय तक प्रभावी नियंत्रण रखना है।
नशा तस्करी के खिलाफ 710 आरोपी गिरफ्तार
युवाओं को नशे के खतरे से बचाने के लिए झारखंड पुलिस ने मादक पदार्थों के अवैध कारोबार के खिलाफ भी अभियान तेज किया है।
डीजीपी के अनुसार, जनवरी से जून 2026 के बीच मादक पदार्थों के अवैध इस्तेमाल और कारोबार से जुड़े 710 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। इस दौरान अलग-अलग प्रकार के प्रतिबंधित मादक पदार्थ भी जब्त किए गए।
पुलिस का जोर केवल कार्रवाई पर नहीं बल्कि जागरूकता अभियान के जरिए युवाओं और आम लोगों को नशे के दुष्परिणामों के बारे में जानकारी देने पर भी है।
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Jharkhand Police : साइबर अपराध के खिलाफ विशेष अभियान, 486 गिरफ्तार
डिजिटल दौर में बढ़ते साइबर अपराध को लेकर भी Jharkhand Police ने विशेष अभियान चलाया है। डीजीपी ने बताया कि साइबर अपराधियों और उनके गिरोहों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है।
जनवरी से जून 2026 तक साइबर अपराध में संलिप्त 486 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। कार्रवाई के दौरान 17 लाख रुपये से अधिक की राशि सहित कई अवैध वस्तुएं बरामद की गईं।
पुलिस द्वारा जब्त रकम को कानूनी प्रक्रिया के तहत पीड़ितों के खातों में वापस करने की दिशा में भी कार्रवाई की जा रही है। इससे साइबर अपराध के मामलों में पीड़ितों को राहत देने और अपराधियों के आर्थिक नेटवर्क को कमजोर करने में मदद मिल सकती है।
Jharkhand Police को मिले 636 चार पहिया और 849 दो पहिया वाहन
पुलिस आधुनिकीकरण के क्षेत्र में भी राज्य में कई कदम उठाए गए हैं। डीजीपी ने बताया कि 13 मार्च 2026 को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने आधुनिक पुलिस वाहनों का लोकार्पण किया था।
इसके बाद झारखंड पुलिस को 636 चार पहिया वाहन और 849 दो पहिया वाहन मिले। चार पहिया वाहनों में महिंद्रा बोलेरो और दो पहिया वाहनों में टीवीएस अपाचे शामिल हैं।
इन वाहनों से कानून-व्यवस्था संभालने, आपात स्थिति में पुलिस की पहुंच बढ़ाने और आम लोगों तक त्वरित सहायता पहुंचाने की क्षमता मजबूत होने की उम्मीद है।
Dial-112 का रिस्पांस टाइम हुआ बेहतर
आपातकालीन पुलिस सहायता के लिए संचालित Dial-112 सेवा के प्रदर्शन में भी सुधार की जानकारी दी गई। डीजीपी के अनुसार जनवरी में लगभग 16 हजार शिकायतें दर्ज हुई थीं और उस समय पुलिस का औसत रिस्पांस टाइम 9 मिनट 41 सेकंड था।
जुलाई में शिकायतों की संख्या बढ़कर करीब 23 हजार हो गई, इसके बावजूद औसत पुलिस रिस्पांस टाइम घटकर 9 मिनट 12 सेकंड रह गया।
इससे पता चलता है कि शिकायतों की संख्या बढ़ने के बावजूद आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली की गति में सुधार हुआ है।
Jharkhand Police: पुलिसकर्मियों और परिवारों के कल्याण पर जोर
Jharkhand Police ने जवानों और उनके परिवारों के कल्याण के लिए भी विभिन्न योजनाओं के तहत आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई है।
जनवरी से जुलाई 2026 के बीच पुलिस मुख्यालय स्तरीय झारखंड पुलिस सहाय्य एवं कल्याण कोष से 1,007 लाभार्थियों के लिए 3.69 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई। चतुर्थवर्गीय कर्मचारी कल्याण कोष से 42 लाभार्थियों के लिए करीब 11.99 लाख रुपये स्वीकृत किए गए।
वहीं झारखंड पुलिस शिक्षा कोष से 9,443 लाभार्थियों के लिए 11.46 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई। झारखंड पुलिस परोपकारी कोष के माध्यम से पुलिस पदाधिकारियों और कर्मियों के 737 आश्रितों के लिए करीब 3.93 करोड़ रुपये की सहायता मंजूर की गई।
इसके अलावा पुलिसकर्मियों के 153 आश्रितों को अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति दी गई। 4 अगस्त को हुई पुलिस मुख्यालय स्तरीय अनुकंपा समिति की बैठक में 84 मामलों को नियुक्ति के लिए योग्य पाया गया।
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वीरता पदक पाने वाले 37 पुलिसकर्मियों को प्रोन्नति
डीजीपी ने पुलिसकर्मियों के सम्मान और पदोन्नति से जुड़े फैसलों की भी जानकारी दी। वीरता पदक प्राप्त 37 पुलिस पदाधिकारी और कर्मियों को पारी से बाहर प्रोन्नति दी गई।
वायरलेस संवर्ग में 11 पुलिस अवर निरीक्षकों को पुलिस निरीक्षक और तीन सहायक पुलिस अवर निरीक्षकों को पुलिस अवर निरीक्षक कोटि में प्रोन्नति मिली।
आयुधिक संवर्ग में 10 आयुधिक अवर निरीक्षकों को आयुधिक निरीक्षक और 24 हवलदारों को आयुधिक अवर निरीक्षक की कोटि में पदोन्नति दी गई। झारखंड सशस्त्र पुलिस के 201 हवलदारों को भी संबंधित श्रेणी में प्रोन्नति दी गई।
इसके साथ ही 970 पुलिस पदाधिकारियों के एसीपी/एमएसीपी से संबंधित स्वीकृति की कार्रवाई की गई।
Jharkhand Police: देश की एकता और अखंडता की रक्षा का संकल्प
स्वतंत्रता दिवस समारोह के समापन अवसर पर डीजीपी ने पुलिसकर्मियों और उपस्थित लोगों से देश की एकता, अखंडता, संप्रभुता और गौरव की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध रहने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि साइबर अपराध, नशाखोरी, संगठित अपराध और अन्य सामाजिक बुराइयों के खिलाफ पुलिस और समाज को मिलकर जागरूकता बढ़ानी होगी। संविधान और कानून के प्रति आस्था रखते हुए जनहित तथा राष्ट्रहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की जरूरत है।
Jharkhand Police के आंकड़ों से स्पष्ट है कि वर्ष 2026 में पुलिस का फोकस केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने तक सीमित नहीं है। नक्सलवाद, संगठित अपराध, नशा तस्करी और साइबर अपराध के खिलाफ कार्रवाई के साथ पुलिस आधुनिकीकरण, आपातकालीन प्रतिक्रिया व्यवस्था और जवानों के कल्याण पर भी जोर दिया जा रहा है। डीजीपी ने इसी प्रतिबद्धता के साथ सुरक्षित, सशक्त और विकसित झारखंड के निर्माण में पुलिस की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।
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Content Edited & Published By
Niraj Kumar Sharma