Jharkhand’s Marang Gomke Jaipal Singh Munda Overseas Scholarship Scheme : विदेश में उच्च शिक्षा के लिए झारखंड के छात्रों को मिलेगा बड़ा अवसर
Jharkhand's Marang Gomke Jaipal Singh Munda Overseas Scholarship Scheme
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Jharkhand’s Marang Gomke Jaipal Singh Munda Overseas Scholarship Scheme झारखंड सरकार की एक महत्वाकांक्षी और दूरदर्शी पहल है, जिसका उद्देश्य राज्य के अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अल्पसंख्यक और पिछड़ा वर्ग के मेधावी छात्रों को विदेश के शीर्ष विश्वविद्यालयों में उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए आर्थिक सहायता प्रदान करना है। इस योजना का संचालन झारखंड सरकार के अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अल्पसंख्यक एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग द्वारा किया जा रहा है।
योजना का उद्देश्य और महत्व
इस योजना का मुख्य उद्देश्य योग्य और प्रतिभाशाली छात्रों को वैश्विक स्तर की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक पहुंच प्रदान करना है। Jharkhand’s Marang Gomke Jaipal Singh Munda Overseas Scholarship Scheme के माध्यम से सरकार न केवल छात्रों को अंतरराष्ट्रीय अनुभव का अवसर दे रही है, बल्कि सामाजिक समानता और शैक्षणिक सशक्तिकरण को भी बढ़ावा दे रही है। यह योजना उन छात्रों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, जो आर्थिक सीमाओं के कारण विदेश में पढ़ाई का सपना पूरा नहीं कर पाते।
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चेवनिंग छात्रवृत्ति के साथ साझेदारी
इस योजना की एक बड़ी विशेषता यह है कि इसे Chevening Scholarship के साथ साझेदारी में लागू किया गया है। इसके तहत कुल 25 छात्रों का चयन किया जाएगा। इनमें से 5 छात्रों को Chevening Marang Gomke Jaipal Singh Munda Scholarship के अंतर्गत पूरी शिक्षण फीस का लाभ मिलेगा। इन पांच छात्रों की प्रति वर्ष अधिकतम 94,000 पाउंड तक की ट्यूशन फीस झारखंड सरकार वहन करेगी, जबकि इससे अधिक की राशि विदेश, राष्ट्रमंडल और विकास कार्यालय (FCDO) द्वारा दी जाएगी। शेष 20 छात्रों को Jharkhand’s Marang Gomke Jaipal Singh Munda Overseas Scholarship Scheme के तहत वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी।
श्रेणीवार चयन और आरक्षण
योजना के अंतर्गत प्रतिवर्ष अनुसूचित जनजाति वर्ग से अधिकतम 10, अनुसूचित जाति से 5, अल्पसंख्यक वर्ग से 3 और पिछड़ा वर्ग से 7 छात्रों का चयन किया जाएगा। इसके साथ ही महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए कुल सीटों में 30 प्रतिशत आरक्षण महिला आवेदकों के लिए सुनिश्चित किया गया है।
किन विषयों को मिलेगी प्राथमिकता
इस छात्रवृत्ति योजना के तहत कुछ विशेष विषयों को प्राथमिकता दी गई है। इनमें इंजीनियरिंग और प्रौद्योगिकी, डेटा विज्ञान और मशीन लर्निंग, प्रबंधन अध्ययन, वित्त, जल अध्ययन, फार्मेसी, ऊर्जा अध्ययन, संघर्ष अध्ययन तथा प्रवासन और शरणार्थी अध्ययन जैसे विषय शामिल हैं। इन क्षेत्रों को भविष्य की वैश्विक जरूरतों के अनुरूप माना गया है।
क्या-क्या खर्च होंगे कवर
Jharkhand’s Marang Gomke Jaipal Singh Munda Overseas Scholarship Scheme के तहत चयनित छात्रों को विदेश में पढ़ाई के दौरान व्यापक वित्तीय सहायता दी जाएगी। इसमें ट्यूशन फीस, रहने का खर्च, भारत और ब्रिटेन के बीच इकोनॉमी क्लास में हवाई यात्रा, मासिक जीवन निर्वाह भत्ता, शोध प्रबंध और परीक्षा से जुड़े खर्च शामिल हैं।
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पात्रता मानदंड
इस योजना के लिए आवेदन करने वाले अभ्यर्थी का झारखंड का स्थायी निवासी होना अनिवार्य है। आवेदक की अधिकतम आयु 35 वर्ष होनी चाहिए और उसके पास स्नातक की डिग्री के साथ उत्कृष्ट शैक्षणिक रिकॉर्ड होना चाहिए। साथ ही, आवेदक को विश्व के शीर्ष 100 रैंकिंग वाले विश्वविद्यालयों या यूके के चयनित विश्वविद्यालयों में से किसी एक से प्रवेश का प्रस्ताव प्राप्त होना चाहिए।
आवेदन और चयन प्रक्रिया
आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन है और चेवनिंग पोर्टल के माध्यम से की जाती है। पात्र आवेदनों को पहले शॉर्टलिस्ट किया जाएगा, जिसके बाद झारखंड सरकार और FCDO के प्रतिनिधियों की संयुक्त चयन समिति द्वारा साक्षात्कार लिया जाएगा। अंतिम चयन योग्यता, नेतृत्व क्षमता और चेवनिंग मानकों के आधार पर किया जाएगा।
निष्कर्ष
कुल मिलाकर, Jharkhand’s Marang Gomke Jaipal Singh Munda Overseas Scholarship Scheme झारखंड के वंचित वर्गों के छात्रों के लिए विदेश में उच्च शिक्षा का एक सुनहरा अवसर है। यह योजना न केवल व्यक्तिगत विकास को बढ़ावा देती है, बल्कि राज्य के लिए वैश्विक दृष्टिकोण से प्रशिक्षित मानव संसाधन भी तैयार करती है, जो भविष्य में झारखंड के विकास में अहम भूमिका निभा सकते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रश्न 1: Jharkhand’s Marang Gomke Jaipal Singh Munda Overseas Scholarship Scheme क्या है?
उत्तर: यह झारखंड सरकार की एक विदेशी छात्रवृत्ति योजना है, जिसके तहत अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अल्पसंख्यक और पिछड़ा वर्ग के मेधावी छात्रों को विदेश के शीर्ष विश्वविद्यालयों में स्नातकोत्तर शिक्षा के लिए वित्तीय सहायता दी जाती है।
प्रश्न 2: इस छात्रवृत्ति योजना का मुख्य उद्देश्य क्या है?
उत्तर: इस योजना का उद्देश्य योग्य छात्रों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक पहुंच प्रदान करना, उन्हें वैश्विक अनुभव देना और शिक्षा के माध्यम से सामाजिक समानता को बढ़ावा देना है।
प्रश्न 3: इस योजना के अंतर्गत कितने छात्रों का चयन किया जाता है?
उत्तर: प्रत्येक वर्ष कुल 25 छात्रों का चयन किया जाता है, जिनमें अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अल्पसंख्यक और पिछड़ा वर्ग के छात्र शामिल होते हैं।
प्रश्न 4: किन पाठ्यक्रमों और विषयों के लिए प्राथमिकता दी जाती है?
उत्तर: इस योजना में इंजीनियरिंग, प्रौद्योगिकी, डेटा साइंस, मशीन लर्निंग, प्रबंधन अध्ययन, वित्त, जल अध्ययन, फार्मेसी, ऊर्जा अध्ययन, संघर्ष अध्ययन और प्रवासन एवं शरणार्थी अध्ययन जैसे विषयों को प्राथमिकता दी जाती है।
प्रश्न 5: छात्रवृत्ति के तहत कौन-कौन से खर्च कवर किए जाते हैं?
उत्तर: इस योजना के तहत ट्यूशन फीस (प्रति वर्ष अधिकतम 94,000 पाउंड), मासिक जीवन निर्वाह भत्ता, भारत–विदेश यात्रा का हवाई किराया, शोध प्रबंध, परीक्षा और अन्य शैक्षणिक खर्च शामिल हैं।
प्रश्न 6: इस योजना के लिए पात्रता क्या है?
उत्तर: आवेदक का झारखंड का स्थायी निवासी होना आवश्यक है, उसकी आयु 35 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए, वह SC/ST/अल्पसंख्यक/पिछड़ा वर्ग से संबंधित हो और उसके पास किसी मान्यता प्राप्त शीर्ष विश्वविद्यालय से प्रवेश प्रस्ताव होना चाहिए।
प्रश्न 7: क्या महिला उम्मीदवारों के लिए कोई विशेष प्रावधान है?
उत्तर: हाँ, इस योजना के तहत 30 प्रतिशत सीटें महिला उम्मीदवारों के लिए आरक्षित की गई हैं, ताकि उच्च शिक्षा में महिलाओं की भागीदारी को बढ़ावा मिल सके।
प्रश्न 8: आवेदन और चयन प्रक्रिया कैसे होती है?
उत्तर: आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन है और चेवनिंग पोर्टल के माध्यम से की जाती है। पात्र आवेदनों को शॉर्टलिस्ट कर साक्षात्कार लिया जाता है, जिसके बाद अंतिम चयन योग्यता और चेवनिंग मानकों के आधार पर किया जाता है।