Mother Sonia Gandhi World Welfare Comittee के लोगों की जमींने हड़पने की कोशिश कर रहे कर्नाटक कांग्रेस के सीएम और उनके लोग, पीड़ित ने दिल्ली आकर लगाई गुहार
Mother Sonia Gandhi World Welfare Comittee
नई दिल्ली :
पीएमओ को दिए शिकायत में राजनीतिक संरक्षण में अपराध और पुलिस निष्क्रियता का लगाया गंभीर आरोप
कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी के नाम पर Mother Sonia Gandhi World Welfare Comittee ट्रस्ट चलाने वाले चोल वंश के परिवारों की जमीन हड़पने की कोशिश कांग्रेस पार्टी के ही सीएम और उनके लोग कर रहे हैं। पीड़ित ने दिल्ली आकर कर्णाटक के मुख्यमंत्री और उनके लोगों से अपने बचाव की गुहार लगाई।
विदित हो कि कर्नाटक के मैसूरु जिले की रहने वाली 26 वर्षीय महिला डॉ सुषमा अमिताभ ने प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) को पत्र लिखकर स्थानीय पुलिस की निष्क्रियता, दबंगों द्वारा बार-बार धमकी, मारपीट और दुष्कर्म के प्रयास जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़िता का आरोप है कि हमलावरों को राज्य के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया का संरक्षण प्राप्त है, जिसके कारण अब तक प्रभावी कार्रवाई नहीं हो सकी है।
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पीड़िता डॉ सुषमा अमिताभ ने प्रधानमंत्री को भेजी शिकायत में बताया कि उनकी सास ने वर्ष 2007 में हेब्या गांव में कानूनी रूप से जमीन खरीदी थी, जो थंडावपुरा ग्राम पंचायत में विधिवत पंजीकृत है। इस संपत्ति के पावर ऑफ अटॉर्नी उनके पति अमिताभ ए के नाम पर है। आरोप है कि जमीन खरीद के बाद से ही कुछ स्थानीय लोग जबरन पैसे वसूलने और जमीन हड़पने की नीयत से उन्हें धमकाने लगे।
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महिला के अनुसार, जमीन विवाद को लेकर उनके पति को शारीरिक रूप से नुकसान पहुंचाने की कोशिश भी की गई, जिसके बाद उन्होंने नंजनगुडु की जेएमएफसी अदालत में स्थायी निषेधाज्ञा के लिए वाद दायर किया। अदालत ने उनके पक्ष में स्थायी निषेधाज्ञा का आदेश भी दिया, लेकिन इसके बावजूद दबंगों ने धमकी और उत्पीड़न जारी रखा।
शिकायत में कहा गया है कि करीब 6 महीने पहले आरोपियों ने उनका वाहन रोककर महिला के साथ दुष्कर्म और उनके 4 वर्षीय बेटे के अपहरण की धमकी दी। जब इस संबंध में पुलिस से संपर्क किया गया तो एफआईआर दर्ज करने से इनकार कर दिया गया और केवल नॉन-कॉग्निजेबल रिपोर्ट दर्ज की गई।
पीड़िता ने आरोप लगाया कि 18 जनवरी 2026 की रात लगभग 9 बजे आरोपियों ने उनके घर में घुसकर उनके साथ दुष्कर्म का प्रयास किया। बीच-बचाव करने पर उनके पति के साथ मारपीट की गई, जिससे उन्हें सिर में गंभीर चोट आई। आरोप है कि आरोपियों ने उनका मोबाइल फोन छीन लिया, घर और कार में तोड़फोड़ की और जान से मारने की धमकी देते हुए फरार हो गए।
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महिला का यह भी आरोप है कि घटना के दौरान पुलिस को कई बार कॉल करने के बावजूद कोई सहायता नहीं पहुंची। अगले दिन थाने जाने पर भी एफआईआर दर्ज करने में आनाकानी की गई। काफी दबाव के बाद केवल दुष्कर्म के प्रयास का मामला दर्ज किया गया, जबकि उनके पति पर हुए जानलेवा हमले को लेकर मामला दर्ज नहीं किया गया।
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शिकायत में यह भी कहा गया है कि पुलिस की मौजूदगी में भी कथित आरोपी उनके बेटे को जान से मारने की धमकी देते रहे, लेकिन अब तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। पीड़िता के अनुसार, उन्होंने डीआईजी स्तर तक शिकायत की, जिसके बाद केवल तीन दिनों के लिए पुलिस सुरक्षा दी गई।
पीएमओ को भेजे गए पत्र में महिला ने आरोप लगाया है कि स्थानीय प्रशासन और कुछ पंचायत स्तर के अधिकारी भी कथित रूप से आरोपियों का समर्थन कर रहे हैं, जिससे उनका परिवार लगातार डर के साए में जीने को मजबूर है।
पीड़िता ने प्रधानमंत्री और कांग्रेस शीर्ष नेतृत्व से तत्काल हस्तक्षेप की मांग करते हुए अपने परिवार के लिए स्थायी पुलिस सुरक्षा, दोषी पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई, सभी गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज करने और पूरे मामले की निष्पक्ष व स्वतंत्र जांच कराने की अपील की है।
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