Income Tax Union Budget 2026 : बजट से पहले मध्यम वर्ग की उम्मीदें, टैक्स राहत पर सबकी नजरें
Income Tax Union Budget 2026
नई दिल्ली, 31 जनवरी 2026 – केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण कल यानी 1 फरवरी 2026 को सुबह 11 बजे संसद में Union Budget 2026-27 पेश करेंगी। Income Tax Union Budget 2026 को लेकर पूरे देश में उत्सुकता है, खासकर सैलरीड क्लास, मिडिल क्लास फैमिली और टैक्सपेयर्स के बीच। पिछले बजट में मिली बड़ी राहत के बाद इस बार बड़े बदलाव की उम्मीद कम है, लेकिन कुछ टारगेटेड रिलीफ की मांग जोरों पर है।
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पिछले साल के Union Budget 2025 में Income Tax के नए रिजीम को डिफॉल्ट बनाया गया था, जिसमें ₹12 लाख तक की इनकम पर प्रभावी रूप से जीरो टैक्स मिलता है। स्टैंडर्ड डिडक्शन ₹75,000 तक बढ़ाया गया, जिससे सैलरीड लोगों के लिए टैक्स-फ्री लिमिट ₹12.75 लाख हो गई। नए टैक्स रिजीम के स्लैब इस प्रकार हैं:
- ₹0 से ₹4 लाख तक: निल
- ₹4 लाख से ₹8 लाख तक: 5%
- ₹8 लाख से ₹12 लाख तक: 10%
- ₹12 लाख से ₹16 लाख तक: 15%
- ₹16 लाख से ₹20 लाख तक: 20%
- ₹20 लाख से ₹24 लाख तक: 25%
- ₹24 लाख से ऊपर: 30%
सेक्शन 87A के तहत रिबेट बढ़ाने से कई लोगों को पूरी तरह टैक्स-फ्री इनकम मिल रही है। पुराना टैक्स रिजीम भी उपलब्ध है, जिसमें 80C, 80D, HRA, होम लोन इंटरेस्ट जैसी डिडक्शन मिलती हैं, लेकिन बेसिक एग्जेम्प्शन लिमिट ₹2.5 लाख (सीनियर सिटीजन के लिए ज्यादा) ही है।
Income Tax Union Budget 2026 में एक्सपर्ट्स का मानना है कि स्लैब में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा, क्योंकि पिछले बजट में मिडिल क्लास को काफी राहत मिल चुकी है। नए इनकम टैक्स एक्ट 2025 भी 1 अप्रैल 2026 से लागू हो जाएगा, जो कानून को सरल और कम सेक्शन वाला बनाएगा। फोकस अब कंप्लायंस आसान करने, लिटिगेशन कम करने और छोटे-मोटे ट्वीक्स पर रहेगा।
सबसे ज्यादा उम्मीद है स्टैंडर्ड डिडक्शन को ₹75,000 से बढ़ाकर ₹1 लाख करने की। इससे सैलरीड लोगों की टैक्स-फ्री इनकम लगभग ₹13 लाख तक पहुंच सकती है, जो महंगाई के दौर में बड़ी राहत देगी। कई एक्सपर्ट्स जैसे Optima Money Managers के पंकज माथपाल ने इसे सबसे प्रैक्टिकल सुझाव बताया है।
(सरकारी अपडेट्स : Maiya Samman Yojana 17th Kist Kab Aayeg)
सीनियर सिटीजन के लिए भी उम्मीदें हैं – सेक्शन 80TTB के तहत इंटरेस्ट इनकम पर डिडक्शन ₹50,000 से बढ़ाकर ₹1 लाख करने की मांग है। साथ ही, हेल्थ इंश्योरेंस (80D) या होम लोन इंटरेस्ट जैसी कुछ छूट को नए रिजीम में शामिल करने की बात चल रही है। TDS थ्रेशोल्ड रेशनलाइजेशन, गिग वर्कर्स के लिए आसान कंप्लायंस और LTCG नियमों में छोटे बदलाव भी संभव हैं।
हालांकि, टैक्स-फ्री लिमिट को ₹15 लाख तक ले जाने या 30% स्लैब को ऊपर शिफ्ट करने जैसी बड़ी मांगें इस बार कम लग रही हैं, क्योंकि सरकार फिस्कल डिसिप्लिन, डिफेंस, इंफ्रास्ट्रक्चर, ग्रीन एनर्जी और एम्प्लॉयमेंट पर फोकस रखना चाहती है। इकोनॉमिक सर्वे 2025-26 में ग्रोथ अच्छी दिख रही है, लेकिन ग्लोबल रिस्क भी हैं।
Income Tax Union Budget 2026 में बड़े ओवरहॉल की बजाय स्टेबिलिटी और टारगेटेड रिलीफ पर जोर रहेगा। कल के बजट स्पीच में क्या ऐलान होते हैं, इस पर सबकी नजरें टिकी हैं। लाइव अपडेट्स के लिए फॉलो करें और पर्सनल टैक्स प्लानिंग के लिए टैक्स एक्सपर्ट से सलाह लें।
Income Tax Union Budget 2026: Frequently Asked Questions
यहाँ Income Tax Union Budget 2026 से जुड़े सबसे आम सवालों के जवाब दिए गए हैं। ये अपेक्षाओं, वर्तमान नियमों और विशेषज्ञों की राय पर आधारित हैं (बजट 1 फरवरी 2026 को पेश होने वाला है, इसलिए अंतिम बदलाव कल ही पता चलेंगे)।
- Union Budget 2026 कब और किस समय पेश होगा?
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी 2026 (रविवार) को सुबह 11:00 बजे संसद में Union Budget 2026-27 पेश करेंगी। यह उनकी नौवीं लगातार बजट स्पीच होगी। लाइव देखने के लिए संसद टीवी, Doordarshan, या आधिकारिक वेबसाइट/ऐप्स का इस्तेमाल करें। - Income Tax Union Budget 2026 में क्या बड़े बदलाव की उम्मीद है?
पिछले साल (Budget 2025) में ₹12 लाख तक की इनकम को प्रभावी रूप से टैक्स-फ्री करने के बाद, इस बार बड़े स्लैब बदलाव या टैक्स रेट में कटौती की संभावना कम है। फोकस स्टेबिलिटी, कंप्लायंस आसान करने और छोटे-मोटे टारगेटेड रिलीफ पर रहेगा। नए इनकम टैक्स एक्ट 2025 भी 1 अप्रैल 2026 से लागू होगा, जो कानून को सरल बनाएगा। - नया टैक्स रिजीम (डिफॉल्ट) के मौजूदा स्लैब क्या हैं?
FY 2025-26 से लागू (Budget 2025 के बाद):- ₹0 से ₹4 लाख: 0%₹4 लाख से ₹8 लाख: 5%₹8 लाख से ₹12 लाख: 10%₹12 लाख से ₹16 लाख: 15%₹16 लाख से ₹20 लाख: 20%₹20 लाख से ₹24 लाख: 25%₹24 लाख से ऊपर: 30%
- पुराना टैक्स रिजीम अभी भी उपलब्ध है?
हाँ, लेकिन डिफॉल्ट नया रिजीम है। पुराने में 80C (₹1.5 लाख), 80D (हेल्थ इंश्योरेंस), HRA, होम लोन इंटरेस्ट आदि डिडक्शन मिलती हैं। बेसिक एग्जेम्प्शन ₹2.5 लाख (सीनियर सिटीजन के लिए ज्यादा)। - Budget 2026 में स्टैंडर्ड डिडक्शन बढ़ने की कितनी उम्मीद है?
सबसे ज्यादा अपेक्षा इसी की है – ₹75,000 से बढ़ाकर ₹1 लाख करने की। इससे सैलरीड लोगों की टैक्स-फ्री इनकम ₹13 लाख तक पहुंच सकती है। कई एक्सपर्ट्स (जैसे Optima Money Managers के पंकज माथपाल) इसे सबसे प्रैक्टिकल राहत मानते हैं। - सीनियर सिटीजन के लिए क्या राहत की उम्मीद है?
सेक्शन 80TTB (इंटरेस्ट इनकम पर डिडक्शन) को ₹50,000 से बढ़ाकर ₹1 लाख करने की मांग है। साथ ही हेल्थ डिडक्शन (80D/80DDB) में बढ़ोतरी या नए रिजीम में कुछ छूट शामिल करने की बात चल रही है। - क्या होम लोन इंटरेस्ट या हेल्थ इंश्योरेंस की डिडक्शन नए रिजीम में मिलेगी?
संभावना है – कुछ रिपोर्ट्स में ₹2 लाख तक होम लोन इंटरेस्ट या ₹50,000 तक मेडिकल इंश्योरेंस प्रीमियम की डिडक्शन नए रिजीम में जोड़ने की चर्चा है। इससे नया रिजीम और आकर्षक बनेगा। - TDS, LTCG या अन्य बदलाव क्या संभव हैं?
TDS थ्रेशोल्ड बढ़ाने, LTCG एग्जेम्प्शन रेशनलाइज करने, गिग वर्कर्स/फ्रीलांसर्स के लिए आसान कंप्लायंस या NPS रिलीफ जैसी छोटी राहत मिल सकती है। बड़े बदलाव (जैसे 30% स्लैब ऊपर शिफ्ट या ₹15 लाख टैक्स-फ्री) कम लग रहे हैं। - Budget 2026 में फिस्कल डिसिप्लिन का क्या रोल है?
पिछले बजट की राहत से टैक्स रेवेन्यू पर दबाव है। सरकार कैपेक्स (इंफ्रा, डिफेंस, ग्रीन एनर्जी), एम्प्लॉयमेंट और ग्रोथ पर फोकस रखेगी। इकोनॉमिक सर्वे में अच्छी ग्रोथ दिख रही है, लेकिन ग्लोबल रिस्क भी हैं। - टैक्सपेयर्स को क्या करना चाहिए?
कल के बजट स्पीच को लाइव फॉलो करें। बदलाव आने पर टैक्स एक्सपर्ट से सलाह लें। ITR फाइलिंग और प्लानिंग के लिए नए नियमों का इंतजार करें।