झारखंड नगर निकाय चुनाव 2026 दो से अधिक संतान वाले उम्मीदवार नहीं लड़ पाएंगे चुनाव, शपथ पत्र होगा अनिवार्य

Jharkhand Municipal Elections

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Jharkhand Municipal Elections को लेकर राज्य निर्वाचन आयोग ने बड़ा फैसला लिया है। अब जिन प्रत्याशियों के दो से अधिक बच्चे हैं, वे नगर निकाय चुनाव नहीं लड़ सकेंगे। इसके अलावा नामांकन के समय शपथ पत्र देना अनिवार्य (Affidavit mandatory during nomination) कर दिया गया है। यह नियम State Election Commission Jharkhand द्वारा पारदर्शी और जिम्मेदार राजनीति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जारी किया गया है।

इस लेख में हम विस्तार से जानेंगे कि Jharkhand Municipal Elections के नए नियम क्या हैं, Two-child policy for elections कैसे लागू होगी, पात्रता की शर्तें क्या होंगी, और ये बदलाव राज्य की स्थानीय राजनीति को कैसे प्रभावित करेंगे।

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Jharkhand Municipal Elections में नए दिशा-निर्देश

State Election Commission Jharkhand ने सभी जिलों को दिशा-निर्देश जारी करते हुए कहा है कि इस बार के Jharkhand Municipal Elections में प्रत्याशी चयन से लेकर मतदान प्रक्रिया तक सभी नियमों का सख्ती से पालन किया जाएगा।

चरणविवरण
दिशा-निर्देश जारीप्रत्याशियों की योग्यता और नियमों को स्पष्ट किया गया
प्रशिक्षण प्रक्रियाअधिकारियों को नई व्यवस्था के अनुसार प्रशिक्षित किया जा रहा है
पात्रता जांचउम्मीदवारों के दस्तावेजों की गहन जांच की जाएगी
आरक्षण प्रक्रियासभी जिलों से रिपोर्ट प्राप्त और सत्यापित की जा चुकी है

साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायतों और ग्राम सभाओं की पारदर्शिता के लिए झारखंड पेशा एक्ट ग्राम सभा (Jharkhand PESA Act Gram Sabha) के तहत अधिकारों को और मजबूत किया जा रहा है।
यह सब कदम मिलकर स्थानीय शासन को और अधिक जवाबदेह बना रहे हैं।

दो से अधिक संतान वालों पर प्रतिबंध

नई नीति के अनुसार, Two-child policy for elections लागू की गई है। जिन प्रत्याशियों के दो से अधिक बच्चे हैं और जिनकी अंतिम संतान का जन्म 9 फरवरी 2013 के बाद हुआ है, वे किसी भी पद के लिए चुनाव नहीं लड़ पाएंगे।

यह प्रावधान महापौर, उपमहापौर, नगर परिषद अध्यक्ष और वार्ड सदस्य सभी पर समान रूप से लागू होगा।

प्रमुख उद्देश्य

  • जनसंख्या नियंत्रण और जिम्मेदार नागरिकता को बढ़ावा देना
  • प्रशासनिक पदों में अनुशासन और पारिवारिक योजना के प्रति जागरूकता बढ़ाना
  • स्थानीय स्तर पर जवाबदेही और नीति-निष्ठा सुनिश्चित करना

इस निर्णय से यह स्पष्ट है कि Jharkhand Municipal Elections को नैतिक और सामाजिक दृष्टिकोण से मजबूत करने की दिशा में सरकार और State Election Commission Jharkhand गंभीर है।

नामांकन के दौरान शपथ पत्र अनिवार्य

Affidavit mandatory during nomination नियम के अनुसार, प्रत्येक प्रत्याशी को यह शपथ पत्र देना होगा कि उनके दो से अधिक बच्चे नहीं हैं।

यदि कोई प्रत्याशी गलत जानकारी देता है, तो उसकी उम्मीदवारी तुरंत रद्द की जाएगी और कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है।

शपथ पत्र में शामिल बिंदुविवरण
संतान संख्यादो से अधिक नहीं होनी चाहिए
जन्म तिथिअंतिम संतान की जन्मतिथि 9 फरवरी 2013 से पहले होनी चाहिए
कानूनी जिम्मेदारीगलत जानकारी देने पर दंडनीय अपराध

यह कदम Jharkhand Municipal Elections की पारदर्शिता और ईमानदारी को बनाए रखने में अहम भूमिका निभाएगा।

वार्ड आरक्षण और रिपोर्ट प्रक्रिया

राज्य निर्वाचन आयोग ने सभी जिलों से Municipal election eligibility Jharkhand से संबंधित रिपोर्ट प्राप्त कर ली है। सभी वार्डों में आरक्षण प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है।

वर्गआरक्षण प्रतिशत
अनुसूचित जाति14%
अनुसूचित जनजाति10%
पिछड़ा वर्ग27%
महिला आरक्षण33%

इस नीति का उद्देश्य सभी वर्गों को समान प्रतिनिधित्व देना है ताकि Jharkhand Municipal Elections में राजनीतिक सहभागिता अधिक न्यायसंगत हो सके।

इसके साथ ही राज्य सरकार ने आवास योजनाओं में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना (PM Awas Yojana List) की नवीनतम सूची भी जारी की है, जिससे हजारों लाभार्थियों को घर उपलब्ध कराने का लक्ष्य पूरा किया जा सके।

मतदाता योग्यता और अन्य शर्तें

आयोग के अनुसार, प्रत्याशी का संबंधित नगर निकाय की मतदाता सूची में नाम होना अनिवार्य है।
यदि कोई व्यक्ति उस नगर निकाय का पंजीकृत मतदाता है, तो वह किसी भी वार्ड से चुनाव लड़ सकता है, बशर्ते कि वह वहां के आरक्षण नियमों का पालन करे।

यह प्रावधान Jharkhand Municipal Elections में स्थानीय भागीदारी और क्षेत्रीय जुड़ाव को मजबूत करता है।

ग्रामीण और कृषि क्षेत्रों के लोगों के लिए सरकार ने ई-उपार्जन झारखंड सूची (E-Uparjan Jharkhand List) और ई-उपार्जन झारखंड ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन (E-Uparjan Jharkhand Online Registration) जैसी योजनाएं लागू की हैं, ताकि किसान अपनी उपज का सही मूल्य प्राप्त कर सकें।

फरवरी में संभावित मतदान

State Election Commission Jharkhand ने संकेत दिए हैं कि सभी तैयारियाँ पूरी होने के बाद फरवरी 2026 में मतदान कराया जा सकता है।

संभावित चरणअनुमानित तिथि
अधिसूचना जारीजनवरी 2026
नामांकनजनवरी अंत
मतदानफरवरी 2026
मतगणनामार्च 2026

यह समय-सारणी बताती है कि आयोग इस बार के Jharkhand Municipal Elections को निष्पक्ष और समयबद्ध तरीके से कराने के लिए प्रतिबद्ध है।

पारदर्शिता और अनुशासन पर जोर

आयोग ने स्पष्ट किया है कि इस बार के चुनाव में कोई लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी उम्मीदवारों की पात्रता जांच पूरी तरह तकनीकी और कानूनी रूप से की जाएगी।

साथ ही प्रशासनिक जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए शिक्षा विभाग ने भी सुधारों पर जोर दिया है, जिसके तहत झारखंड शिक्षक भर्ती 2025 (Jharkhand Teacher Vacancy 2025) जैसी पहलें शुरू की गई हैं।

इस प्रकार, पारदर्शी प्रशासन और जिम्मेदार शासन की दिशा में झारखंड निरंतर प्रगति कर रहा है।

Jharkhand Municipal Elections की सामाजिक प्रभावशीलता

Two-child policy for elections केवल चुनावी नियम नहीं बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी का प्रतीक है। इससे समाज में जनसंख्या नियंत्रण और जिम्मेदार नेतृत्व के प्रति जागरूकता बढ़ेगी।

राज्य सरकार मानती है कि स्थानीय निकायों में ऐसे जनप्रतिनिधि चुने जाएं जो नीति-निष्ठा और समाज कल्याण के प्रति संवेदनशील हों। इसी दिशा में महिलाओं के लिए मइया सम्मान योजना (Maiya Samman Yojana) जैसी योजनाएं शुरू की गई हैं, जिससे उन्हें वित्तीय सुरक्षा और सम्मान का अधिकार मिल सके।

चार्ट: नई नीति के प्रमुख बिंदु

श्रेणीनीति का सारांशप्रभाव
योग्यता नियमदो से अधिक बच्चों पर चुनाव में रोकजनसंख्या नियंत्रण
शपथ पत्रनामांकन में आवश्यकपारदर्शिता और जवाबदेही
वार्ड आरक्षणसभी जिलों में पूर्णसमान प्रतिनिधित्व
मतदान समयफरवरी 2026समयबद्ध प्रक्रिया

Frequently Asked Questions (FAQs)

Q1. Jharkhand Municipal Elections में दो से अधिक बच्चों वाले उम्मीदवार क्यों अयोग्य होंगे?
राज्य सरकार और State Election Commission Jharkhand ने जनसंख्या नियंत्रण नीति को प्रोत्साहित करने के लिए यह नियम बनाया है।

Q2. क्या शपथ पत्र देना सभी उम्मीदवारों के लिए अनिवार्य है?
हाँ, Affidavit mandatory during nomination के तहत हर प्रत्याशी को यह घोषणा करनी होगी कि उसके दो से अधिक बच्चे नहीं हैं।

Q3. Jharkhand Municipal Elections कब होने की संभावना है?
फरवरी 2026 में चुनाव कराए जाने की संभावना जताई गई है।

Q4. Municipal election eligibility Jharkhand के अनुसार न्यूनतम शर्त क्या है?
उम्मीदवार का उस नगर निकाय की मतदाता सूची में नाम होना अनिवार्य है।

Q5. गलत शपथ पत्र देने पर क्या कार्रवाई होगी?
उम्मीदवारी रद्द कर दी जाएगी और कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

Q6. क्या महिलाएं किसी भी वार्ड से चुनाव लड़ सकती हैं?
हाँ, यदि वे उस वार्ड के आरक्षण नियमों का पालन करती हैं तो वे चुनाव लड़ सकती हैं।

Q7. क्या यह नियम सभी पदों पर लागू होगा?
हाँ, यह नियम महापौर, उपमहापौर, नगर परिषद अध्यक्ष और वार्ड सदस्य सभी पर लागू होगा।

Q8. Jharkhand Municipal Elections में पारदर्शिता कैसे सुनिश्चित की जाएगी?
डिजिटल निगरानी, वीडियोग्राफी और सख्त प्रशासनिक मॉनिटरिंग से पारदर्शिता सुनिश्चित की जाएगी।

निष्कर्ष (Conclusion)

Jharkhand Municipal Elections राज्य की लोकतांत्रिक व्यवस्था को सशक्त बनाने की दिशा में एक निर्णायक कदम है।
दो से अधिक बच्चों पर रोक और Affidavit mandatory during nomination जैसे नियम न केवल पारदर्शिता बढ़ाएंगे बल्कि जिम्मेदार नेतृत्व को भी प्रोत्साहित करेंगे।

State Election Commission Jharkhand की इस पहल से यह स्पष्ट है कि आने वाले समय में स्थानीय शासन अधिक जवाबदेह, अनुशासित और नीति-प्रधान होगा।
यह चुनाव केवल प्रतिनिधि चुनने का अवसर नहीं बल्कि एक नए सामाजिक और प्रशासनिक युग की शुरुआत है।