RIMS-2 : झारखंड में बनेगा एशिया का सबसे बड़ा अस्पताल, इसी साल शुरू होगा निर्माण

RIMS-2 झारखंड में बनेगा एशिया का सबसे बड़ा अस्पताल

RIMS-2 झारखंड में बनेगा एशिया का सबसे बड़ा अस्पताल

झारखंड सरकार राज्य में स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने के लिए बड़े स्तर पर तैयारी कर रही है। विधानसभा में स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने घोषणा की कि RIMS-2 को एशिया का सबसे बड़ा अस्पताल बनाने की योजना है और इसका निर्माण कार्य इसी वर्ष शुरू किया जाएगा।

सरकार का लक्ष्य है कि राज्य के हर नागरिक को सुलभ, किफायती और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं। इसी दिशा में स्वास्थ्य ढांचे को तेजी से विस्तार दिया जा रहा है।

Jharkhand समेत देशभर के Important News पायें, Group Join करें

4000 बेड का होगा आधुनिक अस्पताल

स्वास्थ्य मंत्री के अनुसार प्रस्तावित RIMS-2 अस्पताल को दो चरणों में विकसित किया जाएगा।

  • पहले चरण में 1400 बेड का अस्पताल तैयार किया जाएगा
  • दूसरे चरण में 2600 बेड जोड़े जाएंगे

इस तरह यह अस्पताल कुल 4000 बेड क्षमता के साथ एशिया के सबसे बड़े अस्पतालों में शामिल होगा।

राज्य में खुलेंगे 8 नए मेडिकल कॉलेज

सरकार ने झारखंड में मेडिकल शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए 8 नए मेडिकल कॉलेज खोलने की योजना बनाई है।

पहले चरण में जिन जिलों में मेडिकल कॉलेज बनाए जाएंगे:

  • जामताड़ा
  • गिरिडीह
  • धनबाद
  • खूंटी
  • सरायकेला-खरसावां

दूसरे चरण में:

  • गोड्डा
  • साहिबगंज
  • लातेहार

इन मेडिकल कॉलेजों के खुलने से राज्य के युवाओं को चिकित्सा शिक्षा के बेहतर अवसर मिलेंगे और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता भी बेहतर होगी।

रांची सदर अस्पताल में शुरू होगी बोन मैरो ट्रांसप्लांट सुविधा

स्वास्थ्य मंत्री ने यह भी बताया कि रांची के सदर अस्पताल में पहली बार बोन मैरो ट्रांसप्लांट की सुविधा शुरू की जाएगी। इससे गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीजों को राज्य के बाहर जाने की जरूरत कम होगी।

Jharkhand News : शहीद जवानों के बच्चों के लिए रांची में खुलेगा मुफ्त आवासीय स्कूल

25 हाई-टेक ट्रामा सेंटर और 750 अबुआ मेडिकल स्टोर

सरकार स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के लिए कई नई योजनाएं भी शुरू करने जा रही है।

  • राज्य में 25 हाई-टेक ट्रामा सेंटर स्थापित किए जाएंगे
  • 750 अबुआ मेडिकल स्टोर खोले जाएंगे
  • सभी मेडिकल कॉलेजों में एमआरआई सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी

इन योजनाओं का उद्देश्य राज्य में आपातकालीन और सामान्य स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करना है।

एनीमिया मुक्त झारखंड बनाने का लक्ष्य

सरकार ने यह भी घोषणा की कि राज्य के सभी जिलों में एनीमिया जांच की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। सरकार का लक्ष्य है कि 2029 तक झारखंड को एनीमिया मुक्त राज्य बनाया जाए।

इसके अलावा सभी गर्भवती महिलाओं के लिए मुफ्त अल्ट्रासाउंड जांच की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी।

स्वास्थ्य सेवाओं के लिए बड़ा बजट

स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने के लिए बड़ा बजट निर्धारित किया है।

  • स्वास्थ्य विभाग: 7,990 करोड़ रुपये
  • खाद्य आपूर्ति विभाग: 2,887 करोड़ रुपये
  • आपदा प्रबंधन विभाग: 1,859 करोड़ रुपये

सरकार का कहना है कि इन योजनाओं के माध्यम से राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को बेहतर बनाया जाएगा।