सांसद Dhullu Mahato ने लोकसभा में उठाया BSL विस्थापित युवाओं के रोजगार और आयु सीमा छूट का मुद्दा

सांसद Dhullu Mahato ने लोकसभा में उठाया BSL विस्थापित युवाओं के रोजगार और आयु सीमा छूट का मुद्दा

सांसद Dhullu Mahato ने लोकसभा में उठाया BSL विस्थापित युवाओं के रोजगार और आयु सीमा छूट का मुद्दा

नई दिल्ली। सांसद Dhullu Mahato ने लोकसभा में नियम 377 के तहत एक महत्वपूर्ण सूचना के माध्यम से बोकारो स्टील प्लांट (BSL) के लिए भूमि समर्पित करने वाले विस्थापित परिवारों के भविष्य का गंभीर मुद्दा उठाया है। उन्होंने विशेष रूप से उन विस्थापित युवाओं की ओर सरकार का ध्यान आकृष्ट कराया, जिन्होंने संयंत्र प्रबंधन के भरोसे आईटीआई और अप्रेंटिस प्रशिक्षण पूरा किया, लेकिन कोविड-19 महामारी और प्रशासनिक शिथिलता के कारण समय पर नियुक्ति नहीं मिल सकी।उदाहरण के तौर पर रोहित पवार का राजनीतिक सफर

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सांसद Dhullu Mahato बोले— सैकड़ों युवा हो चुके हैं आयु सीमा से बाहर

लोकसभा में रखी गई सूचना में सांसद Dhullu Mahato ने कहा कि प्रशिक्षण पूरा करने के बावजूद रोजगार न मिलने के कारण आज सैकड़ों योग्य युवा अधिकतम आयु सीमा (ओवरएज) पार कर चुके हैं। इससे उनका भविष्य अंधकारमय हो गया है, जबकि इन युवाओं के परिवारों ने देश के औद्योगिक विकास के लिए अपनी बहुमूल्य भूमि समर्पित की थी। जैसे टेक्नोलॉजी सेक्टर में नई लॉन्च खबरें चर्चा का विषय बनती हैं, उदाहरण के लिए Nothing Phone 4a Pro की भारत में लॉन्चिंग,

तीन प्रमुख मांगें रखीं सांसद Dhullu Mahato ने

सांसद Dhullu Mahato ने सरकार से निम्नलिखित मांगें कीं—

  1. भूमि-दाता विस्थापित युवाओं के लिए एकमुश्त आयु सीमा छूट की घोषणा की जाए।
  2. अप्रेंटिस प्रशिक्षण पूरा कर चुके युवाओं के लिए विशेष भर्ती अभियान चलाकर प्राथमिकता के आधार पर रोजगार दिया जाए।
  3. स्टील प्लांट निर्माण हेतु सर्वस्व त्याग करने वाले परिवारों के प्रति सामाजिक न्याय सुनिश्चित किया जाए।

सांसद Dhullu Mahato ने बताया सामाजिक न्याय का सवाल

सांसद Dhullu Mahato ने कहा कि यह मुद्दा केवल रोजगार से जुड़ा नहीं है, बल्कि उन परिवारों के साथ न्याय का प्रश्न है, जिन्होंने राष्ट्रीय औद्योगिक विकास के लिए अपनी पहचान और आजीविका तक की कुर्बानी दी है। इन्हीं कारणों को विस्तार से समझने के लिए कई लोग UGC Equity Regulations 2026 पर देशव्यापी विरोध से जुड़ी जानकारी पढ़ रहे हैं।

Jharkhand और BSL विस्थापितों की आवाज बने सांसद Dhullu Mahato

लोकसभा में उठाया गया यह विषय झारखंड के विस्थापित युवाओं के लिए एक बड़ी उम्मीद माना जा रहा है। राजनीतिक और सामाजिक हलकों में इसे सांसद Dhullu Mahato द्वारा विस्थापितों के हक में उठाया गया सशक्त कदम बताया जा रहा है।

FAQs Section (सांसद Dhullu Mahato News FAQs)

Q1. सांसद Dhullu Mahato ने लोकसभा में कौन सा मुद्दा उठाया?

उत्तर: सांसद Dhullu Mahato ने बोकारो स्टील प्लांट (BSL) के लिए भूमि देने वाले विस्थापित युवाओं के रोजगार और आयु सीमा छूट का मुद्दा उठाया।

Q2. BSL विस्थापित युवाओं की समस्या क्या है?

उत्तर: कई युवाओं ने ITI और अप्रेंटिस प्रशिक्षण पूरा किया, लेकिन कोविड-19 और प्रशासनिक देरी के कारण उन्हें समय पर नौकरी नहीं मिली और वे आयु सीमा से बाहर हो गए।

Q3. सांसद Dhullu Mahato ने सरकार से क्या मांग की?

उत्तर: उन्होंने विस्थापित युवाओं के लिए एकमुश्त आयु सीमा छूट, विशेष भर्ती अभियान और प्राथमिकता के आधार पर रोजगार देने की मांग की।

Q4. यह मामला क्यों महत्वपूर्ण माना जा रहा है?

उत्तर: यह केवल रोजगार नहीं बल्कि उन परिवारों के साथ सामाजिक न्याय का सवाल है, जिन्होंने देश के औद्योगिक विकास के लिए अपनी भूमि और आजीविका त्याग दी।

Q5. सांसद Dhullu Mahato किस नियम के तहत यह मुद्दा उठाया?

उत्तर: यह मुद्दा लोकसभा नियम 377 के तहत सूचना के माध्यम से उठाया गया।