Sarvajan Pension Yojana : आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को मिल रही है मासिक सहायता

Sarvajan Pension Yojana

Sarvajan Pension Yojana

Jharkhand समेत देशभर के Important News पायें, Group Join करें

झारखंड सरकार द्वारा शुरू की गई सर्वजन पेंशन योजना राज्य के आर्थिक रूप से पिछड़े और कमजोर वर्गों के लिए एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है। नवंबर 2021 में लॉन्च की गई यह योजना, जिसे मुख्यमंत्री सर्वजन पेंशन योजना के नाम से भी जाना जाता है, महिला, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग द्वारा संचालित की जाती है। इसका मुख्य उद्देश्य समाज के सभी वर्गों को समावेशी तरीके से पेंशन प्रदान करना है, ताकि बुजुर्ग, विधवाएं, दिव्यांग और अन्य जरूरतमंद लोग सम्मानजनक जीवन जी सकें। सर्वजन पेंशन योजना के तहत बिना किसी सख्त उम्र सीमा के कई श्रेणियों को कवर किया जाता है, जो इसे अन्य पेंशन योजनाओं से अलग बनाता है।

यह योजना झारखंड के मुख्यमंत्री द्वारा शुरू की गई थी, जिसका फोकस राज्य के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में रहने वाले उन लोगों पर है जो गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन कर रहे हैं। हाल के आंकड़ों के अनुसार, रांची जिले में ही इस योजना के तहत 2.5 लाख से अधिक लाभार्थी हैं, जो दर्शाता है कि यह योजना कितनी व्यापक रूप से अपनाई जा रही है। सर्वजन पेंशन योजना न केवल वित्तीय सहायता प्रदान करती है, बल्कि यह सामाजिक न्याय और समानता की दिशा में एक बड़ा प्रयास है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी योजनाएं राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में मदद करती हैं, क्योंकि इससे उपभोक्ता खर्च बढ़ता है और गरीबी कम होती है।

Jharkhand समेत देशभर के Important News पायें, Group Join करें

सर्वजन पेंशन योजना के प्रमुख लाभ

योग्यता मानदंड : कौन उठा सकता है लाभ?

सर्वजन पेंशन योजना की योग्यता काफी व्यापक है, जो इसे ‘सर्वजन’ नाम के अनुरूप बनाती है। मुख्य श्रेणियां इस प्रकार हैं:

  • बुजुर्ग व्यक्ति : 60 वर्ष या उससे अधिक उम्र के सभी वरिष्ठ नागरिकों को कवर किया जाता है, चाहे उनकी पिछली स्थिति कुछ भी हो।
  • विधवाएं और परित्यक्त महिलाएं : 18 वर्ष या उससे अधिक उम्र की महिलाएं, जो अकेली या बिना सहारे की हैं, योजना के दायरे में आती हैं।
  • दिव्यांग व्यक्ति : 5 वर्ष या उससे अधिक उम्र के विकलांग लोग, जिन्हें विकलांगता प्रमाणपत्र प्राप्त हो।
  • आदिवासी समुदाय : आदिम जनजातियों के सदस्यों के लिए कोई विशेष उम्र सीमा नहीं है।
  • एचआईवी/एड्स प्रभावित : इन मरीजों के लिए भी कोई उम्र प्रतिबंध नहीं, योजना उन्हें सहायता प्रदान करती है।

लाभार्थी झारखंड के निवासी होने चाहिए और केंद्र या राज्य की अन्य पेंशन योजनाओं से लाभ नहीं ले रहे हों। परिवार की आय गरीबी रेखा से नीचे होनी चाहिए। यह योजना उन लोगों को प्राथमिकता देती है जो समाज के हाशिए पर हैं, जैसे कि ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले किसान परिवार या शहरी गरीब।

आवेदन प्रक्रिया : सरल और पारदर्शी

सर्वजन पेंशन योजना के लिए आवेदन करना आसान है। ऑफलाइन तरीके से, ग्रामीण क्षेत्रों में ब्लॉक विकास अधिकारी (बीडीओ) या शहरी क्षेत्रों में सर्कल अधिकारी (सीओ) के पास फॉर्म जमा किया जा सकता है। आवश्यक दस्तावेजों में आधार कार्ड, बैंक खाता विवरण, आयु/निवास प्रमाण, विकलांगता प्रमाणपत्र (यदि लागू) और आय प्रमाणपत्र शामिल हैं।

ऑनलाइन आवेदन के लिए झारखंड वित्त विभाग का ई-पेंशन पोर्टल उपलब्ध है, जहां आवेदन की स्थिति ट्रैक की जा सकती है। योजना से जुड़ी नवीनतम जानकारी के लिए माईस्कीम पोर्टल या सामाजिक सुरक्षा विभाग के हेल्पलाइन नंबर (जैसे 0651-2400215) पर संपर्क किया जा सकता है। सरकार ने डिजिटल माध्यमों को बढ़ावा देकर आवेदन प्रक्रिया को तेज बनाया है, जिससे भ्रष्टाचार की संभावना कम हुई है।

Jharkhand समेत देशभर के Important News पायें, Group Join करें

योजना का प्रभाव और भविष्य

सर्वजन पेंशन योजना : अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

झारखंड सरकार की सर्वजन पेंशन योजना एक लोकप्रिय सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रम है, जो राज्य के कमजोर वर्गों को मासिक वित्तीय सहायता प्रदान करती है। नीचे इस योजना से जुड़े कुछ सामान्य प्रश्नों के उत्तर दिए गए हैं, जो योजना की समझ को आसान बनाते हैं। यह जानकारी आधिकारिक स्रोतों पर आधारित है और आवेदकों की मदद के लिए तैयार की गई है।

1. सर्वजन पेंशन योजना क्या है?

यह झारखंड सरकार द्वारा नवंबर 2021 में शुरू की गई एक पेंशन योजना है, जिसका उद्देश्य बुजुर्गों, विधवाओं, दिव्यांगों, आदिवासी समुदायों और अन्य जरूरतमंदों को आर्थिक सहायता देना है। योजना का नाम ‘सर्वजन’ इसकी समावेशी प्रकृति को दर्शाता है, जहां विभिन्न श्रेणियों को कवर किया जाता है। यह महिला, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग द्वारा संचालित होती है।

2. योजना के तहत कितनी पेंशन मिलती है?

लाभार्थियों को हर महीने 1,000 रुपये की पेंशन राशि दी जाती है। यह राशि सीधे बैंक खाते में महीने की 5 तारीख तक जमा हो जाती है, जिससे समय पर सहायता सुनिश्चित होती है।

3. कौन-कौन योजना के लिए योग्य है?

योजना की योग्यता श्रेणियां इस प्रकार हैं:

  • बुजुर्ग: 60 वर्ष या इससे अधिक उम्र के व्यक्ति।
  • विधवाएं/परित्यक्त महिलाएं: 18 वर्ष या इससे अधिक उम्र की महिलाएं।
  • दिव्यांग: 5 वर्ष या इससे अधिक उम्र के विकलांग व्यक्ति (विकलांगता प्रमाणपत्र आवश्यक)।
  • आदिम जनजातियां: कोई विशेष उम्र सीमा नहीं।
  • एचआईवी/एड्स प्रभावित: कोई उम्र प्रतिबंध नहीं। लाभार्थी झारखंड के निवासी होने चाहिए, गरीबी रेखा से नीचे होने चाहिए और अन्य पेंशन योजनाओं से लाभ न ले रहे हों।

4. आवेदन कैसे करें?

  • ऑफलाइन: ग्रामीण क्षेत्रों में ब्लॉक विकास अधिकारी (बीडीओ) या शहरी क्षेत्रों में सर्कल अधिकारी (सीओ) के पास फॉर्म जमा करें।
  • ऑनलाइन: झारखंड वित्त विभाग के ई-पेंशन पोर्टल पर आवेदन करें। आवश्यक दस्तावेज: आधार कार्ड, बैंक विवरण, आयु/निवास प्रमाण, आय प्रमाणपत्र और यदि लागू हो तो विकलांगता या अन्य प्रमाणपत्र।

5. पेंशन कब और कैसे मिलती है?

पेंशन राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के माध्यम से बैंक खाते में जमा होती है। यदि देरी हो तो हेल्पलाइन पर संपर्क करें। योजना में पारदर्शिता के लिए ऑनलाइन ट्रैकिंग सुविधा उपलब्ध है।

6. यदि आवेदन अस्वीकार हो जाए तो क्या करें?

अस्वीकृति के कारणों की जांच करें, जैसे दस्तावेजों में कमी या अन्य योजना से लाभ। पुनः आवेदन करें या सामाजिक सुरक्षा विभाग के हेल्पलाइन (0651-2400215) पर शिकायत दर्ज कराएं। अपील की प्रक्रिया भी उपलब्ध है।

7. योजना से कितने लोग लाभान्वित हो रहे हैं?

हाल के आंकड़ों के अनुसार, रांची जिले में ही 2.5 लाख से अधिक लाभार्थी हैं। पूरे राज्य में लाखों लोग इससे जुड़े हैं, और संख्या लगातार बढ़ रही है।

8. अधिक जानकारी कहां से प्राप्त करें?

आधिकारिक माईस्कीम पोर्टल या झारखंड सामाजिक सुरक्षा विभाग की वेबसाइट पर जाएं। हेल्पलाइन नंबरों से संपर्क करें या स्थानीय अधिकारियों से मिलें। योजना के अपडेट्स के लिए सरकारी नोटिफिकेशन चेक करें।