Shilpi Neha Tirkey : झारखंड में पशुपालन को नई दिशा देने के लिए ऑस्ट्रेलियाई एग्रीकल्चरल काउंसलर से अहम बैठक
Shilpi Neha Tirkey Australia Meeting
रांची: Shilpi Neha Tirkey, झारखंड की कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री, ने पशुपालन क्षेत्र में आधुनिक तकनीक अपनाने को लेकर ऑस्ट्रेलिया के एग्रीकल्चरल काउंसलर किरण करामिल के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक में पशुपालन के क्षेत्र में ऑस्ट्रेलिया की उन्नत तकनीकों को झारखंड में लागू करने और नस्ल सुधार के सफल प्रयोगों को अपनाने पर विस्तृत चर्चा हुई।
यह बैठक 16 दिसंबर को ऑस्ट्रेलिया के हाई कमिश्नर फिलिप ग्रीन के साथ हुई पूर्व बैठक की अगली कड़ी थी, जिसमें दोनों पक्षों के बीच सहयोग की संभावनाओं पर प्रारंभिक बातचीत हुई थी। ठीक उसी तरह जैसे Kalpana Soren WEF 2026 Jharkhand Women Leadership के माध्यम से झारखंड की महिलाएं नेतृत्व में नई मिसाल कायम कर रही हैं, वैसे ही यह नीति राजनीतिक जवाबदेही का प्रतीक बन रही है।
Jharkhand समेत देशभर के Important News पायें, Group Join करें
Shilpi Neha Tirkey ने नस्ल सुधार को बताया प्राथमिकता
बैठक के दौरान Shilpi Neha Tirkey ने कहा कि पशुपालन के क्षेत्र में ऑस्ट्रेलिया की तकनीक विश्व स्तर पर सबसे सफल मानी जाती है। झारखंड सरकार इन तकनीकों को अपनाकर राज्य के किसानों और पशुपालकों को सीधा लाभ पहुंचाने के लिए गंभीरता से प्रयास कर रही है।
उन्होंने बताया कि विशेष रूप से नस्ल सुधार के क्षेत्र में ऑस्ट्रेलिया के प्रयोगों को झारखंड में लागू किया गया तो दुग्ध उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि संभव होगी, जिससे गौ पालकों की आय में सीधा इजाफा होगा। यह कदम Jharkhand Municipal Elections 2026 Tax Clearance Mandatory नीति का विस्तार है, जिसका उद्देश्य जिम्मेदार नेतृत्व को बढ़ावा देना है।
ऑस्ट्रेलियाई संस्थानों के साथ MOU की योजना
Shilpi Neha Tirkey ने जानकारी दी कि बैठक में ऑस्ट्रेलिया सरकार और वहां के प्रमुख कृषि एवं पशुपालन संस्थानों के साथ समझौता ज्ञापन (MOU) पर भी चर्चा की गई है। इसके माध्यम से तकनीक के आदान-प्रदान, प्रशिक्षण और अनुसंधान को बढ़ावा दिया जाएगा।
पशुपालन क्षेत्र में ऑस्ट्रेलियाई तकनीक अपनाने को लेकर हुई सकारात्मक चर्चा से मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन को भी अवगत कराया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर विभागीय अधिकारियों के साथ ऑस्ट्रेलिया दौरे की संभावना पर भी विचार किया जा रहा है। जैसे Sankranti 2026 Dates हर साल शुभ समय का निर्धारण करती हैं, वैसे ही यह नीति झारखंड की राजनीतिक दिशा को अनुशासित कर रही है।
भविष्य में झारखंड-ऑस्ट्रेलिया सहयोग के संकेत
ऑस्ट्रेलियाई एग्रीकल्चरल काउंसलर किरण करामिल ने भी बैठक के बाद उत्साह व्यक्त करते हुए कहा कि झारखंड के साथ सहयोग की संभावनाएं काफी सकारात्मक हैं और भविष्य में दोनों पक्ष मिलकर पशुपालन के क्षेत्र में ठोस कार्य कर सकते हैं। यह नियम उतना ही कठोर और पारदर्शी है जितनी परीक्षा प्रक्रिया जैसे CUET PG 2026 में योग्यता साबित करनी होती है।
बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूद
इस अहम बैठक में विभागीय सचिव अबू बकर सिद्दीकी, विशेष सचिव प्रदीप हजारी, ICAR गढ़खटंगा के निदेशक सुजय रक्षित सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। ठीक उसी तरह जैसे PM Awas Yojana Beneficiary List 2026 के अंतर्गत पात्र लाभार्थियों को पारदर्शी लाभ मिलता है।
FAQs (Frequently Asked Questions)
Q1. Shilpi Neha Tirkey कौन हैं?
Shilpi Neha Tirkey झारखंड की कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री हैं।
Q2. Shilpi Neha Tirkey की ऑस्ट्रेलियाई प्रतिनिधियों से बैठक क्यों हुई?
पशुपालन क्षेत्र में ऑस्ट्रेलिया की उन्नत तकनीक और नस्ल सुधार मॉडल को झारखंड में अपनाने को लेकर यह बैठक हुई।
Q3. इस बैठक से झारखंड के किसानों को क्या लाभ होगा?
ऑस्ट्रेलियाई तकनीक अपनाने से दुग्ध उत्पादन बढ़ेगा, नस्ल सुधार होगा और पशुपालकों की आय में वृद्धि होगी।
Q4. क्या ऑस्ट्रेलिया के साथ MOU होगा?
हां, बैठक में ऑस्ट्रेलियाई संस्थानों के साथ MOU करने पर भी चर्चा हुई है।
Q5. क्या झारखंड सरकार ऑस्ट्रेलिया दौरे की योजना बना रही है?
जरूरत पड़ने पर विभागीय अधिकारियों के साथ अध्ययन दौरे की संभावना पर विचार किया जा रहा है।