RTC Institute of Technology Ranchi में राष्ट्रीय विज्ञान दिवस पर संगोष्ठी, डिजिटल युग में विज्ञान की भूमिका पर मंथन

RTC Institute of Technology Ranchi

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रांची, 28 फरवरी 2026:* RTC Institute of Technology Ranchi में राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के अवसर पर “डिजिटल युग में विज्ञान की भूमिका” विषय पर एक ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणादायक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच विकसित करना, डिजिटल तकनीकों के प्रति जागरूकता बढ़ाना और अनुसंधान व नवाचार को प्रोत्साहित करना था।

इस अवसर पर वैज्ञानिक चेतना मंच, रांची से पधारे तीन विशिष्ट वक्ताओं ने विज्ञान, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), डेटा सुरक्षा और डिजिटल नैतिकता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से प्रकाश डाला।

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डिजिटल क्रांति और नैतिक चुनौतियाँ

पहले वक्ता सामाजिक वैज्ञानिक श्री सुधांशु शेखर ने कहा कि डिजिटल क्रांति ने समाज की संरचना को पूरी तरह बदल दिया है। कृत्रिम बुद्धिमत्ता मानव जीवन को आसान बना रही है, लेकिन यदि इसके उपयोग में नैतिकता और नियंत्रण सुनिश्चित नहीं किया गया तो डेटा चोरी, निजता का उल्लंघन और सामाजिक असमानता जैसी गंभीर समस्याएँ सामने आ सकती हैं।

उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि वे तकनीक का उपयोग जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ करें।

डेटा सुरक्षा और साइबर जागरूकता पर जोर

दूसरे वक्ता श्री अमल आज़ाद ने अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान दौर में डेटा सबसे मूल्यवान संपत्ति बन चुका है। साइबर सुरक्षा की अनदेखी व्यक्तिगत ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए भी खतरा बन सकती है। उन्होंने कहा कि विज्ञान और तकनीक का उपयोग सदैव मानव कल्याण, पारदर्शिता और सुरक्षा के लिए होना चाहिए।

तकनीकी विकास के साथ मानवीय मूल्यों की आवश्यकता

तीसरे वक्ता प्रो. एस. रमेश (सेवानिवृत्त एचआर प्रोफेसर) ने कहा कि तकनीकी प्रगति तभी सार्थक है जब उसमें मानवीय मूल्यों, नैतिकता और सामाजिक उत्तरदायित्व का समावेश हो। केवल डिजिटल विकास पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसे मानवीय दृष्टिकोण से जोड़ना भी आवश्यक है।

प्राचार्य का संदेश : राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए संस्थान के प्राचार्य डॉ. एन. हरि बाबू ने कहा कि विज्ञान राष्ट्र निर्माण की मजबूत नींव है। उन्होंने बताया कि डिजिटल इंडिया के निर्माण में युवा इंजीनियरों और विद्यार्थियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। विद्यार्थियों को वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ सामाजिक दायित्व का निर्वहन भी करना चाहिए।

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प्रश्नोत्तर सत्र में छात्रों की सक्रिय भागीदारी

संगोष्ठी के दौरान आयोजित प्रश्नोत्तर सत्र में विद्यार्थियों ने एआई, साइबर अपराध, डेटा चोरी और डिजिटल नैतिकता से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रश्न पूछे। विशेषज्ञों ने विस्तारपूर्वक उत्तर देते हुए तकनीकी शिक्षा के साथ साइबर जागरूकता को अनिवार्य बताया।

कार्यक्रम का संचालन आईएसटीई स्टूडेंट चेयरपर्सन आर्यन सावंत ने प्रभावशाली ढंग से किया, जबकि आयोजन समन्वय की जिम्मेदारी सहायक प्राध्यापक श्री प्रिय रंजन और श्री सोनू कुमार ने निभाई। बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं और शिक्षकों की उपस्थिति ने कार्यक्रम को सफल और प्रेरणादायक बना दिया।

अंत में धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। विद्यार्थियों ने विज्ञान और डिजिटल तकनीक के क्षेत्र में सकारात्मक योगदान देने का संकल्प लिया।