Jharkhand News : राजकोषीय स्वास्थ्य सूचकांक में झारखंड टॉप-3 में, कई बड़े राज्यों को छोड़ा पीछे
राजकोषीय स्वास्थ्य सूचकांक में झारखंड टॉप-3 में
रांची: झारखंड ने आर्थिक प्रबंधन और वित्तीय अनुशासन के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। नीति आयोग द्वारा जारी Fiscal Health Index (FHI) 2026 में झारखंड को 50.5 अंक प्राप्त हुए हैं, जिसके साथ राज्य देश के शीर्ष तीन राज्यों में शामिल हो गया है।
इस सूची में झारखंड के साथ ओडिशा और गोवा भी शीर्ष स्थानों पर रहे। रिपोर्ट के अनुसार, यह उपलब्धि राज्य में बेहतर वित्तीय प्रबंधन और विकास पर केंद्रित नीतियों का परिणाम मानी जा रही है।
Jharkhand समेत देशभर के Important News पायें, Group Join करें
कई बड़े राज्यों को भी छोड़ा पीछे
Jharkhand News के अनुसार, इस रिपोर्ट में देश के 18 प्रमुख राज्यों के वित्तीय प्रदर्शन का विश्लेषण किया गया। झारखंड ने इस रैंकिंग में कई बड़े और आर्थिक रूप से मजबूत माने जाने वाले राज्यों को पीछे छोड़ दिया।
झारखंड ने प्रदर्शन के मामले में बिहार, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़ और उत्तर प्रदेश जैसे पड़ोसी राज्यों को भी पीछे कर दिया। इसके अलावा गुजरात और महाराष्ट्र जैसे विकसित और औद्योगिक राज्यों से भी बेहतर रैंक हासिल करना राज्य के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।
नियंत्रित राजकोषीय घाटा बना बड़ी ताकत
रिपोर्ट के मुताबिक झारखंड की वित्तीय मजबूती के पीछे सबसे बड़ा कारण नियंत्रित राजकोषीय घाटा है। राज्य सरकार ने अपने राजकोषीय घाटे को सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) के 3 प्रतिशत से नीचे बनाए रखा, जो आर्थिक स्थिरता का महत्वपूर्ण संकेतक माना जाता है।
यह दर्शाता है कि राज्य सरकार ने खर्च और आय के बीच संतुलन बनाए रखने में सफलता हासिल की है।
मजबूत कर राजस्व से मिली मजबूती
झारखंड के वित्तीय प्रदर्शन का दूसरा प्रमुख आधार मजबूत कर संग्रह प्रणाली रही है। रिपोर्ट के अनुसार, राज्य के कुल राजस्व में कर राजस्व की हिस्सेदारी 60 प्रतिशत से अधिक रही है।
यह संकेत देता है कि सरकार ने कर संग्रह व्यवस्था को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाने की दिशा में काम किया है।
Jairam Mahato News : राज्यसभा चुनाव के बाद झारखंड में बन सकती है
विकास कार्यों पर बढ़ा निवेश
नीति आयोग की रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि झारखंड सरकार ने खर्च के ढांचे में संतुलन बनाते हुए आधारभूत संरचना, सामाजिक सुरक्षा और जनकल्याण योजनाओं पर निवेश बढ़ाया है।
सरकार ने प्रशासनिक खर्चों को नियंत्रित रखते हुए विकास परियोजनाओं पर अधिक ध्यान दिया है, जिससे राज्य की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है।
कर्ज प्रबंधन भी बेहतर
रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि झारखंड का कर्ज प्रबंधन (Debt Management) अपेक्षाकृत संतुलित है। हालांकि विशेषज्ञों ने सुझाव दिया है कि राज्य को कैपिटल एक्सपेंडिचर की गुणवत्ता सुधारने और निवेश आकर्षित करने के लिए और कदम उठाने चाहिए।
निवेशकों के लिए बढ़ेगा भरोसा
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि झारखंड इसी तरह वित्तीय अनुशासन बनाए रखता है, तो आने वाले वर्षों में राज्य देश की तेजी से उभरती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हो सकता है।
इस तरह की रैंकिंग न केवल राज्य की आर्थिक छवि को मजबूत करती है, बल्कि निवेशकों के भरोसे को भी बढ़ाने में मदद करती है।