Aayushman Bharat Jharkhand : पलामू में आयुष्मान योजना के क्लेम पर उठे सवाल, 17 अस्पतालों की होगी जांच
मेदिनीनगर (पलामू): झारखंड के पलामू जिले में Aayushman Bharat Jharkhand योजना के तहत कथित गड़बड़ियों को लेकर जिला प्रशासन सतर्क हो गया है। आयुष्मान योजना के अंतर्गत अस्पतालों द्वारा किए गए क्लेम में अनियमितता की आशंका के बाद उपायुक्त दिलीप प्रताप सिंह शेखावत ने जिले के 17 अस्पतालों की जांच कराने का निर्देश दिया है।
शनिवार को समाहरणालय सभागार में आयोजित स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक में यह निर्णय लिया गया। प्रशासन ने साफ संकेत दिए हैं कि सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं में किसी भी तरह की लापरवाही या फर्जीवाड़ा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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जांच के लिए बनाई गई विशेष समिति
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने जांच के लिए त्रिस्तरीय समिति गठित करने का फैसला लिया है। इस समिति में कई वरिष्ठ अधिकारियों को शामिल किया गया है, जिनमें:
- अपर समाहर्ता
- संबंधित अनुमंडल पदाधिकारी
- जिला कल्याण पदाधिकारी
शामिल हैं। यह टीम अस्पतालों में जाकर आयुष्मान योजना के तहत हुए इलाज और सरकार को भेजे गए क्लेम की विस्तार से जांच करेगी।
उपायुक्त ने कहा कि प्रशासन यह सुनिश्चित करना चाहता है कि Aayushman Bharat Jharkhand योजना का लाभ केवल वास्तविक और पात्र लाभुकों तक ही पहुंचे। यदि किसी अस्पताल द्वारा फर्जी क्लेम या अनियमितता की पुष्टि होती है तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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ABHA कार्ड और डिजिटल हेल्थ मिशन पर जोर
बैठक में डिजिटल हेल्थ सेवाओं को मजबूत बनाने पर भी चर्चा हुई। उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जिले में ABHA कार्ड को लेकर जागरूकता अभियान चलाया जाए। उनका कहना था कि डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड भविष्य में मरीजों के इलाज को अधिक आसान और पारदर्शी बनाएगा।
PVTG समुदायों तक पहुंचाने पर फोकस
प्रशासन ने विशेष रूप से पीवीटीजी (PVTG) समुदायों तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने पर जोर दिया। उपायुक्त ने निर्देश दिया कि दूर-दराज क्षेत्रों में विशेष शिविर लगाकर आयुष्मान कार्ड का कवरेज 100 प्रतिशत सुनिश्चित किया जाए।
इन योजनाओं की भी हुई समीक्षा
बैठक में स्वास्थ्य विभाग की कई अन्य योजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की गई। इनमें:
- मुख्यमंत्री डिजिटल हेल्थ स्कीम
- मुख्यमंत्री रख-रखाव योजना
- क्लिनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट
- मुख्यमंत्री गंभीर बीमारी योजना
शामिल हैं।
इस समीक्षा बैठक में सिविल सर्जन, MMCH सुपरिटेंडेंट सहित स्वास्थ्य विभाग के कई अधिकारी मौजूद रहे। प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद जिले के निजी और सरकारी अस्पतालों में हलचल तेज हो गई है।
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