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Uniform Civil Code से वनवासी समाज पर नहीं लगेगी कोई पाबंदी

Uniform Civil Code पर अमित शाह का बड़ा बयान : जनजातीय समाज की परंपराओं पर नहीं पड़ेगा कोई असर

नई दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित विशाल जनजातीय सांस्कृतिक समागम में केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah ने Uniform Civil Code को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि यूसीसी लागू होने के बावजूद जनजातीय समाज की संस्कृति, परंपराओं और अधिकारों पर किसी प्रकार की रोक नहीं लगेगी।

गृह मंत्री ने कहा कि कुछ लोग समाज में भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहे हैं कि Uniform Civil Code जनजातियों के पारंपरिक अधिकार छीन लेगा, जबकि वास्तविकता इससे बिल्कुल अलग है। उन्होंने स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार जनजातीय समुदायों की सांस्कृतिक पहचान और धार्मिक स्वतंत्रता की पूरी सुरक्षा करेगी।

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Uniform Civil Code से जनजातीय समाज को बाहर रखने का दावा

अमित शाह ने अपने संबोधन में कहा कि गुजरात और उत्तराखंड जैसे राज्यों में जहां यूसीसी लागू किया गया है, वहां विशेष प्रावधानों के तहत जनजातीय समुदायों को इससे अलग रखा गया है। उनका कहना था कि वनवासी समाज की जीवनशैली, रीति-रिवाज और धार्मिक परंपराओं में किसी तरह का हस्तक्षेप नहीं किया जाएगा।

उन्होंने मंच से कहा कि मोदी सरकार जनजातीय समाज के अधिकारों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और किसी भी कानून के जरिए उनकी परंपराओं को प्रभावित नहीं होने दिया जाएगा।

“Uniform Civil Code से डरने की जरूरत नहीं”

गृह मंत्री ने जनजातीय समाज से अपील करते हुए कहा कि उन्हें Uniform Civil Code को लेकर डरने या भ्रमित होने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि वे अपने क्षेत्रों में जाकर समाज को जागरूक करें और गलत सूचनाओं का जवाब दें।

उन्होंने कहा कि भारतीय संविधान सभी नागरिकों को अपने धर्म और संस्कृति के अनुसार सम्मानपूर्वक जीवन जीने का अधिकार देता है। किसी भी व्यक्ति का जबरन धर्म परिवर्तन स्वीकार नहीं किया जा सकता।

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भगवान बिरसा मुंडा और जनजातीय गौरव का उल्लेख

अपने भाषण के दौरान अमित शाह ने भगवान बिरसा मुंडा को याद करते हुए कहा कि उनका आंदोलन जनजातीय अस्मिता और अधिकारों की रक्षा का प्रतीक था। उन्होंने कहा कि आज का जनजातीय महाकुंभ भी उसी भावना को आगे बढ़ाने का कार्य कर रहा है।

गृह मंत्री ने कहा कि भगवान राम द्वारा शबरी के बेर स्वीकार करना और निषादराज का सम्मान करना इस बात का प्रमाण है कि भारतीय संस्कृति में जनजातीय समाज का हमेशा सम्मान रहा है।

नक्सलवाद खत्म होने का दावा

अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व में देश में नक्सलवाद के खिलाफ बड़ी सफलता मिली है। उन्होंने दावा किया कि अब देश नक्सल समस्या से लगभग मुक्त हो चुका है और आने वाले समय में जनजातीय क्षेत्रों में तेजी से विकास होगा।

उन्होंने कहा कि सरकार जनजातीय इलाकों में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार जैसी सुविधाओं को मजबूत करने पर काम कर रही है।

जनजातीय विकास के लिए बढ़ाया गया बजट

गृह मंत्री ने बताया कि पूर्व प्रधानमंत्री Atal Bihari Vajpayee ने सबसे पहले जनजातीय कल्याण मंत्रालय की स्थापना की थी। वहीं वर्तमान सरकार ने जनजातीय कल्याण का बजट कई गुना बढ़ाकर लगभग 1.5 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचा दिया है।

उन्होंने राष्ट्रपति Droupadi Murmu का भी उल्लेख किया और कहा कि देश ने पहली बार एक जनजातीय महिला को सर्वोच्च संवैधानिक पद पर बैठाकर समाज को सम्मान दिया है।

जनजातीय समाज को बताया सबसे बड़ा Sustainable Model

अमित शाह ने कहा कि दुनिया में यदि सबसे मजबूत और टिकाऊ Sustainable Model किसी ने बनाया है, तो वह जनजातीय समाज है। उन्होंने कहा कि जनजातीय समुदाय ने “विविधता में एकता” की भावना को जीवंत बनाए रखा है।

साथ ही उन्होंने पेसा कानून को जनजातीय विकास के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि केंद्र सरकार और भाजपा शासित राज्य इसे प्रभावी तरीके से लागू करने के लिए लगातार काम कर रहे हैं।