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भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के महासचिव और सांसद Randeep Singh Surajewala ने केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों और सोने के आभूषणों को लेकर दिए गए बयानों पर तीखा हमला बोला है। Randeep Singh Surajewala ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री Narendra Modi और भाजपा सरकार की नीतियां देश के करोड़ों सुनारों, स्वर्णकारों, कारीगरों और छोटे व्यापारियों की रोजी-रोटी पर सीधा हमला हैं।
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Randeep Singh Surajewala ने कहा कि 22 अप्रैल 2024 को राजस्थान के बांसवाड़ा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिलाओं के मंगलसूत्र को लेकर बयान दिया था, जबकि 10 मई 2026 को हैदराबाद, तेलंगाना में उन्होंने लोगों से एक साल तक सोने के गहने नहीं खरीदने की अपील की। कांग्रेस नेता ने इसे महिलाओं की भावनाओं और ज्वेलरी उद्योग पर सीधा प्रहार बताया।
उन्होंने कहा कि भारत में सोने के आभूषण केवल सजावट का साधन नहीं हैं, बल्कि यह सांस्कृतिक विरासत, धार्मिक परंपरा और आर्थिक सुरक्षा का प्रतीक हैं। गांवों से लेकर शहरों तक लाखों परिवारों की आजीविका ज्वेलरी कारोबार पर निर्भर है।
Randeep Singh Surajewala ने दावा किया कि देश में 90 प्रतिशत से अधिक ज्वेलरी कारोबार MSME सेक्टर से जुड़ा हुआ है। इस क्षेत्र में छोटे दुकानदार, सुनार, कारीगर, दस्तकार और कामगार काम करते हैं। उन्होंने कहा कि करीब 3.5 करोड़ लोग सीधे या अप्रत्यक्ष रूप से इस उद्योग पर निर्भर हैं।
कांग्रेस नेता के अनुसार, प्रधानमंत्री द्वारा सोने के गहने न खरीदने की अपील ने पहले ही इस सेक्टर को भारी नुकसान पहुंचाया है। वहीं, 13 मई 2026 को केंद्र सरकार द्वारा सोने और चांदी पर इंपोर्ट ड्यूटी 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत किए जाने से स्थिति और गंभीर हो गई है।
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Randeep Singh Surajewala ने कहा कि गोल्ड इंपोर्ट ड्यूटी में भारी बढ़ोतरी से सोने की तस्करी को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने दावा किया कि वित्त वर्ष 2024-25 में सरकारी एजेंसियों ने करीब 3005 मामलों में 2.6 मीट्रिक टन से अधिक सोना जब्त किया था।
उन्होंने कहा कि ज्वेलरी सेक्टर के विशेषज्ञों के मुताबिक हर साल 10 से 15 मीट्रिक टन से अधिक सोने की तस्करी होती है और सरकार के नए फैसले से इसमें और तेजी आएगी।

Randeep Singh Surajewala ने कहा कि नोटबंदी, एक्साइज ड्यूटी, गलत GST व्यवस्था और अनिवार्य हॉलमार्किंग जैसे फैसलों ने पहले ही ज्वेलरी सेक्टर की कमर तोड़ दी है। अब सोने की खरीद पर रोक जैसी अपील और इंपोर्ट ड्यूटी में वृद्धि से लाखों छोटे व्यापारी आर्थिक संकट में आ जाएंगे।
उन्होंने सरकारी आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि जुलाई 2020 से अगस्त 2025 तक देशभर में 75 हजार से अधिक MSME बंद हो चुके हैं। वहीं, 2024-25 में ही 35 हजार से अधिक MSME इकाइयां बंद हुईं, जिससे लाखों लोगों की नौकरी प्रभावित हुई।
Randeep Singh Surajewala ने केंद्र सरकार से सवाल किया कि क्या नोटबंदी की तरह अब “उद्यम बंदी” भी भाजपा सरकार का नया मॉडल बन गया है? क्या सरकार ने ज्वेलरी सेक्टर में काम करने वाले 3.5 करोड़ सुनारों, स्वर्णकारों, दुकानदारों और कारीगरों की आजीविका बचाने के लिए कोई ठोस योजना बनाई है? अगर गोल्ड इंपोर्ट कम करना ही उद्देश्य है, तो “डोमेस्टिक गोल्ड मोबिलाइजेशन” और “बुलियन बैंकिंग फ्रेमवर्क” पर काम क्यों नहीं किया गया? जब प्रधानमंत्री जनता को सोना न खरीदने की सलाह दे रहे हैं, तो सरकार और आरबीआई खुद बड़े पैमाने पर सोना क्यों खरीद रहे हैं? और क्या भाजपा सरकार ज्वेलरी सेक्टर को कमजोर कर इसे बड़े कॉर्पोरेट घरानों के हवाले करना चाहती है?
Randeep Singh Surajewala ने मांग की कि केंद्र सरकार ज्वेलरी उद्योग से जुड़े 3.5 करोड़ सुनारों, स्वर्णकारों, व्यापारियों और कारीगरों के लिए विशेष आर्थिक राहत पैकेज की घोषणा करे।
उन्होंने कहा कि सरकार को इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ाने की बजाय घरेलू गोल्ड रिसाइक्लिंग, गोल्ड मोबिलाइजेशन और वैल्यू एडेड कंजंप्शन जैसी नीतियों पर ध्यान देना चाहिए।
अंत में Randeep Singh Surajewala ने कहा कि कांग्रेस पार्टी ज्वेलरी सेक्टर से जुड़े लोगों के साथ खड़ी है और उनकी आजीविका बचाने के लिए संसद से सड़क तक संघर्ष करेगी।
