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Maiya Samman Yojana Satyapan पलामू में सत्यापन के नाम पर अवैध वसूली का आरोप, महिलाओं ने किया विरोध

Maiya Samman Yojana Satyapan : पलामू में सत्यापन के नाम पर अवैध वसूली का आरोप, महिलाओं ने किया विरोध

Maiya Samman Yojana Satyapan को लेकर झारखंड के पलामू जिले से एक गंभीर मामला सामने आया है। मंईया सम्मान योजना, विधवा पेंशन और वृद्धा पेंशन के सत्यापन के दौरान लाभुक महिलाओं से अवैध रूप से पैसे लेने के आरोप लगे हैं। इस घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों और महिलाओं में भारी नाराजगी देखी जा रही है।

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सत्यापन के नाम पर पैसे मांगने का आरोप

जानकारी के अनुसार, पलामू जिले के तरहसी प्रखंड की मंझौली पंचायत स्थित पतिला गांव में आंगनबाड़ी सेविका पूनम देवी पर Maiya Samman Yojana Satyapan के दौरान महिलाओं से 50 से 100 रुपये तक लेने का आरोप लगाया गया है।

ग्रामीणों का कहना है कि सत्यापन प्रक्रिया के दौरान महिलाओं को डराया गया कि यदि वे पैसे नहीं देंगी तो उनका नाम योजना की सूची से हटा दिया जाएगा और पेंशन बंद हो सकती है।

महिलाओं ने प्रखंड प्रमुख से की शिकायत

मामला उस समय सामने आया जब कई लाभुक महिलाओं ने प्रखंड प्रमुख सिरीस्ता भुईया से मिलकर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलने के बाद प्रमुख स्वयं गांव पहुंचीं और महिलाओं से बातचीत कर पूरे मामले की जानकारी ली।

महिलाओं ने आरोप लगाया कि Maiya Samman Yojana Satyapan के नाम पर उनसे जबरन पैसे लिए गए। कई महिलाओं ने यह भी कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर होने के बावजूद डर के कारण उन्हें पैसे देने पड़े।

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ग्रामीणों में बढ़ा आक्रोश

गांव के लोगों का कहना है कि सरकार गरीब और जरूरतमंद महिलाओं को आर्थिक सहायता देने के लिए योजनाएं चला रही है, लेकिन कुछ कर्मचारियों की वजह से योजनाओं की छवि खराब हो रही है।

ग्रामीणों ने कहा कि जो महिलाएं रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करने के लिए संघर्ष कर रही हैं, उनसे भी पैसे लेना बेहद गलत है। घटना के बाद गांव में आक्रोश का माहौल है और लोग दोषियों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

RTC Institute of technology Ranchi
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दोषियों पर कार्रवाई की मांग

ग्रामीणों और लाभुक महिलाओं ने संबंधित सेविका को हटाने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि ऐसे मामलों पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो लोगों का सरकारी योजनाओं से भरोसा उठ जाएगा।

प्रखंड प्रमुख सिरीस्ता भुईया ने मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि गरीबों का हक मारने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने आश्वासन दिया कि मामले की रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेजी जाएगी और दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की मांग की जाएगी।

योजनाओं की पारदर्शिता पर उठे सवाल

इस घटना के बाद Maiya Samman Yojana Satyapan प्रक्रिया की निगरानी और पारदर्शिता को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। ग्रामीणों का मानना है कि यदि निष्पक्ष जांच की जाए तो सरकारी योजनाओं में हो रही गड़बड़ियों के कई और मामले सामने आ सकते हैं।

सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं का लाभ सही पात्र लोगों तक पहुंचे, इसके लिए पारदर्शी व्यवस्था और सख्त निगरानी बेहद जरूरी मानी जा रही है।

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