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JJM 2.0 के तहत केंद्र और राज्य सरकार के बीच MOU पर हस्ताक्षर

Jal Jivan Mission Jharkhand : JJM 2.0 के तहत केंद्र और झारखंड सरकार के बीच MOU, झारखंड को 2,500 करोड़ रुपये का विशेष आवंटन

Jal Jivan Mission Jharkhand : JJM 2.0 के तहत केंद्र और झारखंड सरकार के बीच MOU, हर घर नल से जल पहुंचाने की दिशा में बड़ा कदम

रांची/नई दिल्ली : जल जीवन मिशन (JJM) 2.0 के तहत झारखंड सरकार और भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय के बीच महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MOU) पर हस्ताक्षर किए गए। नई दिल्ली में आयोजित इस कार्यक्रम में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल की अध्यक्षता में समझौते को अंतिम रूप दिया गया। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन इस समारोह में झारखंड मंत्रालय से ऑनलाइन माध्यम से शामिल हुए।

समारोह में केंद्रीय राज्य मंत्री वी. सोमन्ना, झारखंड के पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री योगेंद्र प्रसाद, जल शक्ति मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी, राष्ट्रीय जल जीवन मिशन (NJJM) के प्रतिनिधि तथा केंद्र एवं राज्य सरकार के अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

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हर घर नल से जल पहुंचाने के संकल्प को मिलेगी नई गति

समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि JJM 2.0 के तहत हुआ यह समझौता झारखंड के लिए मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने कहा कि वर्ष 2019 से केंद्र सरकार द्वारा जल जीवन मिशन के माध्यम से हर घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है और झारखंड सरकार भी इस लक्ष्य को मिशन मोड में पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार केंद्र के साथ समन्वय स्थापित कर योजनाओं को तेजी से आगे बढ़ा रही है ताकि ग्रामीण क्षेत्रों के प्रत्येक परिवार तक नल से जल की सुविधा पहुंचाई जा सके।

राज्य में बढ़ेंगे दाल-भात केंद्र CM हेमन्त सोरेन ने दिए निर्देश

भौगोलिक चुनौतियों के बावजूद तेजी से बढ़ रहा काम

हेमन्त सोरेन ने कहा कि झारखंड की भौगोलिक संरचना और वन क्षेत्र आधारित ग्रामीण बसावट के कारण जलापूर्ति परियोजनाओं के क्रियान्वयन में कई चुनौतियां आती हैं। विभिन्न एजेंसियों से समय पर NOC नहीं मिलने के कारण कई परियोजनाओं में विलंब होता है।

उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार के साझा प्रयासों से NOC संबंधी समस्याओं के त्वरित समाधान पर बल देते हुए कहा कि इससे परियोजनाओं को निर्धारित समय सीमा में पूरा करने में मदद मिलेगी।

जल जीवन मिशन के तहत 24,635 करोड़ रुपये की परियोजनाएं संचालित

मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2019-20 से जल जीवन मिशन के तहत राज्य में लगभग 24,635 करोड़ रुपये की लागत वाली पेयजल योजनाओं का क्रियान्वयन किया जा रहा है। इसके अंतर्गत मल्टी विलेज स्कीम (MVS) और सिंगल विलेज स्कीम (SVS) पर विशेष ध्यान दिया गया है।

उन्होंने जानकारी दी कि अब तक लगभग 55 प्रतिशत परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं, जबकि केंद्र सरकार की ओर से केवल 46 प्रतिशत अनुदान ही प्राप्त हुआ है।

केंद्र से लंबित 6,500 करोड़ रुपये जारी करने का आग्रह

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय जल शक्ति मंत्री को अवगत कराया कि वित्तीय वर्ष 2024-25 और 2025-26 में पर्याप्त केंद्रीय सहायता प्राप्त नहीं हुई है। उन्होंने राज्य के लिए लंबित लगभग 6,500 करोड़ रुपये की राशि शीघ्र जारी करने का अनुरोध किया।

जल सहियाओं को मिलेगा और सशक्त समर्थन

मुख्यमंत्री ने बताया कि जल जीवन मिशन के प्रभावी संचालन के लिए राज्य सरकार ने करीब 30 हजार जल सहियाओं की नियुक्ति की है। ये जल सहियाएं गांवों में पेयजल व्यवस्था के संचालन और निगरानी का कार्य कर रही हैं।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार जल सहियाओं को प्रतिमाह मानदेय उपलब्ध करा रही है तथा केंद्र सरकार से इस मद में वित्तीय सहयोग देने और जल सहिया कंपोनेंट को जल जीवन मिशन में शामिल करने का आग्रह किया गया है।

JJM 2.0 के तहत लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय

समारोह के दौरान कई अहम निर्णय लिए गए, जिनमें:

  • झारखंड के लिए विशेष रूप से 2,500 करोड़ रुपये की राशि आवंटित करने की घोषणा।
  • जिलाधिकारियों (DC/DM) को परियोजनाओं की निगरानी और क्रियान्वयन में सक्रिय भूमिका निभाने के निर्देश।
  • 100 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली परियोजनाओं की उच्च स्तरीय समीक्षा।
  • झारखंड जल जीवन मिशन के प्रबंध निदेशक पद को संयुक्त सचिव स्तर के अधिकारी द्वारा संभालने की सिफारिश।
  • लगभग 1,400 करोड़ रुपये की अनुचित लागत वाले ओवरसाइज्ड घटकों की समीक्षा के निर्देश।

हर ग्रामीण परिवार तक नल से जल पहुंचाने का लक्ष्य

समारोह का समापन JJM 2.0 के दिशा-निर्देशों के त्वरित क्रियान्वयन और लंबित परियोजनाओं को तेज गति से पूरा करने के आह्वान के साथ हुआ। सरकार का लक्ष्य है कि झारखंड के प्रत्येक ग्रामीण परिवार को सुरक्षित और स्वच्छ पेयजल की सुविधा उपलब्ध कराई जाए।

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