Popular Posts

Rajyasabha Election Jharkhand 2026: झारखंड से किसी दलित चेहरे को उतार सकती है BJP, पूर्व विधायक Narayan Das का नाम सबसे आगे

झारखंड की सियासत में इन दिनों Rajyasabha Election Jharkhand 2026 को लेकर सरगर्मियां चरम पर हैं। राज्य की खाली हो रही 02 सीटों के लिए सभी राजनीतिक दल अपनी-अपनी गोटियां सेट करने में जुटे हैं। इसी बीच भारतीय जनता पार्टी (BJP) के गलियारों से एक बड़ी खबर सामने आ रही है।

उच्च पदस्थ सूत्रों के मुताबिक दिल्ली की केंद्रीय नेतृत्व इस बार सामाजिक समीकरणों को साधने और हाशिए पर खड़े समाज को मुख्यधारा में बड़ी प्रतिनिधित्व देने के लिए झारखंड से राज्यसभा के लिए किसी दलित चेहरे को उतार सकती है ।

Jharkhand समेत देशभर के Important News पायें, Group Join करें

क्यों जरूरी है बीजेपी के लिए दलित कार्ड?

झारखंड की राजनीति में आदिवासियों के साथ-साथ दलित (अनुसूचित जाति) मतदाताओं की भूमिका बेहद निर्णायक रही है। पार्टी के रणनीतिकारों का मानना है कि राज्य में सांगठनिक पकड़ को और मजबूत करने के लिए संसद के उच्च सदन में एक ऐसे दलित चेहरे को भेजा जाए, जो जमीन से जुड़ा हो और जिसकी स्वीकार्यता पूरे राज्य में हो।

बीजेपी हमेशा से ‘सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास’ के नारे पर काम करती आई है। ऐसे में Rajyasabha Election Jharkhand 2026 में किसी बड़े दलित चेहरे को मौका देकर बीजेपी न केवल विपक्ष के सोशल इंजीनियरिंग के दावों की हवा निकाल सकती है, बल्कि अपने कैडर को भी एक बड़ा और सकारात्मक संदेश दे सकती है।

नारायण दास ही क्यों हैं सबसे मजबूत और योग्य दावेदार?

02 बार के विधायक और जमीनी पकड़

Narayan Das: संताल परगना में बीजेपी का बड़ा चेहरा

संताल परगना झारखंड की राजनीति का वह गढ़ है जहां झामुमो (JMM) और कांग्रेस का पारंपरिक प्रभाव माना जाता है। इस इलाके में बीजेपी के झंडे को मजबूती से बुलंद रखने और पार्टी के जनाधार को दलित समाज के बीच गहराई से स्थापित करने में नारायण दास ने अहम भूमिका निभाई है। उन्हें राज्यसभा भेजना पूरे संताल परगना के कार्यकर्ताओं में एक नया जोश फूंक देगा।

Jharkhand समेत देशभर के Important News पायें, Group Join करें

निष्पक्ष, बेदाग और सुलभ छवि

राजनीति में लंबे समय तक सक्रिय रहने के बाद भी नारायण दास की छवि पूरी तरह साफ और बेदाग है। वह बेहद सादगी पसंद इंसान हैं और पार्टी के एक आम कार्यकर्ता से लेकर आम जनता तक के लिए हमेशा सुलभ रहते हैं। उनका यह सहज स्वभाव ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है।

कार्यकर्ताओं और संगठन की भी यही मांग

पार्टी सूत्रों और झारखंड बीजेपी के अंदरूनी हल्कों से मिल रही खबरों के अनुसार, स्थानीय स्तर पर भी यह मांग उठने लगी है कि इस बार राज्यसभा चुनाव में किसी बाहरी चेहरे के बजाय राज्य के ही किसी समर्पित और अनुभवी दलित नेता को प्राथमिकता दी जाए।

Jharkhand समेत देशभर के Important News पायें, Group Join करें

निष्कर्ष: नारायण दास को मौका देना होगा BJP का ‘मास्टरस्ट्रोक’

झारखंड की दो राज्यसभा सीटों पर होने जा रहे इस दंगल में संख्या बल और क्रॉस वोटिंग की संभावनाओं के बीच बीजेपी की रणनीति बेहद सटीक होनी चाहिए। Rajyasabha Election Jharkhand 2026 में देवघर के पूर्व विधायक नारायण दास को उच्च सदन में भेजना बीजेपी के लिए एक राजनीतिक ‘मास्टरस्ट्रोक’ साबित हो सकता है।

Jharkhand समेत देशभर के Important News पायें, Group Join करें