CM Hemant Soren ने भीषण गर्मी पर की उच्चस्तरीय समीक्षा, पेयजल-बिजली और स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर दिए सख्त निर्देश
CM Hemant Soren ने भीषण गर्मी पर की समीक्षा
रांची: झारखंड के मुख्यमंत्री Hemant Soren ने राज्य में लगातार बढ़ रही गर्मी और हीटवेव की स्थिति को लेकर सोमवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलों के उपायुक्तों और वरीय अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में मुख्यमंत्री ने पेयजल, बिजली आपूर्ति, स्वास्थ्य सेवाओं और प्रशासनिक निगरानी को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का निर्देश दिया।
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आमजन को पेयजल संकट न हो : CM Hemant Soren
बैठक में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि भीषण गर्मी के दौरान आम लोगों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने सभी उपायुक्तों को निर्देश दिया कि अपने-अपने जिलों में पेयजल की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जलापूर्ति योजनाओं, चापाकलों, टैंकरों और अन्य वैकल्पिक जल स्रोतों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए। जहां कहीं भी जल संकट की सूचना मिले, वहां तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए ताकि लोगों को राहत मिल सके।
बिजली आपूर्ति में लापरवाही बर्दाश्त नहीं
Hemant Soren ने बिजली विभाग और जिला प्रशासन को निर्देश देते हुए कहा कि गर्मी के मौसम में निर्बाध बिजली आपूर्ति बेहद जरूरी है। उन्होंने ट्रांसफॉर्मर खराब होने, बिजली कटौती और आपूर्ति बाधित होने जैसी शिकायतों का त्वरित समाधान करने को कहा।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि बिजली व्यवस्था को लेकर किसी भी प्रकार की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी और विभागीय समन्वय के साथ लोगों की समस्याओं का तुरंत समाधान किया जाए।

स्वास्थ्य विभाग को विशेष सतर्कता बरतने का निर्देश
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य सेवाओं की भी समीक्षा की। उन्होंने सभी जिलों को निर्देश दिया कि अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में हीटवेव एवं लू से प्रभावित मरीजों के इलाज की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने आवश्यक दवाइयों, ओआरएस, पेयजल, चिकित्सा उपकरण और स्वास्थ्यकर्मियों की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखने पर जोर दिया।
ग्रामीण क्षेत्रों में भ्रमण और जनसुनवाई के निर्देश
मुख्यमंत्री Hemant Soren ने उपायुक्तों को नियमित रूप से ग्रामीण क्षेत्रों का दौरा करने और जमीनी स्तर पर व्यवस्थाओं का निरीक्षण करने का निर्देश दिया।
उन्होंने कहा कि अधिकारी अपने भ्रमण की जानकारी मुख्यालय को साझा करें और संबंधित क्षेत्रों की तस्वीरें भी भेजें। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि स्थानीय लोगों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं को सुनना जरूरी है, क्योंकि इससे प्रशासनिक जवाबदेही मजबूत होती है और समस्याओं का त्वरित समाधान संभव हो पाता है।
प्रशासनिक समन्वय से सुनिश्चित हों जनसुविधाएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में प्रशासनिक तत्परता, सतत निगरानी और मानवीय संवेदनशीलता अत्यंत आवश्यक है। सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें ताकि किसी भी नागरिक को पानी, बिजली और स्वास्थ्य सेवाओं के अभाव में परेशानी का सामना न करना पड़े।
बैठक में मुख्य सचिव अविनाश कुमार, स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह, गृह विभाग की अपर मुख्य सचिव वंदना दादेल, विभिन्न विभागों के सचिव, सभी जिलों के उपायुक्त और अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

