Holika Dahan 2026 : आज रात 12:50 बजे के बाद होगा होलिका दहन, जानें शुभ मुहूर्त और पूजन विधि
Holika Dahan 2026
Holika Dahan 2026 आज फाल्गुन पूर्णिमा की रात 12:50 बजे के बाद किया जाएगा। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार रांची सहित कई शहरों में मध्यरात्रि के बाद होलिका दहन का शुभ मुहूर्त रहेगा। यह पर्व बुराई पर अच्छाई की जीत और नकारात्मकता के अंत का प्रतीक माना जाता है।
रांची शहर में लगभग 150 स्थानों पर Holika Dahan 2026 के आयोजन की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। चार मार्च को धुलेंडी यानी रंगों की होली मनाई जाएगी।
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Holika Dahan 2026 : शुभ मुहूर्त और तिथि
फाल्गुन पूर्णिमा तिथि की शुरुआत 2 मार्च को शाम 5:18 बजे से हो रही है।
ज्योतिष विशेषज्ञों के अनुसार:
- होलिका दहन का शुभ समय: 2 मार्च की रात 12:50 बजे के बाद
- स्थान: रांची के लगभग 150 स्थानों पर आयोजन
शहर के अपर बाजार, बकरी बाजार, कोकर, थड़पकना, हरमू रोड, किशोर गंज, हिनू, धुर्वा और मोरहाबादी सहित कई इलाकों में Holika Dahan 2026 की तैयारी पूरी कर ली गई है।
Holika Dahan 2026 का धार्मिक महत्व
Holika Dahan 2026 की पौराणिक कथा भक्त प्रह्लाद और होलिका से जुड़ी है।
पौराणिक कथा संक्षेप में:
- असुरराज हिरण्यकशिपु ने स्वयं को भगवान घोषित किया
- उसका पुत्र प्रह्लाद भगवान विष्णु का परम भक्त था
- हिरण्यकशिपु ने प्रह्लाद को मारने के कई प्रयास किए
- अंततः होलिका (जिसे अग्नि से न जलने का वरदान था) प्रह्लाद को गोद में लेकर अग्नि में बैठी
- भगवान की कृपा से प्रह्लाद सुरक्षित रहे और होलिका जलकर भस्म हो गई
यह घटना Holika Dahan 2026 के रूप में बुराई के अंत और आस्था की विजय का प्रतीक है।
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नकारात्मकता के अंत का संदेश
Holika Dahan 2026 केवल एक परंपरा नहीं, बल्कि आत्मशुद्धि का प्रतीक है।
यह पर्व हमें सिखाता है कि:
- क्रोध
- ईर्ष्या
- लोभ
- अहंकार
जैसे नकारात्मक भावों को अग्नि में समर्पित कर देना चाहिए।
Holika Dahan 2026 : पूजन विधि
होलिका दहन से पहले स्थल को शुद्ध किया जाता है और लकड़ियों या उपलों का ढेर सजाया जाता है।
पूजन सामग्री:
- रोली
- अक्षत
- पुष्प
- जल
- गुड़
- हल्दी
- मूंग
- गेहूं की बालियां
पूजन प्रक्रिया:
- होलिका स्थल की सफाई करें
- लकड़ियां सजाएं
- कच्चा सूत (मौली) चारों ओर लपेटें
- विधि-विधान से पूजन करें
- परिक्रमा करते हुए सुख-समृद्धि की कामना करें
- अग्नि की राख को माथे पर लगाएं
मान्यता है कि Holika Dahan 2026 की राख लगाने से नकारात्मक शक्तियां दूर होती हैं और जीवन में सुख-शांति आती है।
ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में उत्साह
ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में Holika Dahan 2026 को लेकर विशेष उत्साह देखा जा रहा है। लोग सूखी लकड़ियां और उपले एकत्र कर रहे हैं, जो प्रकृति के प्रति कृतज्ञता और समृद्धि की प्रार्थना का प्रतीक है।
धुलेंडी कब मनाई जाएगी?
Holika Dahan 2026 के अगले दिन यानी 4 मार्च को धुलेंडी (रंगों की होली) मनाई जाएगी।
यह दिन आपसी प्रेम, भाईचारे और सामाजिक सद्भाव का संदेश देता है।
निष्कर्ष
Holika Dahan 2026 बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक पर्व है। आज रात 12:50 बजे के बाद शुभ मुहूर्त में होलिका दहन किया जाएगा। श्रद्धा और विधि-विधान के साथ पूजन करने से सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और जीवन में नई शुरुआत का संदेश मिलता है।