ACB Jharkhand की बड़ी कार्रवाई : 5 लाख रुपये रिश्वत लेते प्रधान लिपिक गिरफ्तार, दलाल भी दबोचा गया
जमशेदपुर : ACB Jharkhand ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए सरायकेला-खरसावां जिला भू-अर्जन कार्यालय के प्रधान लिपिक को 5 लाख रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई में एक दलाल को भी पकड़ा गया है।
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, जमशेदपुर को शिकायत मिली थी कि चांडिल अंचल अंतर्गत भूमि अधिग्रहण के एवज में मुआवजा राशि दिलाने के नाम पर रिश्वत मांगी जा रही है। शिकायतकर्ता के अनुसार, कुल मुआवजा राशि लगभग 1.48 करोड़ रुपये थी, जिसमें से भुगतान कराने के लिए 40 लाख रुपये रिश्वत की मांग की गई थी।
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सत्यापन के बाद ACB ने बिछाया जाल
शिकायत मिलने के बाद ACB Jharkhand की टीम ने पूरे मामले का सत्यापन किया। जांच में आरोप सही पाए जाने पर ACB ने योजनाबद्ध तरीके से ट्रैप ऑपरेशन की तैयारी की।
22 मार्च 2026 को इस मामले में प्राथमिकी दर्ज की गई और आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई शुरू की गई।
5 लाख रुपये लेते रंगे हाथ गिरफ्तार
23 मार्च 2026 को ACB की टीम ने कार्रवाई करते हुए प्रधान लिपिक प्रीतम आचार्य और दलाल विनय कुमार तिवारी को 5 लाख रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ लिया। यह रकम पहली किस्त के रूप में ली जा रही थी।
गिरफ्तारी के दौरान स्वतंत्र गवाहों की मौजूदगी में पूरी प्रक्रिया को अंजाम दिया गया। इसके बाद दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
बड़े रिश्वत नेटवर्क का संकेत
इस मामले में 40 लाख रुपये तक की रिश्वत मांग सामने आने से यह संकेत मिल रहा है कि भूमि अधिग्रहण मामलों में बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार का नेटवर्क सक्रिय हो सकता है। ACB Jharkhand अब इस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है।
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ACB की सख्त चेतावनी
ACB अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि राज्य में भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। आम लोगों से भी अपील की गई है कि यदि कहीं रिश्वत मांगी जाती है, तो तुरंत इसकी सूचना ACB को दें।
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