Simdega News: टोंगरीटोली नाले में युवक की मौत के बाद फिर उठा पुल निर्माण का मुद्दा

Simdega News:

झारखंड के सिमडेगा जिले में एक बार फिर अधूरी बुनियादी सुविधाओं की कीमत एक परिवार को अपनी जान देकर चुकानी पड़ी। जिले के गेनमेर पंचायत स्थित टोंगरीटोली नाला लंबे समय से पुल के अभाव में ग्रामीणों के लिए खतरा बना हुआ है। सोमवार को इसी नाले के तेज बहाव में बहकर लापता हुए भीष्म सिंह का शव मंगलवार सुबह करीब 24 घंटे बाद बरामद किया गया। इस दर्दनाक घटना के बाद पूरे इलाके में शोक के साथ-साथ प्रशासन के प्रति नाराजगी भी देखने को मिल रही है।

ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते नाले पर पुल का निर्माण कर दिया गया होता तो यह हादसा टाला जा सकता था। अब एक बार फिर स्थानीय लोगों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से जल्द स्थायी समाधान की मांग उठाई है।

Jharkhand समेत देशभर के Important News पायें, Group Join करें

Simdega News:

Jharkhand समेत देशभर के Important News पायें, Group Join करें

Simdega News: 24 घंटे तक चला खोज अभियान, सुबह मिला शव

जानकारी के अनुसार सोमवार को भीष्म सिंह टोंगरीटोली नाला पार करते समय तेज जलधारा की चपेट में आ गए थे। घटना की सूचना मिलते ही गिरदा ओपी पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों की मदद से देर रात तक खोजबीन जारी रही। हालांकि अंधेरा होने और तेज बहाव के कारण सफलता नहीं मिल सकी।

मंगलवार सुबह एक स्थानीय ग्रामीण की नजर नाले में पड़े शव पर पड़ी। इसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को बाहर निकाला और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। शव मिलने की खबर फैलते ही गांव में मातम छा गया और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।

Simdega News: अंतिम संस्कार के लिए कफन खरीदने गए थे भीष्म सिंह

ग्रामीणों के मुताबिक भीष्म सिंह अपने एक रिश्तेदार के अंतिम संस्कार के लिए आवश्यक सामान और कफन खरीदने बाजार गए थे। बाजार से वापस लौटते समय उन्हें टोंगरीटोली नाला पार करना पड़ा। लगातार बारिश के कारण नाले का जलस्तर काफी बढ़ा हुआ था और पानी का बहाव भी तेज था। इसी दौरान उनका संतुलन बिगड़ गया और वे बहाव में बह गए।

यह घटना पूरे क्षेत्र के लिए गहरे दुख का कारण बन गई है। ग्रामीणों का कहना है कि जिस व्यक्ति दूसरे के अंतिम संस्कार की तैयारी के लिए गया था, वही स्वयं इस हादसे का शिकार हो गया।

Simdega News:

Jharkhand समेत देशभर के Important News पायें, Group Join करें

Simdega News: वर्षों से लंबित है पुल निर्माण की मांग

घटना के बाद स्थानीय लोगों ने बताया कि टोंगरीटोली नाले पर पुल निर्माण की मांग कई वर्षों से की जा रही है। इस संबंध में कई बार प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को आवेदन भी सौंपे गए, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई।

ग्रामीणों का आरोप है कि बरसात के मौसम में यह नाला पूरी तरह जानलेवा बन जाता है। इसके बावजूद स्थायी समाधान की दिशा में अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। लोगों का कहना है कि इस लापरवाही के कारण अब एक और परिवार ने अपना सदस्य खो दिया।

ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए पुल निर्माण को प्राथमिकता दी जाए और जल्द से जल्द कार्य शुरू कराया जाए।

Simdega News: बरसात में जोखिम उठाकर आवागमन को मजबूर हैं ग्रामीण

स्थानीय निवासियों के अनुसार बारिश के मौसम में टोंगरीटोली नाले का जलस्तर तेजी से बढ़ जाता है। ऐसे में ग्रामीणों, किसानों, महिलाओं और स्कूली बच्चों को अपनी जान जोखिम में डालकर नाला पार करना पड़ता है।

कई बार विद्यालयों के शिक्षक भी समय पर स्कूल नहीं पहुंच पाते, जिससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होती है। किसानों को खेतों तक पहुंचने में भी गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि बरसात के चार से पांच महीनों तक यह समस्या लगातार बनी रहती है और हर वर्ष किसी बड़े हादसे का डर बना रहता है।

Simdega News:

Jharkhand समेत देशभर के Important News पायें, Group Join करें

Simdega News: ग्रामीणों ने प्रशासन से की तत्काल कार्रवाई की मांग

भीष्म सिंह की मौत के बाद पूरे गांव में शोक के साथ आक्रोश भी है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि टोंगरीटोली नाले पर शीघ्र पुल का निर्माण कराया जाए ताकि भविष्य में किसी अन्य परिवार को ऐसी त्रासदी का सामना न करना पड़े।

स्थानीय लोगों का कहना है कि विकास केवल योजनाओं की घोषणा तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उसका लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना आवश्यक है। यदि समय पर बुनियादी ढांचे का विकास हो जाए तो ऐसे हादसों को काफी हद तक रोका जा सकता है।

Simdega News: निष्कर्ष

Simdega News की यह घटना केवल एक सड़क या पुल की कमी का मामला नहीं है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं की वास्तविक स्थिति को भी उजागर करती है। भीष्म सिंह की दर्दनाक मौत ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि वर्षों से लंबित विकास कार्यों को आखिर कब तक टाला जाएगा। अब क्षेत्र के लोगों की नजर प्रशासन पर है कि वह इस घटना से सबक लेते हुए टोंगरीटोली नाले पर पुल निर्माण की दिशा में शीघ्र प्रभावी कदम उठाए, ताकि भविष्य में किसी और परिवार को ऐसी अपूरणीय क्षति न झेलनी पड़े।

Jharkhand समेत देशभर के Important News पायें, Group Join करें

Content Edited & Published By
Niraj Kumar Sharma

You may have missed