Jharkhand News: मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन के निर्देश पर ओमान में फंसी सिमडेगा की प्रीति कुजूर की सुरक्षित घर वापसी
Focus Keyword: Jharkhand News
Table of Contents
- मुख्यमंत्री के निर्देश पर हुई त्वरित कार्रवाई
- ओमान में कैसे फंसीं प्रीति कुजूर?
- भारतीय दूतावास और राज्य सरकार के प्रयास
- दस्तावेज वापस मिले, घर लौटने का रास्ता हुआ साफ
- प्रवासी श्रमिकों की सुरक्षा को लेकर सरकार की प्रतिबद्धत
Jharkhand समेत देशभर के Important News पायें, Group Join करें
Jharkhand समेत देशभर के Important News पायें, Group Join करें
Jharkhand News: मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन के निर्देश पर ओमान में फंसी सिमडेगा की प्रीति कुजूर की सुरक्षित घर वापसी
रांची: Jharkhand News के तहत एक राहत भरी खबर सामने आई है। ओमान (मस्कट) में कठिन परिस्थितियों का सामना कर रही झारखंड के सिमडेगा जिले की प्रवासी श्रमिक प्रीति कुजूर की मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन के हस्तक्षेप के बाद सुरक्षित घर वापसी सुनिश्चित हो गई है। श्रम, नियोजन, प्रशिक्षण एवं कौशल विकास विभाग के श्रमायुक्त कार्यालय के अंतर्गत कार्यरत राज्य प्रवासी श्रमिक नियंत्रण कक्ष ने भारतीय दूतावास (मस्कट) के साथ समन्वय स्थापित कर पूरी प्रक्रिया पूरी कराई। प्रीति कुजूर 1 अगस्त 2026 को भारत के लिए रवाना हो चुकी हैं और 2 अगस्त 2026 को झारखंड पहुंचेंगी।
Jharkhand News: मुख्यमंत्री के निर्देश पर प्रशासन ने दिखाई तत्परता
Jharkhand News के अनुसार, सोशल मीडिया पर मामला सामने आने के बाद मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने इसे गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद राज्य प्रवासी श्रमिक नियंत्रण कक्ष सक्रिय हुआ और 23 जून 2026 को मामले को प्रोटेक्टर ऑफ एमिग्रेंट्स (POE), रांची तथा भारतीय दूतावास, मस्कट को भेजा। इसके अगले ही दिन 24 जून 2026 को भारतीय दूतावास ने प्रीति कुजूर से संपर्क स्थापित कर उनकी स्थिति की जानकारी ली और आवश्यक सहायता प्रक्रिया शुरू की।
Jharkhand News: फर्जी एजेंट के झांसे में आकर ओमान पहुंचीं प्रीति
Jharkhand News के अनुसार, सिमडेगा जिले के ठेठईटांगर प्रखंड के मरारोमा गंझूटोली निवासी रंतु कुजूर ने 19 जून 2026 को अपनी बहन प्रीति कुजूर की सुरक्षित वापसी के लिए राज्य सरकार से सहायता मांगी थी।
परिजनों के अनुसार, मार्च 2026 में एक एजेंट ने प्रीति को दुबई में ₹45,000 से ₹50,000 प्रतिमाह वेतन वाली नौकरी का झांसा दिया। लेकिन उन्हें धोखे से ओमान भेज दिया गया, जहां उन्हें केवल ₹23,000 से ₹25,000 प्रतिमाह वेतन पर काम कराया गया। जब उन्होंने भारत लौटने की इच्छा जताई, तो कंपनी मालिक ने भारी रकम की मांग की। परिवार ने ₹1.92 लाख देने के बावजूद उन्हें वापस नहीं भेजा गया।
Jharkhand News: बातचीत से कम हुई राशि, वापस मिले सभी दस्तावेज
मामले में राज्य प्रवासी श्रमिक नियंत्रण कक्ष ने भारतीय दूतावास के माध्यम से कंपनी प्रबंधन से लगातार बातचीत की। कंपनी पहले अनुबंध अवधि पूरी होने से पहले वापसी के लिए 950 ओमानी रियाल की मांग कर रही थी।
सरकारी हस्तक्षेप और दूतावास के प्रयासों के बाद यह राशि घटाकर 600 ओमानी रियाल कर दी गई। निर्धारित राशि जमा होने के बाद कंपनी ने प्रीति कुजूर का पासपोर्ट सहित सभी मूल दस्तावेज वापस कर दिए, जिससे उनकी भारत वापसी का रास्ता साफ हो गया।
Jharkhand समेत देशभर के Important News पायें, Group Join करें
Jharkhand News: प्रमुख घटनाक्रम एक नजर में
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| पीड़ित प्रवासी श्रमिक | प्रीति कुजूर |
| गृह जिला | सिमडेगा, झारखंड |
| विदेश | ओमान (मस्कट) |
| नौकरी का झांसा | दुबई में ₹45,000-₹50,000 प्रतिमाह |
| वास्तविक वेतन | ₹23,000-₹25,000 प्रतिमाह |
| परिवार से ली गई राशि | ₹1.92 लाख |
| कंपनी की शुरुआती मांग | 950 ओमानी रियाल |
| बातचीत के बाद राशि | 600 ओमानी रियाल |
| भारत के लिए रवाना | 1 अगस्त 2026 |
| झारखंड आगमन | 2 अगस्त 2026 |
Jharkhand News: प्रवासी श्रमिकों की सुरक्षा के लिए सरकार की प्रतिबद्धता
राज्य सरकार ने कहा है कि मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन के नेतृत्व में झारखंड सरकार देश और विदेश में कार्यरत प्रवासी श्रमिकों की सुरक्षा, अधिकारों और सम्मान की रक्षा के लिए लगातार कार्य कर रही है। किसी भी प्रकार की परेशानी की स्थिति में राज्य प्रवासी श्रमिक नियंत्रण कक्ष और संबंधित विभाग त्वरित सहायता उपलब्ध कराने के लिए सक्रिय हैं।
सरकार ने प्रवासी श्रमिकों से अपील की है कि विदेश में रोजगार के लिए जाने से पहले केवल अधिकृत एजेंसियों और वैध भर्ती प्रक्रियाओं का ही पालन करें, ताकि धोखाधड़ी से बचा जा सके।
Jharkhand समेत देशभर के Important News पायें, Group Join करें
Jharkhand News: निष्कर्ष
Jharkhand News के तहत सिमडेगा की प्रीति कुजूर की सुरक्षित वापसी राज्य सरकार, भारतीय दूतावास और राज्य प्रवासी श्रमिक नियंत्रण कक्ष के समन्वित प्रयासों का सकारात्मक उदाहरण है। यह मामला न केवल प्रवासी श्रमिकों की सुरक्षा के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है, बल्कि विदेश में रोजगार के नाम पर होने वाली धोखाधड़ी के प्रति सतर्क रहने का भी संदेश देता है।
Jharkhand समेत देशभर के Important News पायें, Group Join करें
Content Edited & Published By
Niraj Kumar Sharma