ईरान-अमेरिका युद्ध पर प्रधानमंत्री की चुप्पी समझ से परे, कांग्रेस ने पीएम मोदी को बताया विश्वचेला
Iran America War
नई दिल्ली, 5 मार्च 2026 : Iran America War को लेकर देश की राजनीति में बयानबाज़ी तेज हो गई है। Pawan Khera, जो Indian National Congress के मीडिया एवं पब्लिसिटी विभाग के चेयरमैन हैं, ने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री पर तीखा हमला बोला।
उन्होंने कहा कि भारत की विदेश नीति में कभी “वसुधैव कुटुम्बकम” और “अतिथि देवो भव” जैसे सिद्धांत दिखाई देते थे, लेकिन मौजूदा समय में इन मूल्यों का पालन नहीं हो रहा है। खेड़ा के मुताबिक प्रधानमंत्री की चुप्पी अंतरराष्ट्रीय संकट के समय कई सवाल खड़े कर रही है।
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48 घंटे में बदल गया पश्चिम एशिया का माहौल
कांग्रेस नेता ने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi की हालिया Israel यात्रा के 48 घंटे के भीतर ही United States और इज़राइल ने Iran के खिलाफ सैन्य कार्रवाई शुरू कर दी।
खेड़ा ने दावा किया कि यह कार्रवाई बिना औपचारिक युद्ध घोषणा और बिना अमेरिकी कांग्रेस की मंजूरी के हुई, इसलिए इसे अंतरराष्ट्रीय कानून के नजरिए से गंभीर घटना माना जा रहा है। उन्होंने कहा कि इसी घटनाक्रम के दौरान ईरान के सर्वोच्च नेता Ali Khamenei की हत्या की खबर भी सामने आई, जिस पर भारत सरकार की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई।
भारत की विदेश नीति पर उठे सवाल
प्रेस वार्ता में कांग्रेस ने कहा कि भारत पहले वैश्विक मंच पर नैतिक नेतृत्व की भूमिका निभाता था, लेकिन Iran America War के दौरान भारत की ओर से किसी भी तरह की स्पष्ट प्रतिक्रिया नहीं आना चिंता का विषय है।
खेड़ा ने कहा कि कई देश इस संघर्ष पर अपनी राय दे चुके हैं, लेकिन भारत की चुप्पी से यह संदेश जा रहा है कि सरकार अंतरराष्ट्रीय दबाव में है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत और ईरान के बीच हजारों वर्षों से सांस्कृतिक और ऐतिहासिक संबंध रहे हैं, जिन्हें नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ संकट और भारत पर असर
कांग्रेस ने चेतावनी दी कि Iran America War का सीधा असर भारत की अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है। खेड़ा के अनुसार ईरान ने Strait of Hormuz को कई देशों के लिए बंद कर दिया है, जबकि यह मार्ग भारत के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।
उनका दावा है कि इस मार्ग से भारत के लगभग आधे तेल और एलएनजी की आपूर्ति होती है। मौजूदा हालात में भारत के करीब 38 जहाज़, 1100 भारतीय नाविक और लगभग 10,000 करोड़ रुपये की शिपिंग संपत्ति प्रभावित हो सकती है।
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तेल भंडार को लेकर भी उठे सवाल
कांग्रेस नेता ने कहा कि कुछ समय पहले पेट्रोलियम मंत्री Hardeep Singh Puri ने संसद में बताया था कि भारत के पास लगभग 74 दिनों का पेट्रोलियम भंडार है, लेकिन अब सरकार कह रही है कि सिर्फ 25 दिनों का स्टॉक बचा है।
खेड़ा ने सवाल उठाया कि यदि युद्ध शुरू हुए केवल कुछ दिन ही हुए हैं, तो इतने बड़े अंतर की वजह क्या है। उन्होंने कहा कि या तो भंडार में भारी कमी आई है या फिर संसद को गलत जानकारी दी गई।
महंगाई और मंदी का खतरा
कांग्रेस का कहना है कि Iran America War के चलते वैश्विक सप्लाई चेन प्रभावित हो सकती है। इसका असर भारत में ईंधन, खाद और खाद्य पदार्थों की कीमतों पर पड़ सकता है।
खेड़ा ने कहा कि यदि ऊर्जा आपूर्ति बाधित हुई तो उद्योग, कृषि और परिवहन क्षेत्र पर व्यापक असर पड़ेगा और देश में आर्थिक दबाव बढ़ सकता है।
सरकार से स्पष्ट रुख की मांग
प्रेस वार्ता के अंत में कांग्रेस ने सरकार से मांग की कि भारत को अंतरराष्ट्रीय संकट के समय स्पष्ट और स्वतंत्र विदेश नीति का प्रदर्शन करना चाहिए। पार्टी ने कहा कि Iran America War जैसे मुद्दों पर भारत को अपनी आर्थिक और रणनीतिक हितों को ध्यान में रखते हुए सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।