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Jharkhand News: धनबाद नगर निगम में असंतोष, मेयर संजीव सिंह से नाराज़ हुए वार्ड पार्षद

Jharkhand News: धनबाद नगर निगम में मेयर और वार्ड पार्षदों के बीच बढ़ती दूरी अब खुलकर सामने आने लगी है। नगर निगम चुनाव को चार महीने से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन जमीनी स्तर पर विकास कार्यों की रफ्तार बेहद धीमी है। फरवरी 2026 में हुए चुनाव में Sanjeev Singh को मेयर चुना गया था। शुरुआती उम्मीदों के विपरीत अब कई वार्ड पार्षदों में नाराजगी देखी जा रही है, जिसका मुख्य कारण विकास योजनाओं में देरी और संवाद की कमी बताया जा रहा है।

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Jharkhand News:विकास कार्यों पर ब्रेक, जनता में भी बढ़ी बेचैनी

नगर निगम चुनाव के दौरान शहर में सड़क, नाली, स्ट्रीट लाइट, कचरा प्रबंधन और जल आपूर्ति जैसे बुनियादी मुद्दों पर बड़े वादे किए गए थे। लेकिन चार महीने बीत जाने के बाद भी अधिकांश वार्डों में इन योजनाओं की शुरुआत तक नहीं हो पाई है। पार्षदों का कहना है कि वे लगातार अपने क्षेत्रों की समस्याओं को निगम स्तर पर उठा रहे हैं, लेकिन मेयर कार्यालय से उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिल रहा।

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Jharkhand News:पार्षदों की शिकायत – “सुनवाई नहीं हो रही”

कई वार्ड पार्षदों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि मेयर से मुलाकात के लिए समय मिलना भी मुश्किल हो गया है। उनका आरोप है कि फैसले बिना पार्षदों से सलाह लिए जा रहे हैं, जबकि नगर निगम अधिनियम के अनुसार वार्ड प्रतिनिधियों की भूमिका बेहद अहम होती है। पार्षदों का मानना है कि अगर इसी तरह संवादहीनता बनी रही तो इसका सीधा असर निगम की कार्यक्षमता पर पड़ेगा।

Jharkhand News:विपक्ष को मिला मुद्दा

धनबाद नगर निगम की इस अंदरूनी खींचतान ने विपक्ष को भी हमला बोलने का मौका दे दिया है। विपक्षी दलों का आरोप है कि सत्ता में आने के बाद मेयर और उनकी टीम केवल प्रशासनिक बैठकों तक सीमित रह गई है। शहर की साफ-सफाई, ट्रैफिक व्यवस्था और पेयजल संकट जैसे मुद्दे जस के तस बने हुए हैं। विपक्ष इसे जनता के साथ किया गया वादा-खिलाफी बता रहा है।

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Jharkhand News:जनता की अपेक्षाएं और हकीकत

नगर निगम चुनाव के समय नागरिकों ने बड़े बदलाव की उम्मीद की थी। खासकर बरसात से पहले नालियों की सफाई, सड़कों की मरम्मत और जलजमाव की समस्या से राहत की मांग प्रमुख थी। लेकिन अभी तक हालात में कोई खास सुधार नजर नहीं आ रहा। इससे आम लोगों में भी असंतोष बढ़ रहा है, जिसका दबाव सीधे पार्षदों पर पड़ रहा है।

Jharkhand News:मेयर पक्ष का तर्क

मेयर समर्थकों का कहना है कि नगर निगम की कार्यप्रणाली को पटरी पर लाने में समय लगता है। उनका तर्क है कि वित्तीय प्रक्रियाएं, टेंडर और प्रशासनिक स्वीकृतियों के कारण विकास योजनाओं में देरी हो रही है। साथ ही यह भी दावा किया जा रहा है कि आने वाले महीनों में कई बड़े प्रोजेक्ट्स की शुरुआत होगी, जिससे स्थिति में सुधार आएगा।

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Jharkhand News:संगठनात्मक तालमेल की जरूरत

विशेषज्ञों का मानना है कि नगर निगम को सुचारू रूप से चलाने के लिए मेयर, पार्षद और प्रशासन के बीच बेहतर तालमेल जरूरी है। यदि आपसी संवाद मजबूत नहीं हुआ तो विकास की रफ्तार प्रभावित हो सकती है। धनबाद जैसे बड़े औद्योगिक शहर में यह स्थिति लंबे समय तक बनी रही तो शहरी सुविधाओं पर इसका नकारात्मक असर पड़ना तय है।

Jharkhand News:आगे की राह

फिलहाल यह देखना अहम होगा कि मेयर और पार्षदों के बीच बढ़ी यह दूरी कैसे कम होती है। यदि समय रहते संवाद स्थापित नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में यह असंतोष खुला विरोध भी बन सकता है। Jharkhand News के लिहाज से यह मामला इसलिए भी अहम है क्योंकि नगर निगम की कार्यप्रणाली सीधे लाखों नागरिकों की रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़ी हुई है।\

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