Jharkhand SIR: वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने के लिए नहीं बनवाना होगा अलग प्रमाणपत्र, जानिए पूरी जानकारी

ChatGPT Image Sep 6, 2026, 03_10_17 PM

साहिबगंज/रांची: झारखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision-SIR) को लेकर मतदाताओं के लिए महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है। SIR प्रक्रिया के दौरान केवल मतदाता सूची में नाम जुड़वाने या सत्यापन के उद्देश्य से अलग से कोई नया प्रमाणपत्र बनवाने की जरूरत नहीं होगी। चुनावी प्रक्रिया में पहले से उपलब्ध और निर्वाचन आयोग द्वारा मान्य दस्तावेजों के आधार पर ही आवश्यक सत्यापन किया जाएगा।

Jharkhand SIR का उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक सटीक और अद्यतन बनाना है, ताकि पात्र मतदाताओं के नाम सूची में बने रहें और अपात्र, मृत, स्थानांतरित या डुप्लीकेट प्रविष्टियों को नियमानुसार ठीक किया जा सके। जिला प्रशासन और निर्वाचन अधिकारियों की ओर से मतदाताओं से प्रक्रिया में सहयोग करने की अपील की गई है।

SIR के नाम पर अलग प्रमाणपत्र बनवाने की जरूरत नहीं

SIR को लेकर कई मतदाताओं के बीच यह भ्रम बना हुआ है कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण के लिए उन्हें अलग से स्थानीय निवासी, जन्म या अन्य प्रमाणपत्र बनवाना पड़ सकता है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, केवल SIR के लिए अलग से कोई नया प्रमाणपत्र बनवाने की आवश्यकता नहीं है।

हालांकि, जिन मतदाताओं के रिकॉर्ड में आवश्यक जानकारी उपलब्ध नहीं है या जिनके नाम का पुराने रिकॉर्ड से मिलान नहीं हो पा रहा है, उनके मामले में निर्वाचन अधिकारियों की ओर से सत्यापन के दौरान निर्धारित दस्तावेज मांगे जा सकते हैं। इसलिए मतदाताओं को अपने पास उपलब्ध वैध दस्तावेजों को सुरक्षित रखना चाहिए।

पहले चरण में क्या हुआ था?

झारखंड में SIR प्रक्रिया के दौरान पुराने मतदाता रिकॉर्ड और वर्तमान मतदाता सूची के बीच मैपिंग की गई। इसका उद्देश्य यह पता लगाना है कि मौजूदा मतदाताओं का रिकॉर्ड पुराने निर्वाचन रिकॉर्ड से किस तरह जुड़ा हुआ है।

जिन मतदाताओं की मैपिंग सफलतापूर्वक हो चुकी है, उनके लिए प्रक्रिया अपेक्षाकृत आसान रहने की संभावना है। वहीं जिन मतदाताओं का रिकॉर्ड मैप नहीं हो पाया या जिनकी जानकारी में विसंगति पाई गई, उनके मामलों में आगे सत्यापन की प्रक्रिया अपनाई जा सकती है।

साहिबगंज जिले में भी SIR के दौरान बड़ी संख्या में मतदाताओं के रिकॉर्ड में विसंगतियां सामने आई थीं। अगस्त में प्रकाशित जानकारी के अनुसार, जिले में 1,92,089 मतदाताओं को ड्राफ्ट सूची में मौजूद विसंगतियों के संबंध में नोटिस भेजे जाने की प्रक्रिया बताई गई थी।

BLO की भूमिका रहेगी महत्वपूर्ण

Jharkhand SIR में बूथ लेवल ऑफिसर यानी BLO की भूमिका काफी महत्वपूर्ण है। BLO मतदाताओं के विवरण की जांच और आवश्यक फॉर्म की प्रक्रिया में सहायता करते हैं। SIR के दौरान मतदाताओं को अपने नाम, पता और परिवार से जुड़ी जानकारी सही तरीके से उपलब्ध करानी होती है।

जिन लोगों के रिकॉर्ड में किसी तरह की समस्या सामने आती है, उन्हें संबंधित निर्वाचन अधिकारी की ओर से आगे की प्रक्रिया की जानकारी दी जा सकती है। इसलिए मतदाताओं को BLO से मिली सूचना को ध्यान से पढ़ना और निर्धारित समयसीमा के भीतर जरूरी कार्रवाई करना चाहिए।

किन लोगों को दस्तावेज की जरूरत पड़ सकती है?

SIR प्रक्रिया में हर मतदाता से एक जैसे दस्तावेज मांगना जरूरी नहीं है। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, सत्यापन के दौरान केवल चिन्हित मामलों में ही आवश्यक दस्तावेज मांगे जा सकते हैं। जिन मतदाताओं का नाम पुराने SIR रिकॉर्ड में उपलब्ध है, उनके लिए अतिरिक्त दस्तावेज की आवश्यकता अलग परिस्थितियों में ही पड़ सकती है।

वहीं, जिन मतदाताओं या उनके माता-पिता का नाम पुराने रिकॉर्ड में नहीं मिलता, उन्हें निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित दस्तावेजों में से किसी मान्य दस्तावेज की स्व-अभिप्रमाणित प्रति उपलब्ध कराने की जरूरत हो सकती है।

इसलिए केवल अफवाह या किसी अनधिकृत व्यक्ति की सलाह पर नया प्रमाणपत्र बनवाने की जरूरत नहीं है। दस्तावेज से संबंधित कोई समस्या होने पर मतदाता अपने BLO या संबंधित निर्वाचन कार्यालय से जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में नाम जरूर जांचें

SIR के दौरान तैयार होने वाली ड्राफ्ट मतदाता सूची मतदाताओं के लिए बेहद महत्वपूर्ण होती है। सभी पात्र मतदाताओं को सलाह दी जाती है कि वे ड्राफ्ट सूची में अपना नाम, उम्र, पता और अन्य विवरण ध्यानपूर्वक जांचें।

अगर किसी पात्र व्यक्ति का नाम सूची में नहीं है या उसके विवरण में गलती है, तो निर्धारित प्रक्रिया के तहत दावा या आपत्ति दर्ज कराई जा सकती है। इसके लिए निर्वाचन आयोग की आधिकारिक सेवाओं का इस्तेमाल किया जा सकता है। आयोग के नागरिक सेवा पोर्टल पर पुराने SIR रिकॉर्ड में नाम खोजने की सुविधा भी उपलब्ध है।

गलत दस्तावेज देने से बचें

मतदाता सूची का सत्यापन एक आधिकारिक चुनावी प्रक्रिया है। ऐसे में किसी भी तरह का गलत, फर्जी या भ्रामक दस्तावेज जमा करना उचित नहीं है। हाल में झारखंड के संथाल परगना क्षेत्र में कथित फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल से जुड़े मामलों में कार्रवाई की खबर भी सामने आई है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि मतदाता सूची की शुद्धता बनाए रखने के लिए गलत दस्तावेज उपलब्ध कराने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

इसलिए मतदाताओं को केवल वास्तविक और वैध दस्तावेजों का ही इस्तेमाल करना चाहिए। किसी एजेंट या अनधिकृत व्यक्ति को व्यक्तिगत दस्तावेज देने से पहले भी सावधानी बरतनी चाहिए।

मतदाताओं के लिए जरूरी संदेश

Jharkhand SIR का मुख्य उद्देश्य मतदाता सूची को व्यवस्थित, सही और विश्वसनीय बनाना है। ऐसे में मतदाताओं को घबराने के बजाय आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करना चाहिए। केवल SIR के नाम पर अलग प्रमाणपत्र बनवाने की जरूरत नहीं है। यदि किसी मतदाता के मामले में अतिरिक्त सत्यापन आवश्यक होगा, तो निर्वाचन प्रक्रिया के तहत संबंधित अधिकारी इसकी जानकारी देंगे।

साहिबगंज जिला प्रशासन की वेबसाइट पर भी SIR से संबंधित जानकारी और निर्वाचन कार्यालय से जुड़े संसाधन उपलब्ध कराए गए हैं।

निष्कर्ष: Jharkhand SIR के दौरान मतदाताओं को अपने रिकॉर्ड की जांच करनी चाहिए, BLO से संपर्क बनाए रखना चाहिए और केवल निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित प्रक्रिया का पालन करना चाहिए। सबसे जरूरी बात यह है कि केवल SIR के लिए अलग से प्रमाणपत्र बनवाने की अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी दस्तावेज की आवश्यकता होने पर आधिकारिक निर्वाचन अधिकारी से पुष्टि करें।

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