24 घंटे में 6 नए स्वाइन फ्लू मरीज मिले, Jharkhand Swine Flu 2026 को लेकर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट; सभी जिलों में जल्द होगी जांच, 1000 PG डॉक्टरों की होगी नियुक्ति

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रांची, 3 सितंबर 2026। झारखंड में स्वाइन फ्लू के बढ़ते मामलों के बीच स्वास्थ्य विभाग ने जांच और उपचार की व्यवस्था को राज्यभर में मजबूत करने की तैयारी शुरू कर दी है। Jharkhand Swine Flu 2026 को लेकर विभाग ने सभी जिलों में स्वाइन फ्लू की जांच सुविधा जल्द शुरू कराने के निर्देश दिए हैं। रांची स्थित रिम्स में पिछले 24 घंटे के दौरान छह नए स्वाइन फ्लू पॉजिटिव मरीज सामने आए हैं। हालांकि, इन मरीजों में किसी को भी फिलहाल अस्पताल में भर्ती करने की आवश्यकता नहीं पड़ी है।

स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह की अध्यक्षता में स्वास्थ्य विभाग और राष्ट्रीय स्वास्थ्य अभियान (NHM) से जुड़े कार्यक्रमों की समीक्षा की गई। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हुई बैठक में राज्य में स्वाइन फ्लू की स्थिति, जांच सुविधाओं, स्वास्थ्यकर्मियों की उपलब्धता और अस्पतालों की तैयारियों की समीक्षा की गई। सभी जिलों से संक्रमण की स्थिति और जांच व्यवस्था की जानकारी भी ली गई।

Jharkhand Swine Flu 2026: सभी जिलों में जल्द शुरू होगी जांच

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार वर्तमान में स्वाइन फ्लू की जांच की सुविधा रांची सदर अस्पताल, रिम्स और जमशेदपुर के एमजीएम अस्पताल में उपलब्ध है। अब विभाग का लक्ष्य राज्य के सभी जिलों में जांच सुविधा उपलब्ध कराना है। जिन जिलों में अभी जांच की व्यवस्था नहीं है, वहां सिविल सर्जनों को जल्द आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं।

जांच व्यवस्था की समीक्षा के दौरान आरटी-पीसीआर मशीनों की उपलब्धता, खराब मशीनों की मरम्मत और जांच किट की स्थिति पर भी चर्चा हुई। जिन जिलों में आरटी-पीसीआर मशीन उपलब्ध नहीं है, वहां मशीन खरीदने के लिए तत्काल प्रस्ताव भेजने को कहा गया है। जरूरत पड़ने पर तकनीशियनों और पैथोलॉजिस्ट को रिम्स या सदर अस्पताल में प्रशिक्षण दिलाने की व्यवस्था भी की जाएगी।

इसके अलावा ट्रूनेट मशीनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया है। स्थानीय स्तर पर जांच की सुविधा बढ़ने से संदिग्ध मरीजों की पहचान जल्द करने और उन्हें समय पर उपचार उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।

रिम्स में 24 घंटे में मिले छह नए स्वाइन फ्लू मरीज

Jharkhand Swine Flu 2026 के बीच रांची के राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) में पिछले 24 घंटे में छह नए स्वाइन फ्लू मरीजों की पुष्टि हुई है। हालांकि, फिलहाल किसी भी मरीज को अस्पताल में भर्ती करने की आवश्यकता नहीं पड़ी है।

रिम्स प्रशासन के अनुसार स्वाइन फ्लू के शुरुआती लक्षण सामने आने पर लोगों को अनावश्यक रूप से घबराने की जरूरत नहीं है। मरीज की स्थिति और लक्षणों के आधार पर उपचार किया जाता है। वहीं, गंभीर लक्षण वाले मरीजों के लिए अस्पताल में उपचार और निगरानी की व्यवस्था की गई है।

रिम्स में स्वाइन फ्लू संक्रमित और संदिग्ध मरीजों के लिए अलग आइसोलेशन वार्ड भी तैयार रखा गया है। आवश्यकता पड़ने पर मरीजों को इस वार्ड में भर्ती कर उपचार और निगरानी की जाएगी।

रांची सदर अस्पताल में भी शुरू होगी स्वाइन फ्लू जांच

राजधानी रांची में स्वाइन फ्लू जैसे लक्षणों वाले मरीजों की संख्या को देखते हुए सदर अस्पताल में भी जांच सुविधा शुरू करने की तैयारी की गई है। अस्पताल प्रबंधन की ओर से जांच के लिए आवश्यक किट की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है।

पिछले कुछ दिनों से बुखार, खांसी, सर्दी और सांस लेने में परेशानी जैसे लक्षणों वाले मरीज अस्पताल पहुंच रहे हैं। ऐसे मरीजों की चिकित्सकीय जांच के बाद आवश्यकता के अनुसार स्वाइन फ्लू की जांच कराई जाएगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे के उपचार और निगरानी की व्यवस्था की जाएगी।

सदर अस्पताल में जांच सुविधा शुरू होने से रांची में संदिग्ध मरीजों के लिए जांच का एक अतिरिक्त केंद्र उपलब्ध होगा। इससे रिम्स पर जांच का दबाव कम करने के साथ मरीजों को स्थानीय स्तर पर सुविधा उपलब्ध कराने में मदद मिलने की उम्मीद है।

Jharkhand Swine Flu 2026 के बीच जांच किट का स्टॉक बढ़ाने की तैयारी

स्वाइन फ्लू के बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग जांच किट का पर्याप्त स्टॉक बनाए रखने पर भी जोर दे रहा है। रिम्स में अतिरिक्त जांच किट उपलब्ध कराने की तैयारी की जा रही है, ताकि आने वाले दिनों में संदिग्ध मरीजों की संख्या बढ़ने पर जांच व्यवस्था प्रभावित न हो।

स्वास्थ्य विभाग की तैयारी केवल मौजूदा मामलों तक सीमित नहीं है। संभावित रूप से बढ़ने वाले मामलों को ध्यान में रखते हुए जांच मशीन, किट, दवाओं, बेड और मेडिकल स्टाफ की उपलब्धता की भी समीक्षा की जा रही है।

डॉक्टरों की कमी दूर करने के लिए आएंगे करीब 1000 PG डॉक्टर

Jharkhand Swine Flu 2026 के बीच राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने के लिए चिकित्सकों की कमी दूर करने पर भी काम किया जा रहा है। अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने बताया कि झारखंड में डॉक्टरों की कमी को कम करने के लिए दक्षिण भारत से करीब 1,000 PG डॉक्टर लाने का प्रयास किया जा रहा है।

इसके लिए दक्षिण भारत के चार शहरों के संस्थानों से संपर्क किए जाने की जानकारी दी गई है। स्वास्थ्य विभाग की टीम जल्द वहां जाकर डॉक्टरों के चयन की प्रक्रिया को आगे बढ़ा सकती है।

चयनित पीजी डॉक्टरों को राज्य के अलग-अलग अस्पतालों में जरूरत के अनुसार तैनात किया जाएगा। अस्पतालों में चिकित्सकों के पदों का निर्धारण संबंधित सिविल सर्जनों से प्राप्त सुझावों और स्थानीय आवश्यकता के आधार पर किया जाएगा। इससे जिला स्तर पर चिकित्सा सेवाओं को मजबूत करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

हर विधानसभा क्षेत्र में एक CHC को अपग्रेड करने की तैयारी

स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक में प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में एक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) को अपग्रेड करने के प्रस्ताव पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों को इन स्वास्थ्य केंद्रों में आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं विकसित करने के निर्देश दिए गए हैं।

इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करना है। बेहतर स्थानीय स्वास्थ्य ढांचा होने से मरीजों को छोटी-बड़ी स्वास्थ्य समस्याओं के लिए तत्काल बड़े अस्पतालों पर निर्भर रहने की आवश्यकता कम हो सकती है।

स्वाइन फ्लू जैसी संक्रामक बीमारी के मामलों में भी मजबूत स्थानीय स्वास्थ्य व्यवस्था शुरुआती जांच, निगरानी और उपचार में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

125 स्थानों पर HPLC मशीन लगाने की योजना

स्वास्थ्य विभाग ने राज्य में 125 स्थानों पर HPLC मशीन उपलब्ध कराने की योजना पर भी चर्चा की है। इसके साथ ही स्वास्थ्य व्यवस्था से जुड़े सहिया और एमपीडब्ल्यू को आवश्यक प्रशिक्षण देने की तैयारी है।

प्रस्ताव के अनुसार प्रत्येक सब-सेंटर पर बेहतर शैक्षणिक योग्यता वाली दो सहियाओं का चयन कर उन्हें छह महीने का प्रशिक्षण दिया जा सकता है। प्रशिक्षण के बाद उन्हें ब्लड कलेक्शन और ड्रेसिंग जैसे कार्यों में सहयोग करने के लिए तैयार किया जाएगा।

एमपीडब्ल्यू को भी आवश्यक प्रशिक्षण देने की योजना पर काम किया जा रहा है। इसका उद्देश्य प्राथमिक स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत करना है।

स्वास्थ्य विभाग की निगरानी व्यवस्था होगी मजबूत

Jharkhand Swine Flu 2026 को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी व्यवस्था को भी मजबूत करने पर जोर दिया है। सभी जिलों में एचएमआईएस को पूरी तरह सक्रिय करने और जरूरत के अनुसार स्वास्थ्यकर्मियों को प्रशिक्षण देने के निर्देश दिए गए हैं।

इसके अलावा अस्पतालों और महत्वपूर्ण स्थानों पर सीसीटीवी लगाने की योजना की भी समीक्षा की गई है। संबंधित एजेंसी को जिलों का दौरा कर कैमरे लगाने के लिए आवश्यक स्थानों की पहचान करने और आगे की योजना तैयार करने को कहा गया है।

स्वाइन फ्लू के बढ़ते मामलों के बीच स्वास्थ्य विभाग की मौजूदा रणनीति जांच सुविधा का विस्तार, अस्पतालों में पर्याप्त संसाधनों की उपलब्धता और चिकित्सकीय मानव संसाधन को मजबूत करने पर केंद्रित है। सभी जिलों में जांच सुविधा उपलब्ध होने के बाद संदिग्ध मरीजों की पहचान और उपचार की प्रक्रिया को स्थानीय स्तर पर और प्रभावी बनाने में मदद मिल सकती है।

स्वास्थ्य विभाग की ओर से अस्पतालों को संदिग्ध मरीजों की समय पर जांच और उपचार सुनिश्चित करने पर जोर दिया जा रहा है। लोगों से भी अपील की जा रही है कि बुखार, खांसी, गले में खराश या सांस लेने में परेशानी जैसे लक्षण होने पर समय पर चिकित्सकीय सलाह लें और बिना डॉक्टर की सलाह के दवा लेने से बचें।

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