महिला किसानों के आर्थिक सशक्तिकरण का नया अध्याय लिखेगी Mahila Kisaan Khushali Yojana : मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की

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रांची, 3 सितंबर 2026

Mahila Kisaan Khushali Yojana को लेकर राज्य स्तरीय हितधारक परामर्श कार्यशाला

रांची के होटल रेडिशन ब्लू में गुरुवार को कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग की ओर से ‘महिला किसान खुशहाली योजना–2026-27’ (Mahila Kisaan Khushali Yojana) को लेकर राज्य स्तरीय हितधारक परामर्श कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में विभाग के वरीय पदाधिकारियों, जेएसएलपीएस, कृषि एवं ग्रामीण विकास क्षेत्र से जुड़ी संस्थाओं, तकनीकी एवं शोध संस्थानों के प्रतिनिधियों, विशेषज्ञों, प्रगतिशील महिला किसानों, किसान प्रतिनिधियों तथा स्वयं सहायता समूहों की सहभागिता रही। सभी प्रतिभागियों ने Mahila Kisaan Khushali Yojana को अधिक प्रभावी एवं जमीनी जरूरतों के अनुरूप बनाने के लिए अपने महत्वपूर्ण सुझाव साझा किए।

इस अवसर पर कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि ‘महिला किसान खुशहाली योजना’ (Mahila Kisaan Khushali Yojana) झारखंड की महिला किसानों के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी। राज्य सरकार का उद्देश्य केवल महिला किसानों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि उन्हें समेकित एवं टिकाऊ कृषि प्रणाली से जोड़कर उनकी आय में स्थायी वृद्धि करना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है।

Mahila Kisaan Khushali Yojana में समेकित कृषि प्रणाली पर जोर

मंत्री ने कहा कि बदलते मौसम और जलवायु परिवर्तन का सबसे अधिक प्रभाव कृषि क्षेत्र पर पड़ रहा है। झारखंड में बड़ी संख्या में किसान अभी भी एक प्रमुख फसल पर निर्भर हैं। ऐसे में किसी एक फसल पर मौसम की मार पड़ने से उनकी पूरी आय प्रभावित हो जाती है। इस चुनौती से निपटने के लिए पारंपरिक एकल फसल आधारित खेती से आगे बढ़कर समेकित कृषि प्रणाली (Integrated Farming System) को अपनाना जरूरी है, जिसमें फसल उत्पादन के साथ पशुपालन, बागवानी, मत्स्यपालन, कुक्कुट पालन एवं अन्य संबद्ध गतिविधियों को जोड़ा जा सके।

उन्होंने कहा कि इसी उद्देश्य से Mahila Kisaan Khushali Yojana को चरणबद्ध तरीके से लागू करने की परिकल्पना की गई है। योजना के तहत महिला किसानों और महिला स्वयं सहायता समूहों को समेकित कृषि मॉडल विकसित करने के लिए सहायता प्रदान की जाएगी। चयनित महिला किसान को लगभग 7 लाख रुपये तक की सहायता उपलब्ध कराने का प्रावधान प्रस्तावित है। आने वाले पांच वर्षों में चरणबद्ध तरीके से लगभग 1,680 महिला किसानों के सफल एवं टिकाऊ समेकित कृषि मॉडल विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है।

Mahila Kisaan Khushali Yojana में सही लाभुक चयन पर जोर

मंत्री ने कहा कि किसी भी योजना की सफलता केवल बजट और वित्तीय सहायता से तय नहीं होती, बल्कि यह इस बात पर निर्भर करती है कि सही लाभुक का चयन कैसे किया गया, उसके लिए परियोजना का स्वरूप कितना व्यवहारिक है और उपलब्ध संसाधनों का उपयोग किस प्रकार किया जाता है। इसी उद्देश्य से Mahila Kisaan Khushali Yojana को अंतिम रूप देने से पहले व्यापक हितधारक परामर्श किया जा रहा है, ताकि विशेषज्ञों और महिला किसानों के अनुभवों को योजना की रूपरेखा में शामिल किया जा सके।

उन्होंने कहा कि योजना में आदिवासी, पिछड़े एवं वंचित वर्गों की महिला किसानों को विशेष प्राथमिकता देने पर ध्यान रहेगा। चयन प्रक्रिया को पारदर्शी, समावेशी और जरूरत आधारित बनाया जाएगा, ताकि योजनाओं का लाभ उन महिलाओं तक पहुंचे, जिन्हें इसकी वास्तविक आवश्यकता है।

Mahila Kisaan Khushali Yojana के क्रियान्वयन ढांचे पर चर्चा

कार्यशाला में योजना के मसौदा दिशा-निर्देशों, लाभार्थियों की पात्रता एवं चयन प्रक्रिया, वित्तीय सहायता और फंड प्रवाह, जिला स्तर पर क्रियान्वयन, निगरानी व्यवस्था तथा स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप उपयुक्त कृषि मॉडल विकसित करने सहित विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई। हितधारकों से प्राप्त सुझावों के आधार पर Mahila Kisaan Khushali Yojana के डिजाइन और क्रियान्वयन ढांचे को और प्रभावी बनाया जाएगा।

कार्यशाला में कृषि विभाग के विशेष सचिव गोपाल जी तिवारी, जेएसएलपीएस की सीईओ अनन्या मित्तल, कृषि निदेशक विद्यानंद पंकज, पशुपालन निदेशक रोबिन टोप्पो, उद्यान निदेशक प्रवीण केरकेट्टा, निदेशक भूमसंरक्षण विकास कुमार सहित विभाग के सभी वरीय पदाधिकारी एवं निदेशक उपस्थित रहे। इसके अलावा बिरसा कृषि विश्वविद्यालय, ICAR संस्थानों, कृषि विज्ञान केंद्र, ATMA, NABARD, NCDC, JSLPS, महिला स्वयं सहायता समूहों, प्रगतिशील एवं जनजातीय महिला किसानों तथा विकास एवं नागरिक समाज संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी कार्यशाला में भाग लिया।

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