JPSC JSSC: हाईकोर्ट का सख्त रुख, सरकार को जवाब के लिए सिर्फ 2 दिन; 18 सितंबर को फिर होगी सुनवाई
JPSC JSSC Latest Update: झारखंड में सरकारी भर्ती परीक्षाओं को लेकर चल रहे विवाद के बीच झारखंड हाईकोर्ट ने राज्य सरकार के रुख पर नाराजगी जताई है। JPSC और JSSC से जुड़ी भर्ती रद्द करने के मामलों की सुनवाई के दौरान अदालत ने सरकार को जवाब दाखिल करने के लिए लंबा समय देने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने सरकार को अधिकतम दो दिन की मोहलत दी है। अब इन मामलों पर अगली सुनवाई 18 सितंबर 2026 को सुबह 10:30 बजे होगी।
जस्टिस दीपक रोशन की अदालत ने सुनवाई के दौरान कहा कि लंबे समय से लंबित मामलों में बार-बार समय मांगना उचित नहीं है। राज्य सरकार की ओर से जांच जारी होने का हवाला देते हुए अतिरिक्त समय मांगा गया था, लेकिन अदालत ने इसे स्वीकार नहीं किया। सरकार को निर्धारित समय के भीतर अपना जवाब दाखिल करना होगा।
JPSC JSSC मामले में हाईकोर्ट ने क्या कहा?
मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने भर्ती विवाद से जुड़े मामलों को व्यापक रूप से दो श्रेणियों में देखा। पहली श्रेणी में वे मामले हैं, जिनमें सरकार की ओर से भर्ती विज्ञापन या परीक्षा को रद्द करने का फैसला लिया गया है। दूसरी श्रेणी में ऐसे मामले आते हैं, जहां चयन प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, लेकिन सफल अभ्यर्थियों को नियुक्ति नहीं दी गई है।
हाईकोर्ट ने माना कि दोनों प्रकार के मामलों का सीधा प्रभाव बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के भविष्य पर पड़ रहा है। ऐसे में मामलों को अनिश्चित समय तक लंबित रखना उचित नहीं होगा। इसी वजह से अदालत ने सरकार को जवाब दाखिल करने के लिए केवल दो दिन का समय दिया है।
सरकार ने मांगा था ज्यादा समय
सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से महाधिवक्ता रोहितश्व रॉय ने अदालत को बताया कि भर्ती मामलों से संबंधित CID जांच जारी है। इसी आधार पर सरकार ने अपना जवाब तैयार करने के लिए अतिरिक्त समय मांगा।
रिपोर्ट के अनुसार, सरकार की ओर से करीब एक महीने का अतिरिक्त समय मांगा गया था। हालांकि, अदालत ने इतनी लंबी मोहलत देने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि पहले भी जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया जा चुका था और निर्धारित समय में जवाब नहीं आने के कारण अब और देरी स्वीकार नहीं की जाएगी।
किन भर्तियों पर हाईकोर्ट की रोक बरकरार?
हाईकोर्ट ने अपने पहले के अंतरिम आदेश को जारी रखते हुए कुछ प्रमुख भर्ती मामलों में सरकार की रद्दीकरण संबंधी अधिसूचनाओं के क्रियान्वयन पर रोक बरकरार रखी है।
इनमें मुख्य रूप से शामिल हैं:
- JPSC 11वीं से 13वीं संयुक्त सिविल सेवा प्रतियोगिता परीक्षा
- JSSC CGL-2023
- CDPO भर्ती परीक्षा
- Food Safety Officer (FSO) भर्ती
इसका मतलब यह है कि अगला आदेश आने तक इन भर्तियों को रद्द करने से संबंधित सरकारी अधिसूचनाओं को लागू नहीं किया जा सकेगा।
Jharkhand समेत देशभर के Important News पायें, Group Join करें
अभ्यर्थियों ने भी उठाए सवाल
इन भर्ती मामलों को लेकर याचिकाकर्ताओं की ओर से भी अदालत में कई महत्वपूर्ण दलीलें रखी गईं। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया पूरी होने और कई अभ्यर्थियों को नियुक्ति मिलने के बाद अचानक संबंधित विज्ञापनों या परीक्षाओं को रद्द करने का निर्णय लिया गया।
याचिकाकर्ताओं ने अदालत के सामने यह सवाल भी रखा कि यदि सरकार के पास भर्ती प्रक्रिया में अनियमितता से जुड़े पर्याप्त आधार या साक्ष्य हैं, तो उन्हें न्यायालय के रिकॉर्ड पर रखा जाना चाहिए। केवल जांच जारी होने के आधार पर लगातार समय मांगने से अभ्यर्थियों की स्थिति अनिश्चित बनी रहती है।
JSSC CGL-2023 मामले में भी सुनवाई
JSSC CGL-2023 को रद्द करने के सरकारी फैसले को भी अदालत में चुनौती दी गई है। इसके अलावा CDPO भर्ती और Food Safety Officer भर्ती से संबंधित मामलों में भी अलग-अलग याचिकाएं दायर की गई हैं।
वहीं JPSC की 11वीं से 13वीं संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा से संबंधित विज्ञापन को रद्द करने के फैसले के खिलाफ भी अभ्यर्थियों ने न्यायालय का रुख किया है। इन सभी मामलों को एक साथ सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया गया है।
हजारों अभ्यर्थियों की नजर 18 सितंबर की सुनवाई पर
अब 18 सितंबर 2026 की सुनवाई बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। अदालत ने राज्य सरकार को दो दिन के भीतर जवाब दाखिल करने को कहा है। इसके बाद अगली सुनवाई में सरकार का पक्ष, जांच से जुड़ी जानकारी और याचिकाकर्ताओं की दलीलों पर आगे विचार किया जाएगा।
भर्ती विवाद का असर केवल परीक्षा देने वाले अभ्यर्थियों तक सीमित नहीं है, बल्कि उन उम्मीदवारों पर भी पड़ रहा है जिन्होंने चयन प्रक्रिया पूरी कर ली है या नियुक्ति प्राप्त कर ली थी। इसलिए अगली सुनवाई के आदेश से इन भर्तियों के भविष्य को लेकर स्थिति कुछ और स्पष्ट होने की उम्मीद है।
अभ्यर्थियों के लिए क्या मायने रखता है?
JPSC और JSSC की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए यह मामला इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि भर्ती परीक्षाओं से जुड़े फैसले सीधे परीक्षा, चयन और नियुक्ति प्रक्रिया को प्रभावित कर सकते हैं। हालांकि, हाईकोर्ट का मौजूदा आदेश सभी विवादित भर्ती परीक्षाओं पर अंतिम फैसला नहीं है। यह फिलहाल संबंधित सरकारी अधिसूचनाओं के क्रियान्वयन पर अंतरिम राहत से जुड़ा है।
अभ्यर्थियों को सलाह है कि वे सोशल मीडिया पर वायरल हो रही अपुष्ट जानकारी के बजाय अदालत के आदेश और संबंधित सरकारी विभागों की आधिकारिक सूचनाओं को प्राथमिकता दें।
निष्कर्ष
JPSC JSSC Latest Update में झारखंड हाईकोर्ट ने भर्ती रद्दीकरण से जुड़े मामलों में राज्य सरकार के प्रति सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने सरकार को जवाब दाखिल करने के लिए केवल दो दिन का समय दिया है और 11वीं से 13वीं JPSC, JSSC CGL-2023, CDPO तथा Food Safety Officer से जुड़े रद्दीकरण आदेशों पर लगी रोक को फिलहाल बरकरार रखा है। अब अगली सुनवाई 18 सितंबर 2026 को सुबह 10:30 बजे होगी। हजारों अभ्यर्थियों की नजर इस सुनवाई पर टिकी हुई है।